बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में अब तक पुलिस ने क्या की कार्रवाई, कितने लोग हुए गिरफ़्तार?

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- Author, बीबीसी न्यूज़ मराठी
- पदनाम, .
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और अजित पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी के शव को रविवार शाम राजकीय सम्मान के साथ मुंबई के बड़ा कब्रिस्तान में दफ़नाया गया.
बाबा सिद्दीकी की अंतिम यात्रा से पहले उनके आवास के बाहर 'नमाज़-ए-जनाज़ा' पढ़ी गई. अंतिम यात्रा में हज़ारों की संख्या में लोग पहुंचे थे.
इस बीच, इस मामले में शनिवार रात गिरफ़्तार हुए दो लोगों में से एक शुभम लोनकर के भाई प्रवीण लोनकर को रविवार को पुणे से गिरफ़्तार किया गया.
माना जाता है कि प्रवीण लोनकर ने अपने भाई शुभम लोनकर के साथ मिलकर साज़िश रची थी. प्रवीण लोनकर ने ही धर्मराज कश्यप और शिवकुमार गौतम को इस साज़िश में शामिल किया था.
मुंबई पुलिस के अनुसार गोली चलाने वालों में धर्मराज कश्यप, शिवकुमार गौतम और शुभम लोनकर थे. इनमें शिवकुमार गौतम की तलाश जारी है.

धर्मराज कश्यप और गुरमैल सिंह पुलिस हिरासत में है. तीसरा अभियुक्त शिवकुमार फ़रार है और चौथे अभियुक्त मोहम्मद जिशान अख़्तर के बारे में कहा जा रहा है कि वो बाकी तीनों को गाइड कर रहा था.
बाबा सिद्दीकी की शनिवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद महाराष्ट्र में क़ानून व्यवस्था के ध्वस्त होने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
मुंबई पुलिस ने क्या कहा

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एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े ने कहा है कि इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है.
उन्होंने कहा, “पूर्व मंत्री जब अपने बेटे के कार्यालय से बाहर आ रहे थे उसी समय उनकी हत्या कर दी गई. सहायक पुलिस निरीक्षक राजेंद्र दाभाड़े और उनके स्टाफ़ ने मौके पर ही दो आरोपियों को पकड़ लिया है. फ़रार अभियुक्त की पहचान कर ली गई है."
उनके मुताबिक़, "आरोपियों के पास से दो पिस्तौल और 21 राउंड गोलियां बरामद की गई हैं, हम घटना में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की संभावित भूमिका की जांच कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "मौके पर तीन अभियुक्त थे, उनमें से एक की तलाश की जा रही है. क्राइम ब्रांच की कुल 15 टीमें जांच कर रही हैं. अन्य प्रदेशों की पुलिस से मदद ली जा रही है."
उन्होंने आगे कहा, "हम लॉरेंस बिश्नोई और सलमान खान के साथ-साथ अन्य कोणों से भी जांच कर रहे हैं.”
पुलिस ये भी जांच कर रही है कि हत्या की ज़िम्मेदारी लेने वाले एक कथित सोशल मीडिया पोस्ट की सच्चाई क्या है.
रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुआ था और कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि बिश्नोई गैंग की ओर से हत्या की ज़िम्मेदारी ली गई है.
महाराष्ट्र में क़ानून व्यवस्था पर सवाल

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बाबा सिद्दीकी अस्सी के दशक से राजनीति में सक्रिय थे.
इस साल फरवरी में अजित पवार की पार्टी एनसीपी में शामिल होने तक वह पिछले चार दशकों से कांग्रेस में सक्रिय थे. वह महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी रहे.
बाबा सिद्दीकी का 'बॉलीवुड कनेक्शन' हमेशा चर्चा में रहता था. सलमान ख़ान, शाहरुख ख़ान, संजय दत्त जैसे हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेताओं से उनके क़रीबी रिश्ते थे.
राजनीतिक क्षेत्र में इतने महत्वपूर्ण पद पर बैठे नेता की हत्या से मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था का सवाल खड़ा हो गया है.
यह सवाल सिर्फ बाबा सिद्दीकी की हत्या से ही सामने नहीं आया है, बल्कि पिछले आठ-दस महीनों में अपराध की घटनाओं को देखते हुए विपक्ष क़ानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है.
बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद महाराष्ट्र के विपक्षी दलों ने भी तीखे सवाल उठाए हैं और सत्ताधारी पार्टी की आलोचना की है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था के ध्वस्त होने की बात कही.
जबकि एनसीपी (शरद पवार) प्रमुख शरद पवार ने भी महाराष्ट्र में 'ध्वस्त कानून व्यवस्था' पर चिंता ज़ाहिर की है.
विपक्ष ने गृह मंत्री के इस्तीफ़े की मांग की है.
उधर, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
वहीं उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा, “विपक्ष सत्ता पर नज़रें गड़ाए बैठा है. लेकिन हमें राज्य संभालना है.”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि घटना की जांच कर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.
हत्या, हिट एंड रन, यौन उत्पीड़न, मारपीट; महाराष्ट्र में क्या चल रहा है?

