पुतिन के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने से लेकर एलेक्सी नवेलनी की निडरता पर उनकी पत्नी ने बीबीसी को क्या बताया

एलेक्सी नवेलनी और यूलिया नवेलनी

इमेज स्रोत, Navalny family

इमेज कैप्शन, 2013 में मॉस्को में इलेक्शन के पहले हुई रैली के दौरान एलेक्सी और यूलिया नवेलनी.
    • Author, केटी रैज़ल और डेनियल फ़िशर
    • पदनाम, कल्चर एंड मीडिया एडिटर, बीबीसी न्यूज़

यूलिया नवेलनी सीधे हमारी आंखों में झांकते हुए कहती हैं- 'मैं रूस की राष्ट्रपति बनना चाहती हूं.' उनमें ना कोई झिझक थी और ना ही कोई डर.

अपने पति और विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी के साथ लिए गए कई अन्य निर्णयों की तरह ही, उनका ये निर्णय भी बिल्कुल स्पष्ट है.

नवेलनी जानती हैं कि अगर पुतिन के रहते वो वापस रूस लौटती हैं, तो उन्हें गिरफ़्तार किया जा सकता है. पुतिन प्रशासन ने यूलिया नवेलनी पर चरमपंथ में शामिल होने के आरोप लगाए हैं.

ये कोई खोखली धमकी नहीं है. रूस में, इसका नतीजा मौत हो सकता है.

बीबीसी हिंदी का व्हॉट्सऐप चैनल
इमेज कैप्शन, बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.

उनके पति और राष्ट्रपति पुतिन के सबसे प्रखर आलोचक रहे एलेक्सी नवेलनी को इसी आरोप में 19 साल की सज़ा हुई थी. हालांकि इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित माना गया था.

आर्कटिक सर्किल स्थित एक सख़्त जेल में इस साल फ़रवरी में नवेलनी की मौत हो गई थी.

नवेलनी की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि इसमें कोई शक नहीं है कि उनकी मौत के लिए पुतिन ज़िम्मेदार हैं. रूस ने नवेलनी की हत्या करने के आरोपों को ख़ारिज किया है.

वीडियो कैप्शन, एलेक्सी नवेलनी की पत्नी यूलिया नवेलनी ने रूस जाकर राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है.
ये भी पढ़ें

यूलिया नवेलनी ने दोहराई योजना

यूलिया नवेलनी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, यूलिया नवेलनी ने बीबीसी से कहा कि 'जब सही समय होगा, मैं उम्मीदवार के तौर पर चुनाव में हिस्सा लूंगी.'

लंदन लीगल लाइब्रेरी में इंटरव्यू के लिए हमारे सामने बैठीं यूलिया नवेलनी ना सिर्फ़ नवेलनी की उत्तराधिकारी के रूप में दिखती हैं, बल्कि बिल्कुल उनके जैसे ही बातें भी करती हैं.

अधिवक्ता से राजनेता बने एलेक्सी नवेलनी रूस को बदलने का सपना देखते थे.

अपने पति की मृत्यु से पहले लिखी गई आत्मकथा पैट्रियट (देशभक्त) का लोकापर्ण करते हुए यूलिया नवेलनी फिर से लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई को जारी रखने की अपनी योजना को दोहराती हैं.

उन्होंने बीबीसी से बात करते हुए कहा, 'जब समय सही होगा, मैं एक उम्मीदवार के रूप में चुनावों में हिस्सा लूंगी.'

वो कहती हैं, “मेरे राजनीतिक विरोधी व्लादिमीर पुतिन हैं और मैं उनके शासन को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए हर संभव क़दम उठाऊंगी.”

फिलहाल, यूलिया का ये संघर्ष रूस से बाहर ही जारी रहेगा. वो मुझे बताती हैं कि जब तक रूस में पुतिन सत्ता में हैं, वो वापस नहीं लौटेंगी.

हालांकि, यूलिया उस दिन का इंतज़ार कर रही हैं, जो उन्हें लगता है एक दिन ज़रूर आएगा, जब रूस में पुतिन की सत्ता का अंत होगा और रूस फिर से खुलेगा.

अपने पति की ही तरह, वो भी यक़ीन करती हैं कि एक दिन रूस में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का मौक़ा आएगा. जब ऐसा होगा, वो कहती हैं कि वो वहां (रूस में) होंगी.

