रूस से जंग के बीच यूक्रेन दुनिया को कितना अनाज बेच रहा है और कैसे

काला सागर तट पर स्थित यूक्रेन के बंदरगाह से अनाज निर्यात.

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इमेज कैप्शन, ब्लैक सी के किनारे स्थित यूक्रेन के बंदरगाह से अनाज निर्यात.

यूक्रेन हर महीने 50 लाख टन अनाज निर्यात कर रहा है. यह 2023 की गर्मियों से कहीं अधिक है, जब रूस ने ब्लैक सी अनाज समझौते को रद्द कर दिया था.

पिछले साल जुलाई में यूक्रेन से आने जाने वाले मालवाहक पोतों को रूस ने सुरक्षित रास्ता देना बंद कर दिया था और परिणामस्वरूप देश का अनाज निर्यात गिर गया था.

यूक्रेन ने इस साल फ़रवरी माह में 58 लाख टन और जनवरी में 53 लाख टन अनाज निर्यात किया.

हालांकि मार्च में निर्यात की मात्रा फिर से गिर गई और एक से 27 मार्च के बीच 45 लाख टन अनाज निर्यात हुआ. साल 2022 में रूस के हमले से पहले यूक्रेन हर महीने 65 लाख टन अनाज निर्यात करता था.

ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव यानी अनाज समझौते से अलग होने के बाद रूस ने कहा था कि वो यूक्रेन आने जाने वाले किसी भी पोत को संभावित सैन्य टार्गेट की तरह लेगा.

वीडियो कैप्शन, जंग के मोर्चे में कैमरे में क़ैद यूक्रेनी सैनिकों का आंखों देखा हाल

इसके बावजूद कुछ मालवाहक पोतों ने यूक्रेन के बंदरगाहों की ओर जाने की हिम्मत दिखाई लेकिन जुलाई, अगस्त और सितम्बर, 2023 में अनाज निर्यात घटकर 20 लाख टन रह गया.

हालांकि यूक्रेन ने उसके बाद से निर्यात के नए रूट को अपना लिया.

यूक्रेन के उप प्रधानमंत्री ओलेकसांद्र कुब्राकोव के मुताबिक़, जुलाई 2023 में अनाज समझौता ख़त्म होने से लेकर फ़रवरी 2024 के अंत तक इसने 42 देशों को दो लाख करोड़ टन अनाज निर्यात किया.

यह तब हुआ है, जब समझौता ख़त्म होने के बाद यूक्रेन के अनाज बंदरगाहों और गोदामों पर रूस की ओर से 30 हमले किए गए.

यूक्रेन का अनाज निर्यात क्यों अहम है?

यूक्रेन 42 देशों को हर महीने 50 लाख टन अनाज निर्यात कर रहा है.

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इमेज कैप्शन, यूक्रेन 42 देशों को हर महीने 50 लाख टन अनाज निर्यात कर रहा है.

फ़रवरी में रूस के हमले से पहले यूक्रेन गेहूं निर्यात में दुनिया का सातवां, जौ निर्यात में चौथा और सूरजमुखी के निर्यात में सबसे बड़ा देश हुआ करता था.

जब जंग शुरू हुई तो यूक्रेन का निर्यात गिर गया और पूरी दुनिया में अनाज के दाम बढ़ गए. इसने दुनिया के सबसे ग़रीब देशों के लोगों को प्रभावित किया.

यूक्रेन अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में जितना अनाज निर्यात कर पाएगा, उसके दाम उतने ही कम होंगे.

यूक्रेन के लिए खाने की चीज़ें आमदनी का सबसे बड़ा ज़रिया हैं. साल 2021 में इसने निर्यात से 27.8 अरब डॉलर कमाए थे.

अनाज निर्यात के लिए यूक्रेन कौन सा नया रूट इस्तेमाल कर रहा है?

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अनाज समझौते के तहत, मालवाहक पोत यूक्रेन के बंदरगाहों से बॉस्फोरस जलडमरूमध्य तक आने जाने के लिए ब्लैक सी के बीच 574 किलोमीटर का रूट अपनाते थे.

समझौता ख़त्म होने के बाद यूक्रेन ने अगस्त 2023 में एक नया "अस्थायी निर्यात कॉरिडोर" बनाया, जो पश्चिमी समुद्र तट से होकर जाता है.

