विमान गिरने को रूस ने बताया 'राक्षसों का काम', ज़ेलेंस्की बोले-ज़िंदगियों से खेल रहा है रूस

यूक्रेन के शहर में रूसी हमले के बाद की स्थिति

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    • Author, लॉरी गोज़्ज़ी और पॉल किर्बी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पश्चिमी रूस में हुए एक घातक विमान हादसे के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस पर "यूक्रेनी युद्धबंदियों की जान से खेलने" का आरोप लगाया है.

उन्होंने बुधवार को यूक्रेन से सटी रूस की सीमा के पास बेलगोरोद इलाक़े में हुई इस दुर्घटना की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है.

रूस ने कहा है कि इल्यूशिन-76 नाम के इस सैन्य परिवहन विमान में 64 यूक्रेनी युद्धबंदियों के साथ 6 रूसी नागरिकों का चालक दल और तीन अन्य सहायक सवार थे.

हादसे में सभी की मौत हो गई है.

रूस का कहना है कि इन युद्धबंदियों को सैनिकों की अदला-बदली के लिए ले जाया जा रहा था.

यूक्रेनी सैन्य ख़ुफ़िया एजेंसी (जीयूआर) ने कहा है कि रूस ने उन्हें पहले की तरह हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी थी.

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने बुधवार रात जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि "ये साफ़ है कि रूसी यूक्रेनी युद्धबंदियों की ज़िंदगियों के साथ खेल रहे हैं, वो उनके परिजनों और हमारे समाज की भावनाओं के साथ खेल रहे हैं. "

गुरुवार को अपने जन्मदिन के लिए ज़ेलेंस्की एक स्थानीय इलाक़े के दौरे पर जाने वाले थे, लेकिन ये दौरा अब रद्द कर दिया गया है.

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यूक्रेनी ख़ुफ़िया एजेंसी (जीयूआर) का बयान अपने आप में इस बात की मौन पुष्टि के तौर पर देखा गया कि सैन्य विमान को उसने खुद ही मार गिराया था. हालांकि अपने बयान में विभाग ने इस बात ज़ोर दिया है कि उनके पास इस बात की ठोस जानकारी नहीं है कि विमान में कौन-कौन सवार था. साथ ही बयान में ये भी चेतावनी दी कि इस हादसे में रूस का हाथ हो सकता है.

बुधवार देर रात दिए गए एक वीडियो संदेश में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि ये ज़ाहिर है कि "रूस यूक्रेन के बंदियों की ज़िंदगियों, उनके परिवार वालों की भावनाओं और हमारे समाज की संवेदनाओं के साथ खेल रहा है."

अपने जन्मदिन पर ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के ही एक इलाके के दौरे को रद्द करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि "सभी तथ्यों को स्थापित किया जाना चाहिए."

रूसी समाचार एजेंसियों के अनुसार रूस के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्रि पेसकोव ने विमान गिराए जाने की निंदा की है और इसे 'राक्षसी कृत्य' बताया. उन्होंने प्रवक्ताओं से कहा कि "अगर ज़ेलेंस्की का मतलब यूक्रेन की सरकार के आपराधिक कृत्यों की अंतरराष्ट्रीय जाँच कराए जाने से था, तो इसकी वाक़ई ज़रूरत है."

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक विमान तेज़ी से नीचे आया और फिर एक तेज़ धमाका सुनाई दिया.

ये विमान स्थानीय समयानुसार सवेरे क़रीब 11.00 बजे बेलगोरोद शहर से लगभग 70 किलोमीटर उत्तर पूर्व में याब्लोनोवो गांव के पास गिरा. गांव के पास विमान गिरने के कारण आग का एक बड़ा-सा एक गोला दिखाई दिया.

बेलगोरोव के प्रांतीय गवर्नर व्याचेस्लाव ग्लादकोव ने भी कहा है कि विमान एक रिहाईशी इलाक़े के पास खेत में गिरा और विमान में सवेर कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बचा.

यूक्रेन के जनरल स्टाफ़ के हवाले से यूक्रेन्स्का प्राव्दा नाम की न्यूज़ वेबसाइट ने पहले कहा था कि ये विमान रूसी एस-300 एयर डिफेन्स सिस्टम के लिए मिसाइलें ले कर जा रहा था. इस रिपोर्ट में युद्धबंदियों का कोई ज़िक्र नहीं किया गया था.

विमान में कौन-कौन लोग सवार थे इस बारे में अब तक स्वतंत्र रूप से कुछ भी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन यूक्रेनी सैन्य ख़ुफ़िया तंत्र ने कहा है कि ये रूस की ज़िम्मेदारी है कि वो "तय हुए समझौतों के तहत हमारे सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे".

उसका कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी कि "एक निश्चित समय पर हवाईक्षेत्र की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, हालांकि ऐसा पहले कई बार हुआ है जब उसे पहले जानकारी दी गई है."

विभाग ने ये भी कहा कि "ये इस बात की तरफ इशारा है कि रूस ने ये कदम जानबूझ कर उठाया था, इसका उद्देश्य युद्धबंदियों की सुरक्षा और उनकी जान को जोखिम में डालना था."

