वर्ल्ड कप के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल

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- Author, चंद्रशेखर लूथरा
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम के वनडे वर्ल्ड कप जीतने का सपना चकनाचूर हो गया.
ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम विशाखापत्तनम में गुरुवार को होने वाले टी-20 मुक़ाबले से ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ की शुरुआत करेगी.
वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाली टीम में से सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन और प्रसिद्ध कृष्णा ही वे तीन खिलाड़ी हैं जो इस सिरीज़ में हिस्सा ले रहे हैं. हार्दिक पांड्या की ग़ैर मौजूदगी में टीम की कमान सूर्य कुमार यादव को सौंपी गई है.
इस सिरीज़ के शुरू होने के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारत क्रिकेट के दो सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ों का क्या होगा?
ये सवाल भारत ही नहीं बल्कि भारत के बाहर मौजूद लाखों क्रिकेट प्रेमियों के मन में भी उमड़ रहा है.

सवाल यही है कि वर्ल्ड कप में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले रोहित शर्मा और विराट कोहली भविष्य में कब तक खेलते दिखेंगे? अब यहाँ से उनमें कितनी क्रिकेट बाक़ी है?
इस सवाल का जवाब आनन फ़ानन में नहीं दिया जा सकता. लेकिन इतना तय है कि इन दोनों को फ़िलहाल कुछ दिनों के आराम की ज़रूरत है और फिर उन्हें ख़ुद से ये सवाल पूछना होगा.
36 साल के रोहित शर्मा हों या 35 साल के विराट कोहली, दोनों ने वर्ल्ड कप के दौरान शानदार बल्लेबाज़ी की.
विराट कोहली ने तो एक वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. लेकिन उम्र के लिहाज़ से दोनों खिलाड़ी उस मकाम पर हैं, जिसे खेल के लिहाज से प्रतिकूल माना जाता है.
हालांकि दोनों बल्लेबाज़ों के फैंस ये ज़रूर दावा कर सकते हैं कि दोनों में कम से कम दो-तीन साल तक बेहतरीन क्रिकेट खेलने की क्षमता बाक़ी है.
इस दौरान भारतीय टीम को तीन आईसीसी टूर्नामेंट में हिस्सा लेना है, लेकिन इन तीनों आयोजन में दोनों क्रिकेटरों के खेलने का दावा नहीं किया जा सकता.
अगले दो साल में क्या हैं चुनौतियां

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भारत को 2024 में टी-20 वर्ल्ड कप में खेलना है जबकि एक साल बाद 2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी का आयोजन होगा. अगर भारतीय टीम ने क्वॉलिफ़ाई किया तो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप, 2025 का फ़ाइनल भी खेल सकती है.
इन तीन अहम आयोजनों में रोहित शर्मा और विराट कोहली की मौजूदगी इसलिए भी सुनिश्चित नहीं है कि हो सकता है दोनों क्रिकेटर आने वाले दिनों में सभी फॉर्मेट में खेलते नहीं दिखें.
हालाँकि अगले एक साल में भारतीय टीम को महज आठ अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच खेलने हैं.
इसलिए ज़्यादा मैचों का दबाव तो रोहित और विराट पर नहीं होगा. लेकिन इन दोनों के भविष्य के साथ क्या कुछ होगा, इसकी झलक छह महीने के अंदर मिल सकती है.
भारतीय क्रिकेट टीम का अगला लक्ष्य छह महीने बाद अमेरिका और वेस्टइंडीज़ में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में बेहतर प्रदर्शन करने का होगा.
इस टूर्नामेंट के लिए चयनकर्ता रोहित-विराट पर भरोसा दिखाते हैं या फिर युवा खिलाड़ियों को आजमाते हैं, सबकी नज़रें इसी पर टिकी होंगी.
टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में हारने तक रोहित शर्मा और विराट कोहली टी-20 टीम का हिस्सा थे. हालांकि अब टीम प्रबंधन युवा चेहरों को मौक़े दे रहा है और इसी सिलसिले में हार्दिक पांड्या को टीम को कप्तान बनाया गया है.
ऐसे में संभावना है कि हार्दिक पांड्या ही 2024 के टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का नेतृत्व करें.
टी-20 वर्ल्ड कप के बाद आईसीसी की दो महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं को देखते हुए टीम प्रबंधन रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर अपनी सोच में बदलाव भी ला सकता है और बहुत संभव है कि 2025 तक ये दोनों टीम में बने रहें.
लेकिन 37 साल के रविचंद्रन अश्विन को अब आने वाले दिनों में वनडे या टी-20 क्रिकेट में मौका नहीं मिलने वाला है.
वहीं 34 साल के रविंद्र जडेजा और 33 साल के मोहम्मद शमी को भी वर्क लोड के प्रावधानों के तहत फॉर्मेट का चुनाव करना पड़ सकता है.
पेशेवर नज़रिया या भावनात्मक सोच

