स्वाति मालीवाल से कथित मारपीट मामले में केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार हिरासत में

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आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ कथित मारपीट के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
दिल्ली पुलिस के एडिशनल डीसीपी और एसीपी आज सुबह दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास पर कथित मारपीट मामले में जांच के लिए पहुंचे थे जहां से बिभव कुमार को हिरासत में लिया गया.
ख़ुद के साथ हिंसा को लेकर गुरुवार को स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस में एफ़आईआर दर्ज कराई थी.
इसके बाद शुक्रवार को ही केजरीवाल के क़रीबी सहयोगी बिभव कुमार ने मुख्यमंत्री आवास में सुरक्षा में सेंध लगाने को लेकर दिल्ली पुलिस को शिकायत दी थी जिस पर अब तक कोई एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई है.

कल क्या हुआ था

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वहीं, शुक्रवार को इस मामले में स्वाति मालीवाल और आम आदमी पार्टी की ओर से काफ़ी ट्वीट किए गए.
कल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने लिखा था, "अपने लोगों से ट्वीट्स करवाके, आधी बिना संदर्भ का वीडियो चलाके इसे लगता है ये इस अपराध को अंज़ाम देके ख़ुद को बचा लेगा. कोई किसी को पीटते हुए वीडियो बनाता है भला? घर के अंदर की और कमरे की सीसीटीवी फ़ुटेज की जाँच होते ही सत्य सबके सामने होगा."
स्वाति मालीवाल ने बिना किसी का नाम लिए लिखा, "जिस हद तक गिर सकता है गिर जा, भगवान सब देख रहा है, एक न एक दिन सब की सच्चाई दुनिया के सामने आएगी."
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. 52 सेकेंड के इस वीडियो को स्वाति मालीवाल से कथित मारपीट वाले दिन का बताया जा रहा है.
वीडियो में सुना जा सकता है कि कुछ सुरक्षाकर्मी स्वाति को बाहर जाने के लिए कह रहे हैं. मगर वो जाने से इनकार करती सुनाई देती हैं.
आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल से इस वीडियो को रीट्वीट करते हुए इसे 'स्वाति मालीवाल का सच' बताया गया है.
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी क्या बोलीं?

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से कथित मारपीट के मामले में शुक्रवार शाम दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
आतिशी ने कहा, "बीजेपी ने साजिश रची. इसी साजिश के तहत बीजेपी ने स्वाति को केजरीवाल के आवास पर भेजा. इस साजिश का मकसद था केजरीवाल पर झूठा आरोप लगाना. स्वाति इस साजिश का चेहरा थीं. स्वाति बिना अपॉइंटमेंट लिए मुख्यमंत्री आवास पहुंची थी. उनका इरादा था कि सीएम पर आरोप लगाए जाएं. मगर वो उस समय उपलब्ध नहीं थे तो वो बच गए. इसलिए स्वाति ने बिभव कुमार पर आरोप लगाए."
आतिशी बोलीं, "स्वाति ने जो शिकायत की थी. इस एफआईआर में स्वाति कहती हैं कि उनकी बेरहमी से मार पिटाई हुई. उन पर मुक्के मारे गए. चोट लगी. वो कहती हैं कि उस चोट के बाद वो दर्द में कराह रही हैं. वो अपनी शिकायत में कहती हैं कि उनके कपड़े फाड़े गए. मगर आज जो वीडियो आया, उसमें उनकी हालत अलग दिखी. वो पुलिसवालों को डरा धमका रही हैं. वो आराम से बैठी दिख रही हैं. उनके कपड़े नहीं फटे हुए हैं. सिर्फ एक चीज दिख रही है कि वो सबको धमका रही हैं."
आतिशी ने स्वाति मालीवाल के आरोपों को ग़लत बताया है.
आतिशी से पूछा गया कि मारपीट की बात सही नहीं है तो संजय सिंह ने स्वाति के साथ बदसलूकी की बात क्यों कही थी.
आतिशी ने इस पर जवाब दिया, "तब संजय सिंह को पूरी बात पता नहीं थी. उनको सिर्फ एक पक्ष पता था."
आतिशी के आरोपों पर बोलीं स्वाति मालीवाल

