टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत पर दक्षिण अफ़्रीका के मीडिया में चर्चा गर्म, कप्तान मारक्रम खुलकर बोले

दक्षिण अफ़्रीका

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, हार के बाद दक्षिण अफ़्रीका की टीम

टी-20 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में भारत से दक्षिण अफ़्रीका की हार की चर्चा वहाँ के मीडिया में भी ख़ूब हो रही है.

दक्षिण अफ़्रीकी मीडिया में वहाँ के क्रिकेट टीम के कप्तान एडेन मारक्रम के बयान, विराट कोहली की पारी और जसप्रीत बुमराह की गेदबाज़ी पर काफ़ी कुछ कहा जा रहा है.

भारत ने शनिवार को फ़ाइनल मुक़ाबले में दक्षिण अफ़्रीका को सात रनों से हरा दिया था.

एक समय ऐसा लग रहा था कि दक्षिण अफ़्रीका आराम से भारत को हराने जा रहा है लेकिन आख़िर के चार ओवरों में खेल पूरी तरह से बदल गया था.

दक्षिण अफ़्रीकी न्यूज़ वेबसाइट टाइम्स लाइव ने एडेन मारक्रम का बयान छापा है, जिसमें उन्होंने इस हार को दुखद और परेशान करने वाला बताया है.

मारक्रम ने कहा है, ''यह कुछ वक़्त के लिए परेशान करने वाली स्थिति है लेकिन ऐसी परेशानी हमें सबक भी देती है. यह हमारे लिए अगली बार के लिए किसी भूख से कम नहीं है.''

मारक्रम ने कहा, ''यह क्रिकेट का कोई पहला मैच नहीं है, जब 30 गेंद पर 30 रन की ज़रूरत हो, तब भी हार मिली. भारत ने अच्छी गेंदबाज़ी और फील्डिंग की. भारत ने कई मोर्चों पर हमसे अच्छा किया. इन्होंने बाद में बहुत अच्छी गेंदबाज़ी की और इनकी रणनीति हम पर भारी पड़ी.''

''एक गेंद में एक रन, एक ओवर में 16 रन के रूप में बदल सकता है. ऐसे में एक बल्लेबाज़ के तौर पर आपकी योजना भी बदलती है. आपको लगता है कि हर गेंद को लक्ष्य के हिसाब से पीछा कर रहे हैं. जब तक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता है, तब तक आप हर कोशिश कर रहे होते हैं लेकिन गेंदबाज़ भी अपने हिसाब से रणनीति बदलता है. इसी दौरान आप बाउंड्री की तलाश में होते हैं और चीज़ें तत्काल खेल बदल जाता है.''

टीम की हार पर उन्होंने कहा कि वह काफ़ी निराश और दुखी हैं.

उन्होंने कहा, “ज़ाहिर है कि हम निराश हैं. हमें इसे समझने में कुछ समय लगेगा. हमारा परफॉर्मेंस शानदार रहा है, लेकिन आख़िर में जो हुआ वो दुखद है. मुझे अपने सभी खिलाड़ियों पर गर्व है”

“हमने सोचा कि यह एक ऐसा लक्ष्य है, जिसे आराम से हासिल किया जा सकता है. मैं अपने सभी खिलाड़ियों से बहुत ख़ुश हूँ. इस तरह हार को स्वीकार करना मुश्किल है लेकिन मुझे हमेशा अपने साथियो पर गर्व रहेगा. हमने देखा है कि आख़िरी गेंद तक गेम ओवर नहीं लग रहा था. आख़िर में ये खेल काफ़ी तेज़ी से बदल गया. हम जानते हैं कि हम खेल जीत सकते थे.''

भारतीय टीम

इमेज स्रोत, Getty Images

कैसे मैच दक्षिण अफ़्रीका के हाथों से निकला

भारत ने आख़िर के तीन ओवर में 42 रन बनाए थे जबकि दक्षिण अफ़्रीका की टीम महज 18 रन ही बना पाई.

हालांकि 15वें ओवर में अक्षर पटेल ने 24 रन दिए थे. लेकिन बाद के चार ओवर में बुमराह और अर्शदीप सिंह ने बहुत ही सफल और किफायती गेंदबाज़ी की.

19वें ओवर में दक्षिण अफ़्रीका के केशव महाराज दो गेंद पर कोई भी रन नहीं बना पाए. मारक्रम ने कहा कि आने वाले समय में चीज़ें स्पष्ट होंगी कि कहाँ सुधार करने की ज़रूरत है.

द साउथ अफ़्रीकन न्यूज़ वेबसाइट ने दक्षिण अफ्रीकी टीम की हार के कुछ अहम कारण बताए हैं. हेनरिक कलासेन के विकेट गिरने से दक्षिण अफ़्रीका की पकड़ मैच पर कमज़ोर पड़ गई थी.

द सााउथ अफ़्रीकन ने लिखा है, ''एक समय ऐसा लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीका आराम से फ़ाइनल जीत लेगा.''

