चीन को एक डूबते और ज़ंग खाते जहाज़ से कैसे चुनौती दे रहा है फिलीपींस

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- Author, रूपर्ट विंगफील्ड-हेस
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
फिलीपींस ने चीन के कोस्टगार्ड के जहाज़ पर इस रविवार को दक्षिण चीन सागर में उनकी एक सप्लाई बोट को टक्कर मारने का आरोप लगाया है.
इस घटना के वीडियो में फिलीपींस कोस्टगार्ड के जहाज़ और चीनी समुद्री मिलीशिया जहाज़ की कथित टक्कर देखी जा सकती है.
दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस और चीन के बीच टकराव कई दशकों से चला आ रहा है लेकिन हालिया महीनों में इसमें कुछ बदलाव हुए हैं.
समुद्र में दोनों देशों के बीच टकराव की घटनाओं को अब फिलीपींस के टीवी मीडिया पर पूरी चकाचौंध से दिखाया जा रहा है.
एक सप्ताह में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब फिलीपींस के पत्रकारों ने साउथ चाइना सी में एक ख़ास उथली जगह के नज़दीक इस घटना को शूट किया है. ये जगह सेकंड थॉमस शोल, अयुंगीन शोल या रेन आई रीफ़ के नाम से जानी जाती है.

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फिलीपींस ऐसा क्यों कर रहा है?
यह घटना अचानक कैमरे में क़ैद नहीं हुई. यह फिलीपींस सरकार की जानबूझकर अपनाई गई नीति का हिस्सा है जिसका मक़सद चीन की ‘धौंस’ की ओर ध्यान दिलाना है. फिलीपींस का कहना है कि यह उसका समुद्री इलाक़ा है और चीन इस पर नियंत्रण की कोशिशें कर रहा है.
स्टैनफ़ॉर्ड यूनिवर्सिटी के गोर्डियन नोट सेंटर के रिटायर्ड कर्नल रेमंड पॉवेल कहते हैं, “मुझे लगता है कि इस साल हमने महत्वपूर्ण बदलाव देखा है. इसे मैं एक 'पारदर्शिता अभियान' कहता हूं.”
इस जनवरी में इसकी शुरुआत तब हुई जब फिलीपींस की सरकार ने इन मुठभेड़ों के अधिक से अधिक वीडियो स्थानीय मीडिया को देने शुरू किए.
इन गर्मियों तक उसने बीबीसी समेत अधिक से अधिक पत्रकारों को अपनी नावों और विमानों के ज़रिए विवादित जलक्षेत्र में ले जाना शुरू किया.
कर्नल पॉवेल कहते हैं, “यह चीन के टकराव के लगातार जारी अभियानों पर रोशनी डालने जैसा था.”
ऐसा महसूस होता है कि चीन इस नई रणनीति से बौखला गया है. फ़्रीमैन एसपोगली इंस्टीट्यूट फ़ॉर इंटरनेशनल स्टडीज़ की ओरियाना स्काईलर मैस्ट्रो कहती हैं कि लग रहा है कि यह रणनीति काम कर रही है.
वो कहती हैं, “हमने देखा है कि चीन की गतिविधियों में एक ठहराव आ गया है.”