ये भी पढ़ें

परिवार ने चुकाई क़ीमत

एलेक्सी, यूलिया और उनके बेटे ज़ाखार

इमेज स्रोत, Evgeny Feldman

इमेज कैप्शन, एलेक्सी, यूलिया और उनके बेटे ज़ाखार मॉस्को में 2017 में हुई एक रैली के दौरान पुलिस से घिरे नज़र आए.

रूस की सत्ता के ख़िलाफ़ संघर्ष में उनके परिवार ने अब तक भारी क़ीमत चुकाई है. लेकिन हमारे पूरे साक्षात्कार के दौरान वो दृढ़ बनी रहीं.

जब भी पुतिन का नाम साक्षात्कार के दौरान आया, वो और मज़बूत नज़र आईं. उनका व्यक्तिगत दुख अब राजनीतिक संदेश में बदल रहा है, ख़ासकर सार्वजनिक रूप से.

लेकिन वो हमें बताती हैं कि, एलेक्सी की मौत के बाद से, वो अब उन राजनीतिक निर्णयों और अपनी साझा विचारधारा के बारे में अधिक सोच रही हैं जो उन्होंने दंपती के रूप में लिए और उनका प्रभाव उनके बच्चों पर पड़ रहा है.

नवेलनी दंपती के दो बच्चे हैं. 23 साल की दाशा और 16 साल के ज़ाखार.

वो कहती हैं, “मैं ये बात समझती हूं कि उन्होंने ये नहीं चुना था.”

हालांकि वो ये भी कहती हैं कि उन्होंने कभी भी नवेलनी से रास्ता बदलने के लिए नहीं कहा.

एलेक्सी नवेलनी की खोजी रिपोर्ट्स

एलेक्सी, यूलिया और उनके बच्चे ज़ाखार और दाशा

इमेज स्रोत, Navalny family

इमेज कैप्शन, जर्मनी में एलेक्सी, यूलिया और उनके बच्चे ज़ाखार और दाशा.

रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग ने नवेलनी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में खड़े होने पर रोक लगा दी थी.

नवेलनी अपने एंटी करप्शन फाउंडेशन (भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मुहिम) के ज़रिए जो खोजी रिपोर्टें प्रकाशित-प्रसारित करते थे, उन्हें दसियों लाख लोग देखते थे.

इनमें आख़िरी बार गिरफ़्तार होने से पहले पोस्ट किया गया एक वीडियो भी शामिल है जिसमें दावा किया गया था कि पुतिन ने काले सागर के पास क़रीब एक अरब डॉलर क़ीमत का आलीशान बंगला बनाया है.

राष्ट्रपति पुतिन ने इन आरोपों को ख़ारिज किया था.

ये भी पढ़ें

पुतिन प्रशासन से पूछे सवाल

पुतिन का महल

इमेज स्रोत, Alexei Navalny/Anti-Corruption Foundation

इमेज कैप्शन, नवेलनी का कहना है कि ब्लैक सी के पास बनाए गए पुतिन के महल की जाँच में महीनों लग गए थे.

यूलिया कहती हैं, “जब आप ऐसी ज़िंदगी जीते हैं तब आप ये समझ जाते हैं कि वो कभी पीछे नहीं हटेंगे और इसके लिए ही तो आप उन्हें प्यार करते थे.”

साल 2020 में नवेलनी को नर्व एजेंट नोवीचोक देकर मारने की कोशिश की गई थी.

उन्हें इलाज के लिए जर्मनी ले जाया गया था और जर्मनी की तत्कालीन चांसलर ने उनकी सेहत को लेकर पुतिन प्रशासन से सवाल भी पूछे थे.

नवेलनी ओपन सोर्स जांचकर्ताओं के साथ मिलकर काम करते थे.

बेलिंग कैट (एक मीडिया संस्थान) ने ज़हर दिए जाने की इस घटना को रूस की ख़ुफ़िया सेवा एफ़एसबी के साथ जोड़ा था.

जब रूस लौट आए नवेलनी

एलेक्सी नवेलनी अपने परिवार के साथ.

इमेज स्रोत, Navalny family

इमेज कैप्शन, एलेक्सी ने स्वास्थ्य में सुधार आना शुरू होने के बाद आत्मकथा लिखना शुरू कर दी थी.

