दक्षिण कोरिया: जिम ने लगाई इन महिलाओं पर पाबंदी, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

सांकेतिक तस्वीर

इमेज स्रोत, Getty Images

    • Author, केली एन
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

दक्षिण कोरिया के एक जिम को लेकर काफी विवाद पैदा हो गया है. इस जिम में 'मिसबिहेविंग आंटीज़' के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, इस वाक़ये ने इस देश में ज़्यादा उम्र की महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव पर एक बार फिर बहस तेज़ कर दी है.

ये जिम दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल के पास इंचियोन शहर में स्थित है और इसके बाहर साइनबोर्ड लगा दिए गए हैं, जिन पर लिखा है- 'अजुम्मा महिलाओं के लिए नहीं' और 'केवल शिष्ट महिलाओं को ही अनुमति'.

'अजुम्मा' शब्द कोरिया में अधेड़ उम्र की महिलाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिनकी उम्र आमतौर पर 30 साल से ज्यादा होती है.

जिम का ये व्यवहार अपमानजनक माना जा रहा है. स्थानीय रिपोर्ट्स में ना तो इस जिम का नाम और ना ही इसके मालिक का नाम सार्वजनिक किया गया है. लेकिन जिम के मालिक ने अपनी एजेंसी के फ़ैसले का बचाव किया है. दावा है कि इस जिम को अधेड़ महिलाओं और उनके व्यवहार के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ा है.

दक्षिण कोरिया की न्यूज एजेंसी योनहैप से बात करते हुए जिम के मालिक ने बताया. "(कुछ बुजुर्ग महिलाएं) चेंजिंग रूम में लॉन्ड्री करती थीं और घंटों बिताती थीं, तौलिये, साबुन या हेयर ड्रायर जैसे सामानों की चोरियां भी करती थीं."

जिम के मालिक ने कहा, "महिलाएं एक कतार में बैठ जातीं और दूसरों पर कमेंट करतीं थीं,"

साथ ही ये भी बताया कि "कई कम उम्र की महिलाएं और लड़कियां इन हरकतों से नाराज़ हो जाती थीं और उनके लिए जिम करना दुश्वार हो जाता था जिस कारण उन्होंने जिम आना छोड़ दिया."

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
इमेज कैप्शन, बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

जिम के नोटिस पर क्या कह रहे हैं लोग?

 महिला, जिम

इमेज स्रोत, Getty Images

ये कदम भले ही एक ही जिम ने उठाया हो लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि इसे कई लोगों का समर्थन भी मिल रहा है. हाल के सालों में ऐसा देखा गया कि कारोबार जगत ने कुछ सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों पर पाबंदियां लगाई हैं. इसे एक उम्र के लोगों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता के सबूत के तौर पर भी देखा जा रहा है.

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

हालांकि अधेड़ उम्र की महिलाओं के साथ बुरे बर्ताव के लिए अब इस जिम को आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ रहा है.

दक्षिण कोरिया की स्थानीय सोशल मीडिया वेबसाइट इनस्टिज़ पर एक शख्स ने कमेंट किया, "बुरे कस्टमर की जगह अजुम्मा शब्द का इस्तेमाल कैसे हुआ?"

"अगर आपने सर्विस सेक्टर में काम किया है तो आप ये जानते होंगे कि सिर्फ अधेड़ उम्र की महिलाएं ही इस कैटेगरी में नहीं आती हैं."

सोशल मीडिया वेबसाइट पर एक और शख्स ने इसे दकियानूसी सोच बताते हुए कहा, "ये 2000 के दशक के शुरुआती सालों के खयाल हैं."

जिम ने बाद में अपने बचाव में एक और नोटिस चस्पा किया जिसमें 'अजुम्मा' और महिलाओं के बीच का अंतर समझाया. इस नोटिस के मुताबिक 'अजुम्मा' वो होती हैं "जो अपनी उम्र का खयाल नहीं करतीं और केवल फ्री का सामान ही चाहती हैं", और वो "अपने पैसे तो बचाती हैं लेकिन दूसरों के पैसे खर्च करवाती हैं."

जिम के मालिक का कहना है कि हो सकता है कि और भी कारोबारी हैं जो ऐसा ही मानते होंगे लेकिन अभी तक वो खुलकर बाहर नहीं आए हैं.

जिम के मालिक ने योनहैप से कहा, "मैंने बुजुर्ग महिलाओं या आम महिलाओं के खिलाफ कोई नफ़रती बयान देने की कोशिश नहीं की है. मुझे लगता है कि जो लोग इस (नोटिस) से नाराज हैं, शायद दिक्कत उनमें ही है."

महिलाएं, जिम

इमेज स्रोत, Getty Images

वहीं, दूसरी तरफ़ इस बैन का कई लोगों ने समर्थन भी किया है. ये वो लोग हैं जो मानते हैं कि अधेड़ उम्र की महिलाओं का बर्ताव बुरा होता है.

कई लोगों ने ऐसी महिलाओं को 'दबंगई' करने वाली भी कहा, तो कई लोगों ने उनके लिए अपमानजनक भाषा का भी प्रयोग किया और ऐसी महिलाओं को 'मूर्ख' भी कहा.

यूट्यूब पर आए एक कमेंट में शख्स ने लिखा, "ये महिलाएं बहुत परेशान करती हैं... ये अपने बच्चों को रेस्तरां और कैफे ले जाती हैं. ये भुलक्कड़ और गालीबाज़ भी होती हैं."

जिस तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं उसमें बच्चों का कई जगह ज़िक्र है लेकिन सारा फ़ोकस इस बात पर था कि महिलाएं काफी जगह लेती हैं और सार्वजनिक जगहों पर आकर्षण का केंद्र बन जाती हैं.

दक्षिण कोरिया की महिलाओं ने गैर पारंपरिक तौर तरीके से जीवन जीने के लिए काफी लंबी लड़ाई लड़ी है. मसलन-छोटे बाल रखना और अकेले जीवन बिताना- ये मांगें ऐसे समाज में की गई जो ऐसा करने वालों को हिकारत की निगाह से देखता है.

महिलाओं का कहना है कि ऐसा करने वाले मर्दों को समाज में जज नहीं किया जाता.

कमेंट करने वाले कई लोगों ने ये भी लिखा है कि केवल महिलाओं को ही अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए, जबकि उम्रदराज़ पुरुष भी बुरा बर्ताव करते हैं.

टीवी चैनल जेटीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में साइकोलॉजी के प्रोफेसर पार्क सांग-ही ने बताया, "बड़ी उम्र की पुरुष भी ऐसा बर्ताव करते हैं. वो भी फ्री के सामान के लिए खूब इस्तेमाल करते हैं और बार बार ऐसा करते हैं. ये व्यवहार सिर्फ महिलाएं पर ही लागू नहीं होता."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)