हैदराबाद: माधवी लता ने वोटिंग के दौरान उठवाया मुस्लिम महिलाओं का नकाब, ओवैसी की पार्टी क्या बोली?

माधवी लता

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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सोमवार को वोटिंग के दौरान मुस्लिम महिलाओं के नकाब हटाए जाने के मामले में बीजेपी उम्मीदवार माधवी लता के ख़िलाफ़ सोमवार को एफ़आईआर दर्ज की गई है.

हैदराबाद में चौथे चरण के तहत आज यानी 13 मई को वोटिंग हुई.

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि वोटिंग के दौरान माधवी कुछ महिला वोटर्स से पहचान पत्र मांगती हैं.

माधवी को इन महिलाओं से अपना नकाब उठाकर चेहरा दिखाने के लिए कहते हुए देखा जा सकता है. माधवी को इन महिलाओं की पहचान पर सवाल उठाते हुए भी वीडियो में सुना जा सकता है.

हैदराबाद के चुनाव अधिकारी रोनॉल्ड रोस ने मीडिया से कहा है कि किसी भी उम्मीदवार के पास किसी का पर्दा हटवाने का अधिकार नहीं है.

चुनाव अधिकारी के आदेश पर माधवी लता के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज हुआ.

हैदराबाद के ज़िलाधिकारी के मुताबिक़, माधवी लता के ख़िलाफ़ मलकपेट थाने में आईपीसी की धारा 171सी, 186, 505(1)सी और जनप्रतिनिधि क़ानून की धारा 132 के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया.

इस वाकये के बाद कुछ जगहों पर माधवी लता का विरोध भी किया गया. तेलंगाना बीजेपी ने आरोप लगाया कि माधवी लता पर एआईएमआईएम की ओर से हमला करने की कोशिश की गई.

माधवी लता और पीएम मोदी

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ओवैसी की पार्टी और माधवी लता क्या बोलीं?

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माधवी लता से जब मुस्लिम महिलाओं के नकाब को हटाने के बारे में पूछा गया तो वो बोलीं- भैया मैं उम्मीदवार हूं. क़ानून के हिसाब से उम्मीदवार के पास ये अधिकार है कि वो बिना फेस मास्क के पहचान की जांच करे. मैं पुरुष नहीं हूं. मैं महिला हूं.''

माधवी लता ने कहा, ''मैंने विनम्रता के साथ उन महिलाओं से पूछा कि क्या मैं (चेहरा) देख सकती हूं और उसकी पहचान पत्र से जांच कर सकती हूं. अगर कोई इसका मुद्दा बनाना चाहता है तो इसका मतलब ये है कि वो डरा हुआ है.''

माधवी लता ने ये भी आरोप लगाया कि कुछ वोटर्स के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं.

इस वाकये के बाद माधवी लता ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया, ''90 फ़ीसदी पोलिंग बूथ्स में गड़बड़ हुई है. पुलिस महिला कॉन्स्टेबल से ये नहीं कह सकी कि महिलाओं के चेहरे वोटर आईडी के साथ चेक किए जाएं. मुझे कोई चिंता नहीं है. मैं इंसाफ़ के लिए खड़ी हुई. मैंने पुलिस से जब जांच के लिए कहा तो उसने कहा कि ये उसकी ज़िम्मेदारी नहीं है.

असद्दुीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''ये चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. हैदराबाद से बीजेपी उम्मीदवार मतदान केंद्र में मुस्लिम महिलाओं को प्रताड़ित कर रही हैं और उनकी बॉडी शेमिंग कर रही हैं. महिला आयोग को एक्शन लेना चाहिए.''

हैदराबाद सीट पर माधवी लता के सामने ओवैसी हैं. ओवैसी 2004 से हैदराबाद सीट से एआईएमआईएम सांसद हैं.

अभी माधवी लता भले ही मुस्लिम महिलाओं के नकाब हटवाने के मुद्दे पर घिरी हों. मगर वो मुस्लिम महिलाओं के बीच अपनी अच्छी पहुंच होने का दावा करती रही हैं.

माधवी लता से कुछ दिन पहले पूछा गया था कि क्या मुसलमान वोटर उन्हें चुनेंगे?

माधवी लता बोली थीं, ''मुसलमान हमको बराबर वोट देंगे. लेकिन हम उसके लिए काम नहीं कर रहे हैं. हैदराबाद की राजनीति इतनी सेक्यूलर है कि बेचारे मुसलमान भी उतने ग़रीब हैं, जितने हिंदू हैं. ओवैसी इस बार एक लाख वोट से हार जाएंगे.''

कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था कि माधवी लता के मुस्लिम महिलाओं के बीच काम को देखते हुए बीजेपी ने माधवी लता को टिकट दिया है.