इलाज के दौरान जब उनका स्वास्थ्य बेहतर होना शुरू हुआ तो उन्होंने अपनी आत्मकथा लिखना शुरू किया था.

जनवरी 2021 में एलेक्सी और यूलिया वापस रूस लौट आए थे, जहां विमान से उतरते ही उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था.

बहुत से लोग ये सवाल करते हैं कि वो रूस लौटे ही क्यों थे.

यूलिया ने कहा, “कोई चर्चा करने की गुंजाइश ही नहीं थी. मुझे बस उनका साथ देना था. मैं ये जानती थी कि वो रूस लौटना चाहते हैं. मैं ये जानती थी कि वो अपने समर्थकों के बीच होना चाहते हैं.”

उन्होंने कहा, “वो अपनी बहादुरी और साहस के ज़रिए उन सभी लोगों के लिए एक उदाहरण बनना चाहते थे. वो लोगों को ये दिखाना चाहते थे कि तानाशाह से डरने की ज़रूरत नहीं है.”

उन्होंने कहा, “मैंने कभी अपने दिमाग़ में ये विचार ही नहीं आने दिया था कि उन्हें मारा भी जा सकता है.”

यूलिया ने कहा, "हमने ये ज़िंदगी दशकों तक जी है और ये साथ में मुश्किलों का सामना करने के बारे में है, आप उन विचारों को भी साझा करते हैं. आप उनका समर्थन करते हैं.”

ये भी पढ़ें

जेल में हुआ कैसा व्यवहार?

एलेक्सी नवेलनी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, नवेलनी जब जनवरी 2021 में रूस लौटे तो एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया था कि क्या उनको अब चिंता हो रही है? इसके जवाब में उन्होंने ना कहा था.
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

रूस लौटने पर जेल भेजे जाने के बाद भी, नवेलनी ने नोटबुक में एंट्री, सोशल मीडिया पर पोस्ट और जेल में लिखी गई डायरी के ज़रिए अपनी आत्मकथा लिखने पर काम जारी रखा.

नवेलनी की ये डायरी, सोशल मीडिया पोस्ट और नोटबुक में लिखे गए लेखों में से कई पहली बार प्रकाशित किये जा रहे हैं.

नवेलनी ने दावा किया था कि उनके लेखों में से कुछ को जेल प्रशासन ने ज़ब्त कर लिया था.

'पैट्रियट' ना सिर्फ़ नई जानकारियां देती है बल्कि झटका भी देती है.

नवेलनी के अंतिम अध्याय के बारे में हम सब जानते हैं, जिसमें जेल में उनके साथ किए जा रहे व्यवहार का विवरण है और इसके सामने उनके साहस का ज़िक्र है. ये वर्णन को और भी मार्मिक बना देता है.

नवेलनी ने जेल के भीतर 295 दिन एकांतवास में बिताये थे. इस किताब के मुताबिक इस दौरान उन्हें सज़ा दी जाती थी. ना उन्हें फ़ोन कॉल करने दिया जाता था ना ही किसी से मिलने दिया जाता था.

शर्ट का ऊपरी बटन खोलने पर भी उन्हें मारा-पीटा जाता था.

यूलिया नवेलनी बताती हैं- “आमतौर पर, सिर्फ़ दो सप्ताह के लिए क़ैदी को बिल्कुल अकेले किया जाता है और ये सबसे सख़्त सज़ा है. मेरे पति ने वहां लगभग एक साल बिल्कुल एकांतवास में बिताया है.”

22 अगस्त को जेल में एकांतवास में रहते हुए डायरी में नवेलनी ने लिखा है-

“मेरी कोठरी में इतनी गर्मी है कि सांस लेना मुश्किल है. आप एक ऐसी मछली जैसा महसूस करते हैं जिसे किनारे पर फेंक दिया गया है जो ताज़ा हवा के लिए तड़प रही है. हालांकि, अधिकतर समय, यह एक अंधेरे और सीलन भरे तहखाने जैसा है…ये बिल्कुल अलग-थलग है, जहां लगातार तेज़ आवाज़ में संगीत बजता रहता है. सैद्धांतिक रूप से ऐसा इसलिए किया गया है ताक़ि अलग-अलग कोठरियों में बंद क़ैदी एक दूसरे से बात ना कर सकें, लेकिन वास्तव में इस संगीत का मक़सद उन लोगों की चीख़ों को ख़ामोश करना है जिन्हें यातनाएं दी जा रही हैं.”