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एक दलील ये भी हो सकती है कि वर्ल्ड कप फ़ाइनल गंवाने के बाद शायद ही कोई भविष्य के बारे में सोच रहा होगा.
लेकिन इन दिनों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर इतना व्यस्त है कि मंथन, आत्म चिंतन और सदमे से उबरने जैसी बातों के लिए किसी के पास कोई वक्त नहीं होगा.
पेशेवर क्रिकेटरों से हार या जीत के बाद आगे की ओर बढ़ने की उम्मीद की जाती है. लेकिन हर पेशेवर के करियर में एक वक़्त आता है, जब वह यह सोचने पर मजबूर होता है कि अब यहाँ से आगे कहां?
लेकिन मौजूदा दौर ऐसा भी नहीं है कि खिलाड़ी ख़ुद को रिटायर घोषित कर ले. क्योंकि अब खेलने के कहीं ज़्यादा विकल्प हैं.
टेस्ट एक्सपर्ट या टी-20 स्पेशलिस्ट के तौर पर खिलाड़ी अपने करियर को लंबा बना सकते हैं. इन सबके अलावा इंडियन प्रीमियर लीग के ज़रिए भी खिलाड़ियों के पास बेहतरीन विकल्प है.
यहां यही समझना होगा कि हर कोई सचिन तेंदुलकर की तरह लगातार 23-24 साल तक नहीं खेल सकता.

विराट कोहली की फ़िटनेस की मिसाल दी जाती है और अगर वे अपनी मौजूदा लय को कायम रख पाए तो 2025 के आगे भी खेल सकते हैं.
विराट कोहली हमेशा टेस्ट क्रिकेट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जताते आए हैं, ऐसे में बहुत संभव है कि वे ख़ुद को टेस्ट क्रिकेटर के तौर पर सीमित कर लें.
वहीं दूसरी ओर रोहित शर्मा, आईपीएल के मिजाज के मुताबिक बेमिसाल क्रिकेटर हैं. इन दोनों दिग्गजों के भविष्य को लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना जल्दबाज़ी ही कहलाएगी.
लेकिन एक बात तय है कि इन दोनों को अपने पेशेवर खेल करियर को विस्तार देने के लिए 50 ओवरों के वनडे क्रिकेट को बहुत जल्द अलविदा कहना होगा.
यह स्थिति तब है जब वर्ल्ड कप में दुनिया भर के बल्लेबाज़ों में विराट कोहली ने सबसे ज़्यादा 765 रन ठोके और रोहित शर्मा 597 रनों के साथ दूसरे पायदान पर रहे.
कोहली ने तीन शतक लगाते हुए वनडे क्रिकेट में सबसे ज़्यादा शतकों के सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया.
वर्ल्ड कप में हार के बावजूद

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यही वजह है कि फ़ाइनल में हारने के बाद भी भारतीय क्रिकेट टीम से जुड़े किसी खिलाड़ी और टीम प्रबंधन को आलोचनाओं का सामना नहीं करना पड़ा, क्योंकि रोहित शर्मा की टीम ने लगातार दस मैच जीतने का करिश्मा भी वर्ल्ड कप में ही दिखाया है.
छह सप्ताह से भी अधिक समय तक भारतीय टीम चैंपियन की तरह खेलती रही. भारतीय टीम ने ना केवल लगातार दस मैच जीते बल्कि हर मुक़ाबले में प्रभावशाली जीत दर्ज की.
भारत के तेज़ गेंदबाज़ों ने दुनिया भर के बल्लेबाज़ों के पसीने छुड़े दिए तो कप्तान रोहित शर्मा के बल्ले ने अच्छे-अच्छे गेंदबाज़ों की लय बिगाड़ दी. जबकि विराट कोहली नंबर तीन बल्लेबाज़ के तौर पर हर वक़्त डटे नज़र आए.
यही वजह है कि फ़ाइनल मुक़ाबले से ठीक पहले तक इस टीम को भारत की सबसे बेहतरीन वनडे टीम तक आंका जाने लगा था.
आने वाले दिनों में भी भारतीय टीम से इस स्तर के प्रदर्शन को बनाए रखने की उम्मीद होगी.
बहुत संभव है कि चोट से वापसी करने के बाद हार्दिक पांड्या को वनडे टीम की कमान मिल जाए. उनसे रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी की विरासत को आगे बढ़ाने की उम्मीद की जाएगी.
रोहित शर्मा ने जिस तरह की आक्रामकता से टीम इंडिया को लैस किया है, वैसी ही आक्रामकता हार्दिक पांड्या में दिखाई देती है. हालांकि इसके अलावा उनकी अपनी स्टाइल है और वे पूरी ऊर्जा भी झोंकते हैं.
हार्दिक पांड्या को इसका अहसास होगा कि अब रोहित शर्मा या विराट कोहली को अब किसी के सामने कुछ साबित नहीं करना है. लेकिन यह भी तय है कि चार साल बाद वनडे वर्ल्ड कप के लिए ये दोनों उपलब्ध नहीं होंगे.
लेकिन अच्छी बात ये है कि 24 साल के शुभमन गिल, 25 साल के ईशान किशन, 26 साल के रितुराज गायकवाड़, 28 साल के श्रेयस अय्यर, 21 साल के यशस्वी जायसवाल और 26 साल के ऋषभ पंत जैसे युवा खिलाड़ी किसी भी उम्मीद बोझ उठाने के लिए तैयार दिख रहे हैं.
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