रूस और यूक्रेन के बीच तेज़ हुई बयानबाज़ी

रूसी विमान क्रैश

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रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होकर लगभग दो साल पूरे होने आए हैं. तब से लेकर अब तक ये दोनों पड़ोसी कई बार युद्धबंदियों की अदला-बदली कर चुके हैं.

बीबीसी रूसी सेवा के संपादक स्टीव रोज़नबर्ग कहते हैं कि ये साफ़ है कि रूस अपने विमान पर हुए इस हमले की घटना में यूक्रेन का आक्रामक की तरह दिखाना चाहता है. लेकिन फरवरी 2022 में वो रूस ही था जिसने सबसे पहले यूक्रेन पर सैन्य हमला किया था.

विमान में सवार जिन युद्धबंदियों को ले जाने की बात हो रही है, उन्हें योजना के अनुसार युद्धबंदियों की अदला-बदली के लिए ले जाया जा रहा था. यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि उनके पास कैद में मौजूद रूसी य़ुद्धबंदी "अदला-बदली वाली तयशुदा जगह पर समय पर पहुंच गए थे और वो सभी सुरक्षित हैं."

वहीं रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि युद्धबंदियों की अदला-बदली बुधवार दोपहर होनी थी. इसके लिए बेलगोरोद के पश्चिम में सीमा से 100 किलोमीटर दूर एक नाके पर होनी थी.

मंत्रालय ने कहा है कि बेलगोरोद के लिए जाने वाले इस सैन्य विमान ने मॉस्को के उत्तर पूर्व में च्कालोव्स्की हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी. मंत्रालय का कहना है कि यूक्रेनी वायु सेना ने यूक्रेनी सीमा के पास मौजूद लिप्सी इलाक़े से दो एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें दाग़ी थीं.

युद्धबंदियों की अदला-बदली के लिए ज़िम्मेदार यूक्रेनी सरकार की एजेंसी ने रूस को चेतावनी दी है कि "यूक्रेनी समाज को अस्थिर करने के लिए रूस यूक्रेन के ख़िलाफ़ एक ख़ास इन्फॉर्मेशन अभियान चला रहा है."

यूक्रेनी संसद में मानवाधिकार कमिश्नर दिमित्रो लुबीनेत्स ने यूक्रेनी नागरिकों से गुज़ारिश की है कि वो सिर्फ आधिकारिक सूत्रों से आ रही जानकारी पर ही भरोसा करें. उन्होंने कहा, "भड़काउ बयानों पर यकीन न करें. इस बारे में बाद में विस्तार से जानकारी दी जाएगी."

वहीं रूसी संसद की रक्षा समिति के चेयरमैन आंद्रेई कारतापोलोव ने दावा किया है कि हवा में एक दूसरा विमान था जो 80 यूक्रेनी युद्धबंदियों को लेकर जा रहा था. हालांकि, उस विमान ने रास्ता बदल लिया.

कारतापोलोव ने रशियन टीवी से कहा, "अब युद्धबंदियों की अदला-बदली को लेकर कोई और बात नहीं हो सकती."

युद्ध शुरू होने के बाद से इसी महीने की शुरुआत में बंदियों की सबसे बड़ी अदला-बदली हुई, जब यूक्रेन ने रूस के 248 युद्धबंदियों को छोड़ा और रूस ने 230 यूक्रेनी लोगों को रिहा किया. ये समझौता दोनों देशों के बीच संयुक्त अरब अमीरात की मध्यस्थता से हुआ था.

यूक्रेन की ट्रीटमेंट ऑफ़ प्रीज़नर ऑफ़ वॉर के कोऑर्डिनेशन हेडक्वॉर्टर के अनुसार रूस के कब्ज़े में 8000 से अधिक यूक्रेनी हैं. इनमें आम लोग और सैन्य कर्मी दोनों शामिल हैं. इनका दावा है कि अभी भी सैकड़ों-हज़ारों कर्मी लापता हैं.

यूक्रेन की सीमा से उत्तर की ओर 40 किलोमीटर दूर बेलगोरोद वह जगह है जहाँ युद्ध शुरू होने के बाद से जारी हवाई और ड्रोन हमलोंसे दर्जनों जानें गई हैं.

दिसंबर में एक हवाई हमले के बाद यहाँ 25 लोगों की मौत हुई थी और 100 लोग घायल हो गए थे. हालांकि, यूक्रेन इस बात पर ज़ोर देता रहा है कि हमलों में सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाया गया. यूक्रेन का आरोप है कि रूस के एयर डिफेंस की वजह से गोला-बारूद, ड्रोन के टुकड़े शहर में गिरे.

यूक्रेन में रूस की जंग तीसरे साल में पहुंचते-पहुंचते और भी बदतर होती जा रही है.

पिछले सप्ताह, रूस ने यूक्रेन के पूर्वी दोनेत्स्क क्षेत्र में बर्बाद हो चुके बखमूत शहर से सटे एक गाँव पर कब्ज़े का दावा किया था. हालाँकि, यूक्रेन ने इस दावे की पुष्टि नहीं की.

हाल के सप्ताहों में रूस के हवाई हमले और तेज़ हुए हैं. मंगलवार को यूक्रेन के शहरों पर हुए मिसाइल हमलों में 18 लोगों की मौत हुई और 130 लोग घायल हुए.

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