ये भी पढ़ें

जब रूस पर लगे प्रतिबंध

एलेक्सी नवेलनी

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, एलेक्सी नवेलनी की मौत 16 फरवरी को आर्कटिक सर्कल स्थित एक जेल में हुई थी.

यूलिया नवेलनी दावा करती हैं कि एलेक्सी नवालनी की मौत से पहले उन्हें दो साल तक ना अपने पति से बात करने दी गई और ना ही उनसे मिलने दिया गया.

यूलिया कहती हैं कि एलेक्सी को यातनाएं दी गईं, भूखा रखा गया और बेहद मुश्किल हालात में रखा गया.

नवेलनी की मौत के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने रूस पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की थी.

इनमें आर्कटिक सर्कल पीनल कॉलोनी जेल को संचालित करने वाले छह जेल अधिकारियों की संपत्तियां फ़्रीज़ किया जाना भी शामिल है.

जिन जजों ने नवेलनी के मुक़दमे की सुनवाई की थी, उन पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे.

यूलिया कहती हैं कि एलेक्सी की मौत के बाद आई अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया किसी चुटकुले जैसी है और वह पश्चिमी नेताओं से पुतिन से थोड़ा कम डरने का आह्वान करती हैं.

यूलिया चाहती हैं कि राष्ट्रपति पुतिन को उनके पति की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किया जाए.

यूलिया कहती हैं, “मैं नहीं चाहती कि वो विदेश में किसी जेल में रहें, एक अच्छी जेल जिसमें कंप्यूटर मिला हो, अच्छा खाना हो. मैं चाहती हूं कि वो रूस के जेल में रहें. और सिर्फ़ इतना ही नहीं- मैं चाहती हूं कि वो ऐसे ही हालात में रहें जैसे हालात में एलेक्सी को रखा गया था. मेरे लिए ये बहुत महत्वपूर्ण है.”

रूस ने दावा किया था कि नवेलनी की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी. यूलिया को विश्वास है कि पुतिन ने उनकी हत्या का आदेश दिया था.

यूलिया कहती हैं, “व्लादिमीर पुतिन को मेरे पति की मौत और हत्या का जवाब देना ही होगा.”

वो कहती हैं कि जिस एंटी करप्शन फ़ाउंडेशन को अब वो अपने पति की जगह संचालित कर रही हैं उसके पास ‘सबूत’ हैं जिन्हें वो तब ही सामने लाएंगी जब उनके सामने पूरी तस्वीर साफ़ हो जाएगी.

एलेक्सी की किताब का असर क्या होगा?

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, नवेलनी ने अपनी डायरी में राष्ट्रपति पुतिन पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था.

ये किताब एक आत्मकथा के बजाए एक राजनीतिक काम अधिक लगती है. ये हर उस व्यक्ति के लिए एकजुट होने का संदेश भी है जो स्वतंत्र रूस चाहता है.

इस किताब को रूसी भाषा के अलावा ई-बुक और ऑडियो बुक के रूप में भी प्रकाशित किया जा रहा है.

हालांकि, प्रकाशकों का कहना है कि वो इस किताब की हार्ड कॉपी को रूस या बेलारूस नहीं भेजेंगे क्योंकि उन्हें आशंका है कि इसे कस्टम जांच के दौरान ही रोका जा सकता है.

अभी ये भी स्पष्ट है कि कितने रूस के लोग, इलेक्ट्रॉनिक रूप में ही सही, इस किताब को ख़रीदने की हिम्मत जुटा पाते हैं. इस किताब का क्या असर हो सकता है, ये भी अभी सवालों में ही है.

''आख़िर तक डटे रहे नवेलनी''

एलेक्सी नवेलनी

इमेज स्रोत, Evgeny Feldman

इमेज कैप्शन, एलेक्सी नवेलनी 2018 में एक रैली के दौरान.

इस किताब के हर पन्ने पर ये संदेश स्पष्ट है कि आख़िरी पल तक नवेलनी डटे रहे और पीछे नहीं हटे. किताब के दौरान उनका मज़ाकिया पक्ष भी सामने आता है.