माधवी लता पहले भी चर्चा में रही हैं

माधवी लता

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बीजेपी ने जब से माधवी लता को हैदराबाद सीट से उम्मीदवार बनाने का एलान किया है, तब से वो चर्चाओं में बनी हुई हैं.

अप्रैल महीने में राम नवमी के मौक़े पर माधवी लता ने मस्जिद की तरफ़ इशारे से तीर छोड़ने का अभिनय किया था. विवाद बढ़ने के बाद माधवी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई थी.

माधवी लता ने तब कहा था, ''कोई तीर नहीं था. जैसे दिवाली में पटाखे जलाए जाते हैं, वैसे राम नवमी के मौक़े पर हमने तीर चलाया था. हमने जहां तीर चलाया वहां कोई मस्जिद नहीं थी. जिसने मेरे पर एफ़आईआर करवाई, वो इनका ही तोता था.''

विवाद बढ़ने के बाद ओवैसी ने कहा था, "अब आप देख रहे हैं कि बीजेपी के उम्मीदवार मस्जिद की तरफ़ रुख़ करके ऐसे इशारा कर रही हैं कि उसकी तरफ़ तीर मारेंगे.''

ओवैसी ने आरोप लगाया था, ''तुम काल्पनिक तीर चलाओ, हम तुम्हारे तीर का जवाब मोहब्बत से देंगे. बीजेपी, आरएसएस वाले याद रखें कि ये हैदराबाद है. ये वो जगह नहीं है, जहां तुम्हारी हरकतों की वजह से हम तुमको पीठ दिखाएंगे.''

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माधवी लता के बारे में कुछ बातें जानिए

हैदराबाद की रहने वाली माधवी के पिता मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में स्टोर इंचार्ज थे.

माधवी लता को अच्छा वक्ता भी माना जाता है. पीएम मोदी ने भी माधवी लता के एक इंटरव्यू की तारीफ़ करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट की थी.

माधवी ने हैदराबाद के निज़ाम कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. वो एमए तक पढ़ी हुई हैं.

माधवी लता भरतनाट्यम डांस की ट्रेनिंग ले चुकी हैं. वो पेंटिंग करती हैं और समाजसेवा में भी सक्रिय रही हैं.

माधवी लता इससे पहले कभी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ी हैं. ऐसे में बीजेपी ने माधवी को टिकट क्यों दिया?

माधवी लता इस बारे में एक इंटरव्यू में बोली थीं, ''20 साल की समाज सेवा का काम है. 8-10 महीने पहले मैंने हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र में फ्री में 1008 नॉर्मल डिलिवरी करवाने का ऐलान किया. मेरे सिर्फ़ इस काम को देखकर दिल्ली में बैठे मोदी भाई ने मुझे मौक़ा दिया. वो मुझसे मिले नहीं हैं, वहीं से बैठकर मेरे काम को देखते हुए मुझे मौका दिया है.''

ओवैसी
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ओवैसी परिवार और हैदराबाद सीट

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन जिसे मजलिस भी कहा जाता है, काफ़ी पुराना संगठन है. लगभग 85 साल पहले हैदराबाद में सामाजिक-धार्मिक संस्था के रूप में इसकी शुरुआत हुई थी.

जब 1948 में हैदराबाद का भारत में विलय हुआ था, तब भारत सरकार ने इसे प्रतिबंधित कर दिया था. उस समय इसके अध्यक्ष रहे क़ासिम राजवी को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

बाद में राजवी पाकिस्तान चले गए मगर संगठन की ज़िम्मेदारी उस समय के मशहूर वकील अब्दुल वहाद ओवैसी को सौंप गए थे.

तब से यानी पिछले पांच दशकों से ज़्यादा समय से ओवैसी परिवार ही मजलिस को चला रहा है. 1957 में मजलिस को राजनीतिक पार्टी के तौर पर बहाल किया गया, इसके नाम में 'ऑल इंडिया' जोड़ा गया और इसका संविधान भी बदला गया.

अब्दुल वहाद ओवैसी के बाद 1976 में पार्टी की ज़िम्मेदारी उनकी बेटे सलाहुद्दीन ओवैसी को मिली. सलाहुद्दीन साल 2004 तक लगातार कई चुनाव जीतते हुए हैदराबाद के सांसद रहे.

अब सलाहुद्दीन ओवैसी के बेटे असदुद्दीन ओवैसी पार्टी के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद हैं और उनके छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर हैं.

असदुद्दीन ओवैसी साल 2004 में पहली बार हैदराबाद सीट से जीतकर संसद पहुंचे थे.

2024 चुनाव में ओवैसी पांचवीं बार चुनावी मैदान में हैं और इस बार उनके सामने माधवी लता हैं. वोट डाले जा चुके हैं. चार जून को नतीजे आएंगे.

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