महाराष्ट्र के बदलापुर में दो बच्चियों के साथ कथित यौन शोषण के ख़िलाफ़ रेलवे ट्रैकों पर उतरी ग़ुस्साई भीड़, क्या है पूरा मामला?

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- Author, दीपाली जगताप
- पदनाम, बीबीसी मराठी
महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले के बदलापुर शहर में एक नामी स्कूल के अंदर दो नाबालिग लड़कियों से कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है. इसके बाद इलाक़े में गु़स्से की लहर देखी गई.
बदलापुर के हज़ारों लोग विरोध के लिए सड़कों पर उतरे. लोगों ने ट्रैक पर उतरकर बदलापुर रेलवे स्टेशन को ठप कर दिया. कई घंटों तक ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही.
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले के बाद उपजा जन आक्रोश अभी थमा नहीं. अब बदलापुर की घटना ने जनता के ग़ुस्से को और बढ़ा दिया है.
यौन शोषण के विरोध में दोषियों को तत्काल सज़ा देने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई थी. हालांकि, लोगों के ग़ुस्से के आगे पुलिस भी बेबस दिखी.
आख़िरकार शाम ढलते-ढलते पुलिस ने लाठियां बरसाकर प्रदर्शनकारियों को रेलवे ट्रैक से हटाया. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव भी देखने को मिला.
पुलिस के मुताबिक़ इस मामले में अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है. साथ ही केस दर्ज करने में ढिलाई बरतने वाले पुलिसवालों पर भी कार्रवाई की बात कही गई है. स्कूल ने भी इस मामले में शामिल लोगों को निलंबित कर दिया है.
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता गिरीश महाजन ने धरनास्थल पर जाकर लोगों से चर्चा करने की कोशिश की. हालांकि, गु़स्साए प्रदर्शनकारियों की भीड़ के सामने वह ज़्यादा कुछ नहीं बोल पाए और वहां से चले गए.
हालांकि उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि ये आंदोलन राजनीतिक रूप से प्रेरित है. हमने एसआईटी का गठन किया है."
प्रदर्शनकारियों ने अभियुक्तों को कड़ी सज़ा देने की मांग की है. महाराष्ट्र के गृह मंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

क्या है पूरा मामला?

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बदलापुर के एक नाम-गिरामी स्कूल में दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न का ये मामला सामने आया है. इन नाबालिगों की उम्र चार और छह साल है.
दोनों बच्चियां परीक्षा देने स्कूल गई थीं. उसी दिन स्कूल के एक सफ़ाईकर्मी ने कथित तौर पर उनके साथ यौन उत्पीड़न किया.
ये मामला 13 अगस्त का है. दोनों बच्चियों में से एक ने 16 अगस्त को अपने माता-पिता को ये पूरी वारदात बताई. अभियुक्त को 17 अगस्त को गिरफ़्तार किया गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने इस मामले में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर बताया है कि सफ़ाईकर्मी ने बच्चियों के साथ स्कूल के टॉयलेट में यौन उत्पीड़न किया.
स्कूल प्रशासन ने इस मामले में प्रिंसिपल, क्लास टीचर और एक महिला कर्मी को निलंबित कर दिया है.
शिकायत में बताया गया है कि दोनों में से एक बच्ची ने 16 अगस्त को स्कूल जाने इनकार किया, जिससे उसके माता-पिता को संदेह हुआ. इसके बाद बच्ची को जाँच के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां बच्ची के प्राइवेट पार्ट में चोट की पुष्टि हुई.
बच्ची ने कथित तौर पर अपने माता-पिता को ये बताया, "दादा (मराठी में भाई के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द) ने मेरे कपड़े उतारे और मेरे प्राइवेट पार्ट को छुआ."
इंडिया टुडे के अनुसार बच्ची के माता-पिता का आरोप है कि उनकी शिकायत के 10-11 घंटे बाद एफ़आईआर दर्ज की गई.
इस घटना के विरोध में बदलापुर के लोगों ने मंगलवार को बदलापुर बंद का आह्वान किया था. हज़ारों की तादाद में लोगों ने स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन किया और अभियुक्तों को कड़ी सज़ा देने की मांग रखी.
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अभियुक्त को फ़ांसी दी जाए.
इस बीच, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने ठाणे पुलिस आयुक्त को इस मामले में कार्रवाई करने में देरी करने वाले बदलापुर पुलिस थाने के सीनियर इंस्पेक्टर समेत तीन कर्मियों को तुरंत निलंबित करने का आदेश दिया.
ट्रेने रोकी गईं, अब क्या है हालात?
नाराज़ प्रदर्शनकारियों ने बदलापुर रेलवे स्टेशन पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू किया. इससे रेलवे लाइन पूरी तरह से ठप हो गई.
मंगलवार को सुबह 10 बजे से ही इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी.
हालांकि, देर शाम तक रेल रोकने वालों को पुलिस ने लाठियां भांज कर हटा दिया.
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया. जवाब में पुलिस ने बल प्रयोग किया और रेलवे ट्रैक पर जमे लोगों को खदेड़ दिया.
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करके उनको तितर-बितर किया.
राज्य सरकार के मंत्री गिरीश महाजन और स्थानीय नेता प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे थे. उन्होंने उन्हें समझाने की कोशिश की थी. ये प्रदर्शन आठ घंटे तक चला और आख़िर में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.
इलाक़े में इंटरनेट की सुविधा अभी भी बंद है, कई जगहों पर बिजली भी कटी हुई है. बदलापुर रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है. रेलवे अधिकारी कह रहे हैं कि जल्द ही रेलवे सेवा शुरू हो जाएगी.
इसी के चलते ये प्रदर्शन शुरू हुआ. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि अभियुक्त को तुरंत फांसी दी जाए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकारें फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट का आश्वासन देती हैं लेकिन अभियुक्तों को फांसी नहीं होती है. इस वजह से प्रदर्शनकारी तुरंत फांसी देने की मांग कर रहे थे.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने क्या कहा

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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूरे मामले पर राज्य के शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर से चर्चा की और तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए हैं.
सीएम एकनाथ शिंदे ने भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने सहित इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का भी आदेश दिया है.
मुख्यमंत्री ने कहा, "अगर स्कूल प्रबंधन की गलती है तो उनके ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जाएगी."
इस बीच उन्होंने रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन करने वालों से शांति बरतने की भी अपील की.
वहीं, डिप्टी सीएम और राज्य के गृह मंत्री फड़णवीस ने कहा है कि बदलापुर की घटना की जाँच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आरती सिंह को नियुक्त किया गया है.
उन्होंने कहा, "इस मामले में तुरंत चार्जशीट दाख़िल कर इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा."
राज्य महिला आयोग ने इस घटना में अब तक हुई जांच पर रिपोर्ट मांगी है. आयोग की ओर से कहा गया है कि तुरंत उचित कार्रवाई की जाएगी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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