एक जगह वो लिखते हैं कि सज़ा की कोठरी में, उन्हें ख़ामोश रहने, कम खाने और बाहरी दुनिया से दूर रहने का अनुभव मुफ़्त में मिल रहा है.

वो लिखते हैं कि बाहरी दुनिया में रहने वाले और मिडलाइफ़ क्राइसिस से गुज़र रहे लोग, ऐसे ही अनुभवों के लिए भुगतान करते हैं.

सिर्फ़ एक जगह ही वो टूटे हुए नज़र आए हैं. उन्होंने साल 2021 में नागरिक डॉक्टरों से स्वास्थ्य सेवाएं हासिल करने के लिए जेल के भीतर भूख हड़ताल की थी.

एक लेख में वो लिखते हैं, “पहली बार, मैं मानसिक और नैतिक रूप से, टूटा हुआ महसूस कर रहा हूं.”

लेकिन यूलिया कहती हैं कि उन्हें कभी इस बात की चिंता नहीं हुई थी कि पुतिन प्रशासन उन्हें तोड़ पाएगा.

“मैं इस बात को लेकर सौ फ़ीसदी आश्वस्त हूं कि, यही वो कारण है जिसकी वजह से उन्होंने आख़िरकार उनकी हत्या करने का फ़ैसला किया. क्योंकि उन्हें अहसास हो गया था कि नवेलनी कभी पीछे हटने वाले नहीं हैं.”

यहां तक की, मौत से एक दिन पहले जब नवेलनी को जज के सामने पेश किया गया था तब वो हंसते हुए नज़र आए थे.

जज से जब हँसते हुए मिले एलेक्सी

एलेक्सी नवेलनी

इमेज स्रोत, SOTA VISION

इमेज कैप्शन, एलेक्सी नवेलनी 15 फ़रवरी को अदालत में वीडियो लिंक के ज़रिए पेश हुए थे, वहां उन्होंने न्यायाधीश से कहा था कि उनको कुछ पैसे भेजे जाएं.

यूलिया कहती हैं कि खिलखिलाकर हंसना उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी ताक़त थी.

“वो सच में, वास्तव में, पुतिन और उनकी सत्ता पर बहुत हंसते थे. यही कारण है कि व्लादिमीर पुतिन उनसे इतनी नफ़रत करते हैं. ”

नवेलनी की लेखनी में व्यंग्य भी काफ़ी भरा हुआ है.

नवेलनी लिखते हैं कि अगर उनकी मौत हो जाती है तो किताब अधिक बिकेगी.

वो लिखते हैं, “आइये इस सच का सामना करते हैं कि अगर एक रासायनिक हथियार का इस्तेमाल करके हत्या की कोशिश और उसके बाद जेल के भीतर दर्दनाक मौत के बाद भी किताब नहीं बिकती है तो ये कल्पना करना मुश्किल है कि किससे किताब बिकेगी. एक खलनायक राष्ट्रपति ने किताब के लेखक की हत्या कर दी है, मार्केटिंग विभाग इससे अधिक और क्या ही मांग कर सकता है.”

अंत में, 'पैट्रियट' दो ऐसे लोगों की प्रेमकथा भी है जो अपने मक़सद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.

वो मक़सद अब यूलिया जिसका प्रतीक बन गई हैं.

यूलिया के लिए एलेक्सी ने क्या लिखा?

एलेक्सी नवेलनी

इमेज स्रोत, Navalny family

इमेज कैप्शन, एलेक्सी नवेलनी ने अपनी आत्मकथा में यूलिया को लेकर लिखा कि वह उन लोगों से नफ़रत करती हैं जिन्होंने हमारे देश में सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया है.

यूलिया की जेल में एक मुलाक़ात के बाद नवेलनी लिखते हैं-

“मैंने उसके कान में फुसफुसाकर कहा- मैं नाटकीय नहीं दिखना चाहता, लेकिन इस बात की अधिक संभावना है कि मैं शायद कभी जेल से बाहर ना आ पाऊं…वो मुझे ज़हर दे देंगे.”

“मैं जानती हूं”, उसने सिर हिलाते हुए, एक स्थिर और मज़बूत आवाज़ में कहा.

“मैं भी यही सोच रही थी…”

ये उन पलों में से एक था जब आपको अहसास हो जाता है कि आपको सही इंसान मिला है. या फिर उसने ही आपको खोज लिया था.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)