चीन से फिलीपींस का बढ़ा टकराव, राष्ट्रपति ने दी चेतावनी

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- Author, टेसा वोंग और जोएल गुइंटो
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, सिंगापुर
दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं.
दोनों देश दक्षिण चीन सागर में अलग-अलग द्वीपों पर अपने-अपने दावे करते रहे हैं.
इस कारण चीन और फिलीपींस के बीच पिछले कुछ सालों में कई बार टकराव हो चुका है लेकिन पिछले हफ़्ते ये चीज़ें तब अधिक बिगड़ गईं, जब चीन और फिलीपींस के जहाज़ एक दूसरे से सबीना शोल के पास टकरा गए.
इसको लेकर फिलीपींस और चीन ने एक दूसरे पर एक-दूसरे के जहाज़ों को टक्कर मारने का आरोप लगाया है.
शोल पर चीन जियानबिन जिओ और फिलीपींस ईस्कोडा शोल के रूप में दावा करता है. ये फिलीपींस के पश्चिमी तट से लगभग 75 नॉटिकल मील ( लगभग 138 किलोमीटर) और चीन से 630 नॉटिकल मील लगभग ( लगभग1166 किलोमीटर) की दूरी पर स्थित है.
सबीना शोल में क्या हुआ?
सबीना शोल के पास चीन और फिलीपींस के जहाज़ एक दूसरे से 19 अगस्त को टकरा गए. यह क्षेत्र तेल और गैस के लिए जाना जाता है. शोल पर कई सालों से दोनों देश दावा कर रहे हैं.
चीन के कोस्टगार्ड ने कहा कि फिलीपींस के जहाज़ ने जानबूझकर टक्कर मारी. वहीं फिलीपींस ने कहा कि चीन के जहाज़ आक्रामक युद्धाभ्यास कर रहे हैं.
दोनों देशों के बीच टकराव फिर रविवार को हुआ. इसको लेकर भी फिलीपींस और चीन ने एक दूसरे पर आरोप लगाए. पूरे मामले को लेकर यूरोपियन यूनियन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और यूके ने चीन की आलोचना की है.

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फिलीपींस ने सोमवार को कहा कि चीन के 40 जहाज़ों ने उनके दो जहाज़ों को टेरेसा मैगबुआना जहाज़ पर खाद्य आपूर्ति करने से रोक दिया.
फिलीपींस ने कहा कि उसने टेरेसा मैगबुआना जहाज़ को अप्रैल में सबिना पर लंबे समय तक उपस्थिति बनाए रखने के लिए भेजा था. इसे वो तेल और गैस के लिए काफ़ी अहम मानता है. वहीं, चीन ने कहा कि टेरेसा मैगबुआना इसका प्रमाण है कि फिलीपींस सबीना पर कब्जा करना चाहता है.
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने हाल ही में सेकेंड थॉमस शोल पर दूसरे विश्व युद्ध के दौर के एक जर्जर जहाज़ खड़ा करने की ओर इशारा किया था.
कई सैनिक अब भी यहाँ तैनात हैं और राशन की आवश्यता है लेकिन चीन फिलीपींस को ऐसा नहीं करने दे रहा है.
शिन्हुआ ने कहा, "25 साल बाद भी ये वो ही है. फिलीपींस ऐसा फिर करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन चीन इस बार धोखा नहीं खाएगा."

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चीन और फिलीपींस के बीच फिर बढ़ा तनाव
हाल के महीनों में चीन और फिलीपींस के बीच कई बार टकराव हुए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि सेकेंड थॉमस शोल और स्कारबोरो शोल पर दोनों अपने-अपने दावे करते हैं.
फिलीपींस ने आरोप लगाया है कि चीन ने वाटर कैनन और लेज़र का इस्तेमाल किया. इसके अलावा हमारे जहाज़ों पर चढ़कर हमारा सामान भी जब्त कर रहे हैं. ऐसे में झड़प भी हो रही है.
फिलीपींस ने हाल ही में आरोप लगाया था कि चीन के कोस्टगार्ड के जवान हमारे सैन्य जहाज़ पर चाकू और तलवार लिए चढ़ गए और हमारे सैनिकों को डराया-धमकाया.
फिलीपींस के रक्षा प्रमुख ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय समुदायों से चीन के ख़िलाफ़ खड़ा होने की अपील करते हुए कहा कि हम अधिक शक्तिशाली प्रतिद्वंद्वी के ख़िलाफ़ संघर्ष कर रहे हैं.
हालांकि किसी की मौत तो नहीं हुई है, लेकिन फिलीपींस का कहना है कि उनके कई सैनिक घायल हुए हैं.
वहीं, राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस ने कहा कि चीन के कारण किसी भी सैनिक की मौत होने पर इसे 'एक्ट ऑफ वॉर' के तौर पर देखा जाएगा.
दूसरी ओर मामले पर नज़र ऱखने वाले पर्यवेक्षकों को चिंता है कि चीन और फिलीपींस का विवाद दक्षिण चीन सागर में एक बड़े टकराव जन्म दे सकता है.
संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा था कि चीन की कथित नाईन डैश लाइन (दक्षिण चीन सागर पर चीन का दावा करने के लिए लाइन) पर कोई वैध दावा नहीं है. चीन ने इस फ़ैसले को नहीं माना. हाल के हफ़्तों में दोनों देशों ने संघर्ष को कम करने की कोशिश की है.
पिछले हफ़्ते चीन फिलीपींस के सेकंड थॉमस शोल पर स्थित आउटपोस्ट पर भोजन और अन्य आपूर्ति भेजने को लेकर सहमत हो गया, लेकिन सबीना शोल पर हुए टकराव से यह सवाल उठा है कि क्या ऐसे प्रयास आगे सफल होंगे.
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