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फिलीपींस कहां भेजता है सप्लाई
चीन ने ढिलाई बरती है और फिलीपींस सेकंड थॉमस शोल की अपनी आउटपोस्ट पर कई बार ज़रूरी सामान भेज पाया है. फिलीपींस की ये आउटपोस्ट दरअसल द्वितीय विश्व युद्ध के समय का एक जहाज़ है जिसका नाम सिएरा माद्रे है.
1999 में इस जहाज़ को जानबूझकर समुद्र में उथली जगह पर छोड़ दिया गया था और ये ज़ंग खाकर धीरे-धीरे टूट रहा है. इसके बाद से फिलीपींस के नौ सैनिकों का एक छोटा सा दल इस पर तैनात है.
साल 2014 में बीबीसी की एक टीम ने इस जहाज़ का दौरा किया था. उस समय ये बेहद बुरी स्थिति में था और इसमें बहुत बड़े-बड़े छेद हो रहे थे और समुद्र की लहरें उससे गुज़र रही थीं.
कई विश्लेषकों का मानना है कि चीन ने एक लंबा खेल खेलने का इरादा बनाया हुआ है.
चीन और फिलीपींस के बीच रिश्ते बेहद अच्छे रहे हैं और चीन के कोस्टगार्ड ने सिएरा माद्रे पर दोबारा सप्लाई भेजने की अनुमति दे दी थी. जब दोनों के संबंधों में थोड़ी कड़वाहट आई तो चीन ने जहाज़ पर सप्लाई को रोक दिया था.
हालांकि, चीन का कुल मिलाकर अनुमान यह है कि सिएरा माद्रे हमेशा के लिए नहीं रहने वाला है और एक समय ऐसा आएगा जब फिलीपींस को अपने नौसैनिकों को वहां से निकालना होगा क्योंकि ये जहाज़ धीरे-धीरे टूटकर समुद्र में समा रहा है.

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चीन-फिलीपींस के बीच आगे क्या होगा?
बीते साल राष्ट्रपति फ़र्डिनेंड मार्कोस जूनियर के चुनाव जीतने के बाद फिलीपींस की विदेश नीति पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो डुटर्टे के छह साल के कार्यकाल से एकदम विपरीत हो गई है.
राष्ट्रपति मार्कोस ने न केवल डुटर्टे की चीन के साथ क़रीब रहने की नीति को पलट दिया बल्कि अमेरिका के साथ गठबंधन की नीति को दोबारा गले लगाया. इसके साथ ही उन्होंने फिलीपींस के 200 नौटिकल मील दूर के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन में चीन के घुसपैठ के मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठाया.
इस मामले में बहुत कुछ और भी हो रहा है. फिलीपींस के सूत्रों का कहना है कि फिलीपींस सिएरा माद्रे पर खाना और पानी सप्लाई के रूप में ले जा रहा है. लेकिन इसके अलावा वो चुपचाप कंस्ट्रक्शन मैटेरियल भी ले जा रहा है.

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कर्नल पॉवेल कहते हैं, “ये देखना बेहद मुश्किल है कि वो जहाज़ की ज़िंदगी को कैसे बढ़ा सकते हैं. मुझे लगता है कि हम एक संकट वाले बिंदु पर पहुंच रहे हैं. सिएरा माद्रे का अंत नज़दीक आ रहा है. ये बहुत जल्दी टूट सकता है.”
शायद इसी वजह से चीन और फिलीपींस के बीच इस क्षेत्र में अधिक मुखर होने की नई भावना पैदा हो गई है.
फिलीपींस अयुंगीन शोल में अपनी उपस्थिति को लेकर बेहद दृढ़ है. वहीं चीन अपनी ताक़त को एक बार फिर से दोहरा रहा है और उसने तय कर रखा है कि सिएरा माद्रे को बचा नहीं रहने देना है.
सिएरा माद्रे आख़िरकार दक्षिण चीन सागर या फिलीपींस के शब्दों में कहें पश्चिमी फिलीपींस सागर में टूटकर ख़त्म हो जाता है तो आगे क्या होगा?
क्या चीन एक झपट्टा मारकर इस उथली जगह पर उसी तरह क़ब्ज़ा कर लेगा जैसे उसने दक्षिण चीन सागर की दूसरी जगहों पर किया है?
क्या फिलीपींस अयुंगीन शोल में एक दूसरा जहाज़ खड़ा करेगा? और ऐसा होगा तो उस पर अमेरिका क्या प्रतिक्रिया देगा?
यह कोई नहीं जानता लेकिन वो दिन आने वाला है, शायद बहुत जल्द.
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