क्लासेन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, 6वें ओवर में भारत ने हार्दिक पंड्या को उतारा और उन्होंने पहली ही गेंद पर क्लासेन को आउट कर दिया.

क्लासेन का विकेट

द साउथ अफ़्रीकन लिखता है कि जब क्लासेन और डेविड मिलर क्रीज़ पर थे तो दक्षिण अफ्रीका की जीत पक्की लग रही थी.

दक्षिण अफ्रीका को 30 गेंदों में 30 रन चाहिए थे और उसके छह विकेट बचे थे. 16वें ओवर में भारत ने हार्दिक पंड्या को गेंद थमाई और उन्होंने पहली ही गेंद पर क्लासेन को आउट कर दिया.

उनके विकेट ने टीम की गति को कुछ हद तक धीमा कर दिया, लेकिन मिलर के रहते हुए दक्षिण अफ्रीका के पास तब भी मौका था.

जसप्रीत बुमराह का आख़िरी ओवर

आख़िरी के ओवर में बुमराह जिस तरह की गेंद फेंक रहे थे, उसे खेलना काफ़ी मुश्किल था.

क्लासेन एक भी बाउंड्री उनकी गेंद पर नहीं मार पाए. डेविड मिलर, जो उस समय तक शानदार खेल रहे थे, उन्होंने एक रन लिया, जिसकी वजह से मार्को यानसन जैसे बल्लेबाज़ को बुमराह जैसे घातक गेंदबाज़ के सामने आना पड़ा.

यानसन बुमराह की ख़तरनाक गेंदों के सामने टिक नहीं पाए और बुमराह ने अपना उनका विकेट लिया.

मिलर

इमेज स्रोत, Getty Images

मिलर का कैच

द साउथ अफ़्रीकन ने लिखा है, जैसे ही यानसन का विकेट गिरा मैच भारत के पाले में चला गया. दक्षिण अफ्रीका की टीम अर्शदीप की गेंदों पर भी स्ट्रगल कर रही थी.

आख़िरी ओवर में 16 रन चाहिए थे. मिलर ने कोशिश की कि वो पांड्या की गेंदों को किसी तरह पार कर लें लेकिन फिर सूर्यकुमार के जबरदस्त कैच का शिकार हुए. दुर्भाग्य से, केशव महाराज और कागिसो रबाडा ने अंतिम पांच गेंदों पर तमाम कोशिशें तो कीं लेकिन तब तक ये मैच दक्षिण अफ्रीका के हाथ से जा चुका था.

दक्षिण अफ्रीका का अंग्रेज़ी अख़बार द सोवेटन लिखता है कि दक्षिण अफ्रीका की हार के साथ ही कई सवाल खड़े हो रहे हैं. क्या हम भारत की खेलभावना के कारण हार गए? क्या यह हेनरिक क्लासेन की गलती थी जो टीम फिनिश लाइन के इतने क़रीब आकर भी हार गई?

एडेन मारक्रम

इमेज स्रोत, Getty Images

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

दक्षिण एशिया के पूर्व खिलाड़ी जेफ़्री टोयाना मानते हैं, “हमने जीत के लिए काफ़ी कुछ किया. खेल भावना हर खेल में होती है. डेविड मिलर की गेंद पर सूर्यकुमार का कैच जो बाउंड्री पर लिया गया, उसे लेकर भी कई बात कही जा रही है, कुछ लोगों ने कहा है कि बाउंड्री हिली थी. लेकिन हमारे मैच हारने का ये कराण नहीं हो सकता.”

टोयाना कहते हैं कि हमारी टीम के मैच हारने के कई कारण थे.

“कई वजहों से हम मैच हारे जैसे कि पहला ओवर जो हमने विराट कोहली को फेंका, वह फॉर्म में नहीं थे, फिर कई बाउंड्री मारे. उन्हें बहुत कमज़ोर गेंदें मिली थीं. हम कई सारी वजहें गिना सकते हैं लेकिन आख़िरकार सच यही है कि भारत चैंपियन है. हम सिर्फ़ सात रन से हार गए और अगर आप पूरा खेल देखें, तो बहाने बनाने के अलावा हमें पता है कि वो रन बनाए जा सकते थे.”

टोयाना का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका का पहली बार फाइनल में पहुंचना भी कम नहीं है.

वह कहते हैं, “ हम आख़िरकार सिर्फ़ सेमीफ़ाइनल खेलने वाली टीम की छवि से बाहर निकल पाए. सात आईसीसी टूर्नामेंट के स्टेज फोर से हम बाहर हो चुके हैं. इस बार हम फ़ाइनल में पहुंचे.”

“इस बार फाइनल में पहुंचना भी संतोषजनक था, लेकिन हम जीत के इतने क़रीब पहुंचकर हारे. आख़िरी चार ओवरों में 25 रन की ज़रूरत थी. क्लासेन ने हमें जीत दिलाने के लिए काफ़ी कुछ किया था लेकिन मिलर को हमें जीत तक पहुंचाना चाहिए था.”

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)