कोलकाता रेप केसः महिला सुरक्षा के मामले में कहां चूक होती है और क्या है समाधान? - द लेंस
कोलकाता में एक डॉक्टर के बलात्कार और फिर हत्या का मामला इन दिनों भारत में चर्चा का विषय बना हुआ है.
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की रेप के बाद हत्या के मामले में 14 और 15 अगस्त की दरम्यानी रात को महिला संगठनों और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोगों ने 'रीक्लेम द नाइट' का नारा देकर महिलाओं से सड़क पर उतरने का आह्वान किया था.
एक तरफ़ लोग जगह-जगह जुट रहे थे तो दूसरी तरफ़ मेडिकल कॉलेज में देर रात अचानक कुछ उपद्रवी घुस गए और उन्होंने तोड़-फोड़ की. लोग हैरान हुए कि आख़िर ये क्यों हुआ?
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर महिला सुरक्षा के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है.
महिला सुरक्षा के मामले में आख़िर कहां चूक हो जाती है, इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है और देश में महिलाएं सुरक्षित महसूस करें इसके लिए क्या क़दम उठाए जाने चाहिए.

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इसी ज़रूरी मुद्दे पर ‘द लेंस’ के इस एपिसोड में चर्चा की गई.
इस चर्चा में कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा ने बात की रिमझिम सिन्हा से, जो कोलकाता में ‘रीक्लेम द नाइट’ की आयोजक रहीं.
इसके साथ ही बीबीसी के लिए महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग करने वालीं सुशीला सिंह और दिव्या आर्य भी इस चर्चा में शामिल हुईं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित