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स्वाति मालीवाल ने आतिशी के आरोपों का जवाब दिया था.
स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, "पार्टी में कल के आए नेताओं से 20 साल पुरानी कार्यकर्ता को बीजेपी का एजेंट बता दिया. दो दिन पहले पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सब सच क़बूल लिया था और आज यू-टर्न."
स्वाति ने आरोप लगाया, "ये गुंडा पार्टी को धमका रहा है, मैं अरेस्ट हुआ तो सारे राज़ खोलूँगा. इसलिए ही लखनऊ से लेकर हर जगह शरण में घूम रहा है. आज उसके दबाव में पार्टी ने हार मान ली और एक गुंडे को बचाने के लिए पूरी पार्टी से मेरे चरित्र पर सवाल उठाए गए."
स्वाति बोलीं, "कोई बात नहीं, पूरे देश की महिलाओं के लिए अकेले ही लड़ती आई हूँ, अपने लिए भी लड़ूँगी. जमकर चरित्र हनन करो, वक़्त आने पर सब सच सामने आएगा."
कथित मारपीट की घटना और पुलिस की एफ़आईआर

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इस पूरे मामले की शुरुआत 13 मई की शाम उस वक़्त शुरू हुई जब स्वाति मालीवाल ने ये आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार ने मुख्यमंत्री आवास में उनके साथ मारपीट की.
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार शाम को इस मामले में एफ़आईआर दर्ज किया है और बिभव कुमार को इस केस में नामजद अभियुक्त बनाया गया है.
स्वाति मालीवाल के एफ़आईआर में बिभव कुमार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और विस्तार से बताया गया है कि मुख्यमंत्री आवास में उनके साथ क्या हुआ था.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, स्वाति मालीवाल शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की टीम के साथ तीस हज़ारी कोर्ट गईं जहां उन्होंने मैजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया.
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बताया था कि उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. उत्तरी दिल्ली के डीसीपी मुकेश कुमार मीणा ने मीडिया से कहा कि स्वाति मालीवाल सिविल लाइंस थाने पहुंची थीं लेकिन वो बाद में शिकायत देने की बात कहकर वहां से चली गईं.
पुलिस के मुताबिक़, सोमवार को सुबह 9 बजकर 34 मिनट पर एक महिला कॉलर ने पीसीआर कॉल की थी और बताया था कि मुख्यमंत्री आवास में उन पर हमला हो रहा है. इस कॉल के कुछ देर बाद ही स्वाति मालीवाल थाने पहुंच गईं थीं.
पुलिस की डायरी में पीसीआर कॉल के साथ जो नंबर दर्ज है वो स्वाति मालीवाल का ही नंबर है.
कॉलर के हवाले से पीसीआर कॉल एंट्री में दर्ज है, "लेडी कॉलर बोल रही हैं कि मैं अभी सीएम के घर पर हूं, उन्होंने अपने पीए बिभव कुमार से मुझे बुरी तरह पिटवाया है."
एनसीडब्ल्यू के समक्ष पेश नहीं हुए बिभव कुमार

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राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने स्वाति मालीवाल के मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार को नोटिस जारी किया था.
बिभव कुमार को शुक्रवार 17 मई को सुबह 11 बजे कमीशन के सामने पेश होने के लिए कहा गया था लेकिन वे एनसीडब्ल्यू के समक्ष आज पेश नहीं हुए.
एनसीडब्ल्यू की चीफ़ रेखा शर्मा ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आज बिभव कुमार को दूसरा समन भेजा गया है. अगर वे नहीं आते हैं तो उन्हें बुलाने के लिए पुलिस की मदद ली जाएगी.
रेखा शर्मा ने बताया कि महिला आयोग की टीम बिभव कुमार के घर नोटिस देने के लिए गई थी लेकिन वे घर पर नहीं थे.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "बिभव कुमार की पत्नी ने नोटिस लेने से मना कर दिया. मेरी टीम आज पुलिस के साथ उनके घर फिर से गई और अगर वे एनसीडब्ल्यू के समक्ष पेश नहीं हुए तो हम खुद वहां जाकर जांच करेंगे."
उन्होंने ये भी कहा कि वे स्वाति मालीवाल से भी जाकर मिलेंगी.
रेखा शर्मा ने कहा, "मैं स्वाति जी से ट्विटर पर कह रही थी कि वे अपनी आवाज़ उठाएं लेकिन मुझे लगता है कि वे पार्टी नेता के घर में हुई घटना की वजह से सदमे में हैं. एक सांसद जो हमेशा महिलाओं के मुद्दे उठाती रही है, उसे पीटा गया है."
'मेरे साथ जो हुआ वो बहुत बुरा था'