बाबा सिद्दीकी जैसे इतने वरिष्ठ नेता की सरेआम हत्या, वह भी विधानसभा चुनाव से महज़ कुछ दिन पहले, इस घटना को और भी गंभीर बना देती है.
कुछ दिन पहले बदलापुर के एक स्कूल में नाबालिग बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटना और उसके बाद अभियुक्त अक्षय शिंदे की मुठभेड़ में मौत की ख़बर सुर्खियों में रही.
हत्याएं, यातनाएं, हिट एंड रन, यौन उत्पीड़न को लेकर महाराष्ट्र चर्चा में रहा. नीचे कुछ चुनिंदा मामले हैं जिन्हें राज्य में क़ानून व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है.
- इस साल की शुरुआत पुणे में गैंगवार से हुई. 5 जनवरी 2024 को पुणे के कुख्यात गैंगस्टर शरद मोहोल को 3 से 4 लोगों ने गोली मार दी थी. इसमें शरद मोहोल की मौत हो गई .
- दो फरवरी 2024 को कल्याण पूर्व विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक गणपत गायकवाड़ ने पुलिस स्टेशन के अंदर ही फायरिंग कर दी. उल्हासनगर के हिललाइन पुलिस स्टेशन में पुलिस इंस्पेक्टर के सामने हुई. इसमें पूर्व शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) नेता और कॉर्पोरेटर महेश गायकवाड़ और उनके सहयोगी राहुल पाटिल घायल हो गए.
- मुंबई नगर निगम में शिवसेना के पूर्व नगरसेवक अभिषेक घोसालकर की 8 फरवरी, 2024 को फेसबुक लाइव करते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घोसालकर पर 5 गोलियां चलाने के बाद मॉरिस नोरोन्हा उर्फ मॉरिसभाई नाम के एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली.
- 14 अप्रैल 2024 को तड़के अभिनेता सलमान खान के घर पर गोली चलाई गई थी. इसके बाद सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी गई. मुंबई पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था. इनमें से एक अभियुक्त ने दक्षिण मुंबई के आज़ाद मैदान पुलिस स्टेशन में आत्महत्या कर ली.

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5. 19 मई, 2024 की सुबह पुणे के कल्याणीनगर इलाके में एक तेज़ रफ़्तार पोर्शा कार ने दोपहिया वाहन पर सवार दो लोगों को कुचल दिया, उनकी मौके पर मौत हो गई. विवाद तब बढ़ा जब आरोप लगे कि नाबालिग अभियुक्त को बचाने की कोशिश की गई.
6. पुणे पोर्शा जैसी घटना 7 जुलाई 2024 को मुंबई के वर्ली में भी हुई. अटरिया मॉल के सामने सुबह-सुबह बीएमडब्ल्यू कार चला रहे मिहिर ने बाइक को ज़ोरदार टक्कर मार दी. दोपहिया वाहन पर सवार दंपति कार के बोनट पर गिर गए. कार के साथ कुछ दूर तक घिसटने की जानकारी भी सामने आई और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. इस घटना में महिला की मौके पर ही मौत हो गई.
7.16 अगस्त 2024 को मुंबई के पास ठाणे ज़िले के बदलापुर में दो नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया. 16 अगस्त को पीड़ित लड़की के माता-पिता केस दर्ज कराने थाने पहुंचे, लेकिन उन्हें करीब 12 घंटे तक बैठाए रखा गया.
8. इसके बाद लोग भड़क उठे. लोग बदलापुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेनों को रोक दिया. इस मामले के अभियुक्त अक्षय शिंदे की 23 सितंबर 2024 को पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई.
9.अभी पिछले महीने एक सितंबर 2024 को पुणे के पूर्व नगरसेवक वनराज आंदेकर पर फायरिंग हुई और चाकू से हमला किया गया था. गंभीर रूप से घायल वनराज आंदेकर की इलाज के दौरान मौत हो गई.
क़ानून व्यवस्था का सवाल कितना बड़ा

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राज्य में विधानसभा चुनाव को मुश्किल से एक महीने भी बाकी नहीं बचे हैं ऐसे में यह क़ानून व्यवस्था का मुद्दा बड़ा बनता दिख रहा है.
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक अभय देशपांडे ने बीबीसी मराठी से कहा, “बाबा सिद्दीकी की हत्या के पीछे कोई राजनीतिक दुश्मनी नहीं लगती. इसलिए इस घटना को लेकर चुनाव की पृष्ठभूमि में सुरक्षा का मुद्दा उठाना जल्दबाज़ी होगी.”
हालांकि उन्होंने कहा, ''अगर बाबा सिद्दीकी को 'वाई' सुरक्षा प्रदान की गई थी और वे उन पर इतने क़रीब से गोली चला रहे थे तो तो यह निश्चित रूप से चिंताजनक है.”
वरिष्ठ पत्रकार हेमंत देसाई सवाल करते हैं, "अपराध को ख़त्म करने के लिए कड़ी सुरक्षा का होना ज़रूरी है. हम ऐसी घटनाओं को बार-बार और कुछ दिनों के भीतर होते हुए देखते हैं तो यह क़ानून व्यवस्था के ख़राब होने का संकेत नहीं तो क्या है?"
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को सवाल से भागना बंद करना चाहिए और क़ानून-व्यवस्था के मामले में गंभीर कदम उठाने चाहिए.
पूर्व आईपीएस अधिकारी सुधाकर सुरदकर ने कहते हैं, “पुलिस के लिए यह ज़रूरी है कि वह राजनीतिक दबाव में न आए और खुद को लोगों के प्रति जवाबदेह बनाए.”
“उच्च पद पर आसीन पुलिस को अपने व्यवहार से यह संदेश देना चाहिए कि वे सुरक्षा के लिए इस सेवा में हैं, न कि नेताओं के लिए. जो अब होता नहीं दिख रहा है. इसलिए, कानून-व्यवस्था का मुद्दा बार-बार उठता है,''
राजनीतिक विश्लेषक अभय देशपांडे कहते हैं, ''पिछले कुछ महीनों में राजनीतिक क्षेत्र में विवाद पैदा करने वाली कई घटनाएं दिख जाएंगी. राजनीतिक दलों को आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को शामिल करना एक चिंतनीय मुद्दा है. बिना दंड की शक्ति के राजनीति नहीं होती. बढ़ता अपराध इस बात का संकेत है.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित


