मालवाहक पोतों के लिए यह अपेक्षाकृत सुरक्षित रूट है क्योंकि यहां समंदर कम गहरा है और रूसी पनडुब्बियों के लिए इसमें संचालित किया जाना मुश्किल है.

यह नया रूट रोमानिया और बुल्गारिया के जल क्षेत्र से होकर गुजरता है. ये दोनों ही देश नेटो के सदस्य देश हैं.

यूरोपीय संघ के "सॉलिडेटरी लेन्स" योजना के तहत यूक्रेन ज़मीन और नावों के रास्ते डेन्यूब नदी के बंदरगाहों या कोंस्टांटा के रोमानियाई बंदरगाहों पर अनाज भेजता है, जहां से इसे मालवाहक पोतों पर लादा जाता है और वहां से उसे काला सागर से होकर भेजा जाता है.

इसके अलावा यूक्रेनी अनाज को और अधिक मात्रा में यूरोप निर्यात किया जाता है, जहां इसे बेचा जाता है या यहां से अन्य यूरोपीय बंदरगाहों को आगे भेजा जाता है.

रूसी नेवी की घेरेबंदी का यूक्रेन ने कैसे जवाब दिया?

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यूक्रेन की सशस्त्र सेना ने ब्लैक सी में रूसी नेवी के युद्धपोतों और बेस पर ड्रोन, सी-ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों से कई बार हमले किए.

यूक्रेन की नेवी का दावा है कि जंग शुरू होने के बाद से उसने काला सागर में रूसी बेड़े के एक तिहाई युद्धपोतों को निशाना बनाया या उन्हें बेकार कर दिया है.

इसका मतलब ये है कि अब रूस घेरेबंदी के लिए यूक्रेन के तट के पास कम युद्धपोत तैनात कर रहा है.

यूक्रेन के अनाज निर्यात से पड़ोसी मुल्कों में क्या समस्याएं पैदा हुईं?

पोलैंड के किसान यूक्रेन के साथ लगती सीमा को बंद करने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं.

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इमेज कैप्शन, पोलैंड के किसान यूक्रेन के साथ लगती सीमा को बंद करने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं.

रूसी हमले के बाद यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को मदद पहुंचाने के लिए यूरोपीय संघ ने यूक्रेन से होने वाले आयात पर सारे शुल्क रद्द कर दिए.

हालांकि पूर्वी यूरोप के देशों ने शिकायत की कि इसका मतलब है कि उनके बाज़ार यूक्रेन के अनाज से भर गए हैं, थोक क़ीमतें कम हो रही हैं और उनके किसानों की आमदनी पर असर पड़ रहा है.

कुछ डीलरों ने तय किया था कि यूक्रेन के अनाज को दूसरे यूरोपीय बंदरगाहों पर भेजने की बजाय वो इन्हीं देशों में बेचेंगे.

यूरोपीय संघ के एग्रीकल्चर कमिश्नर जानुस्ज़ वोज्सीचोव्स्की के मुताबिक़, अप्रैल, 2022 से मार्च, 2023 के बीच पोलैंड में यूक्रेन से 41 लाख टन अनाज पहुंचा और इसमें 34 लाख टन इसी देश में रह गया.

यूरोपीय कमिश्नर ने मई 2022 में पोलैंड, स्लोवाकिया, हंगरी, रोमानिया और बुल्गारिया में यूक्रेन के अनाजों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया और यहां सिर्फ दूसरे देशों में भेजने के लिए यूक्रेन के अनाज की एंट्री की इजाज़त दी गई.

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यह कहते हुए कि समस्या हल कर ली गई है, सितम्बर 2023 में ही इस प्रतिबंध को हटा लिया गया.

हालांकि उसके बाद पोलैंड ने अपनी तरफ़ से यूक्रेन के अनाज आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है और पोलैंड के किसानों ने यूक्रेन से लगती सीमा को बंदर रखा है.

मार्च, 2024 में यूरोपीय कमिशन ने ओट्स, अंडे, पॉल्ट्री और चीन समेत कुछ यूक्रेनी उपज के शुल्क मुक्त आयात पर एक सीमा तय करने का प्रस्ताव रखा है.

हालांकि ये स्पष्ट किया गया है कि यूरोपीय संघ में गेहूं और जौ समेत अन्य यूक्रेनी आयात जून, 2025 तक शुल्क मुक्त रहेंगे.

कमिशन ने पूर्वी यूरोपीय देशों में रूसी और बेलारूसी अनाज के आयात पर शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव किया है.

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