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इससे पहले स्वाति मालीवाल ने गुरुवार को एक्स पर एक पोस्ट करके ये जानकारी दी थी कि "उन्होंने पुलिस को अपना स्टेटमेंट दिया है."
इस घटना को लेकर दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने संभवतः पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "मेरे साथ जो हुआ वो बहुत बुरा था. मेरे साथ हुई घटना पर मैंने पुलिस को अपना स्टेटमेंट दिया है. मुझे आशा है कि उचित कार्रवाई होगी."
उन्होंने कहा, "पिछले दिन मेरे लिए बहुत कठिन रहे हैं. जिन लोगों ने प्रार्थना की उनका धन्यवाद करती हूँ. जिन लोगों ने मेरा चरित्र हनन करने की कोशिश की, ये बोला की दूसरी पार्टी के इशारे पर कर रही है, भगवान उन्हें भी खुश रखे. देश में अहम चुनाव चल रहा है, स्वाति मालीवाल ज़रूरी नहीं है, देश के मुद्दे ज़रूरी हैं."
भारतीय जनता पार्टी की ओर से दी जा रही प्रतिक्रियाओं पर उन्होंने कहा, "बीजेपी वालों से ख़ास गुज़ारिश है इस घटना पे राजनीति न करें."
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

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स्वाति मालीवाल से जुड़े इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया.
प्रेस से बातचीत में निर्मला सीतारमण ने स्वाति मालीवाल की घटना पर कहा, "ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी की एक महिला सदस्य जो राज्यसभा की सदस्य भी हैं, पर हुए गंभीर हमले को लेकर चुप हैं. ये सचमुच अविश्वनीय और अस्वीकार्य है. केजरीवाल को इस घटना के लिए माफी मांगनी चाहिए."
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "हमारी संस्कृति नारी सम्मान की रही है, आम आदमी पार्टी में जो कुछ चल रहा है उसके लिए देश कभी भी अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को माफ नहीं करेगा. देश के इतिहास में ये पहली बार है कि एक मुख्यमंत्री को जेल भेजा गया और एक महिला के साथ उनके आवास में मारपीट की गई. वे इस मामले में कुछ नहीं कर रहे हैं. ये निराशाजनक है क्योंकि वो (स्वाति मालीवाल) पार्टी की एक बड़ी नेता हैं और हमारे देश में महिलाओं के साथ देवी की तरह व्यवहार होता है."
दिल्ली महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के पास शुक्रवार सुबह विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रही महिला कार्यकर्ता स्वाति मालीवाल के मामले में अरविंद केजरीवाल के इस्तीफ़े की मांग कर रही थीं.
आम आदमी पार्टी ने पहले क्या कहा था

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आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ अरविंद केजरीवाल के आवास पर हुई बदसलूकी के मामले में पार्टी नेता संजय सिंह ने मीडिया से बात की थी.
संजय सिंह ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में कहा, "कल बहुत ही निंदनीय घटना घटित हुई. जिसके बारे में आपको बताना चाहता हूं."
सांसद संजय सिंह बोले, "कल सुबह अरविंद केजरीवाल जी से मिलने स्वाति मालीवाल उनके आवास पर पहुंची थीं. ड्रॉइंग रूम में केजरीवाल का इंतज़ार कर रही थीं. इस बीच बिभव कुमार वहां पहुंचे और उनके साथ अभद्रता और बदतमीजी की."
बिभव कुमार केजरीवाल के क़रीबी माने जाते हैं.
संजय सिंह ने बताया, "इस पूरी घटना को दिल्ली के सीएम ने संज्ञान में लिया है. वो इस मामले में सख़्त कार्रवाई करेंगे. जहां तक स्वाति मालीवाल जी का सवाल है, उन्होंने देश और समाज के लिए बहुत काम किया है. वो सीनियर और पुराने नेताओं में से एक हैं. हम उनके साथ हैं."
गुरुवार को लखनऊ में संजय सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "बीजेपी को स्वाति मालीवाल के मामले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. मणिपुर के अंदर कारगिल के योद्धा की पत्नी को निर्वस्त्र करके घुमाया गया, सैकड़ों महिलाओं पर अत्याचार हुआ, पर पीएम मोदी चुप रहे. हज़ारों महिलाओं के साथ प्रज्वल रेवन्ना ने बलात्कार किया. पीएम मोदी कहते हैं ये (प्रज्वल रेवन्ना) भारत को मज़बूती देगा इसे ही वोट दें. उसे भगा दिया जाता है."
संजय सिंह ने कहा, "महिला पहलवान जब जंतर मंतर पर न्याय मांगने के लिए लड़ रही थीं, तो यही स्वाति मालीवाल उनके समर्थन में गई थीं, तो पुलिस ने उन्हें घसीटकर मारा था. पार्टी ने अपना रुख़ साफ कर दिया है. जो विषय उठाए गए हैं बीजेपी को उन पर जवाब देना चाहिए."
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