पुतिन की धमकी के बाद लंबी दूरी की मिसाइलों पर अमेरिका-ब्रिटेन की बैठक, क्या बनी बात?

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- Author, मालू कर्सिनो
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
- पढ़ने का समय: 8 मिनट
ब्रिटेन और अमेरिका ने यूक्रेन को रूस के अंदर तक मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइलों की इजाज़त देने पर कोई फ़ैसला नहीं किया है.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीएर स्टार्मर और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच वॉशिंगटन में शुक्रवार को हुई मुलाक़ात में इस बात पर कोई फ़ैसला नहीं हुआ, ना ही पीएम स्टार्मर ने इस बारे में कोई संकेत दिया.
पीएम स्टार्मर से पूछा गया कि क्या उन्होंने रूस के अंदर लंबी दूरी तक मार करने वाली स्टॉर्म शैडो मिसाइल के इस्तेमाल की यूक्रेन को इजाज़त दिए जाने को लेकर बाइडन को सहमत कराने की कोशिश की थी?
इस पर उन्होंने कहा कि कई मोर्चों पर उनके बीच “लंबी और सफल बातचीत रही, जिसमें यूक्रेन, मध्य पूर्व और हिंद प्रशांत का मुद्दा भी शामिल था.”
हालांकि व्हाइट हाउस ने कहा है कि रूस को ईरान और उत्तर कोरिया से मिलने वाले घातक हथियारों को लेकर उसने गहरी चिंता व्यक्त की है.
इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों को चेतावनी दी थी कि 'वे रूस पर हमला करने के लिए यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइल देने की ग़लती न करें.'
पुतिन ने कहा कि इस तरह के क़दम को, यूक्रेन की जंग में नेटो की ‘सीधी दख़लंदाज़ी’ माना जाएगा.
सर कीएर के साथ बैठक से पहले व्हाइट हाउस में बाइडन ने पत्रकारों से कहा, “मैं पुतिन के बारे में बहुत नहीं सोचता.”

यूक्रेन मांग रहा है इजाज़त
अभी तक अमेरिका और यूक्रेन ने रूस के अंदर तक मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइलों के इस्तेमाल की यूक्रेन को इजाज़त नहीं दी है क्योंकि जंग के और भड़कने का अंदेशा है.
हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कीएव के पश्चिमी सहयोगियों से इस बारे में बार बार आग्रह किया है. उनका कहना है कि जंग को ख़त्म करने का बस यही एकमात्र रास्ता है.
फ़रवरी 2022 में जब से रूस ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ सीधी जंग छेड़ी है, यूक्रेन के शहर और अग्रिम मोर्चे रूस की रोज़ाना बमबारी के निशाने पर हैं.
यूक्रेन के सैन्य मोर्चे, रिहाइशी इलाक़ों, ऊर्जा केंद्रों और अस्पतालों को निशाना बनाने वाली अधिकांश मिसाइलें और ग्लाइड बम रूस के अंदर से रूसी लड़ाकू विमानों के ज़रिये लॉन्च किए जाते हैं.
कीएव का कहना है कि जहां से ये हमले हो रहे हैं, उनके सैन्य अड्डों पर हमला करने की मंज़ूरी न मिलने से उसकी 'रक्षात्मक क्षमता कमज़ोर' हो रही है.
इससे पहले, पिछले महीने रूस के अंदर यूक्रेनी सेना के औचक हमले के बाद, ब्रिटेन ने कहा था कि उसकी ओर से मुहैया कराए गए ‘आत्म रक्षात्मक हथियारों के इस्तेमाल का यूक्रेन को पूरा अधिकार’ है और वो ‘रूस के अंदर सैन्य अभियान को रोकता’ नहीं है.
हालांकि, इसमें यूक्रेन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमा के बाहर के इलाक़ों पर लंबी दूरी की स्टॉर्म शैडौ मिसाइलों के इस्तेमाल को शामिल नहीं किया गया था.
इस साल की शुरुआत में अमेरिका ने यूक्रेन को लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइलों को उपलब्ध कराया था, लेकिन कीएव के अन्य पश्चिमी सहयोगियों की तरह ही, इससे रूस के अंदर लक्ष्यों को निशाना बनाने की इजाज़त नहीं दी गई.
क्या है स्टॉर्म शैडो मिसाइल?

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यूक्रेन जिन मिसाइलों का इस्तेमाल रूस के भीतर करने की अनुमति मांगता रहा है उन्हें स्टॉर्म शैडो मिसाइल कहा जाता है.
इन मिसाइलों को एयरक्राफ्ट से लॉन्च किया जाता है और इनकी रफ़्तार लगभग ध्वनि की रफ़्तार के बराबर होती है.
इन मिसाइलों की अधिकतम रेंज 250 किलोमीटर के पास है. इस एक मिसाइल की कीमत 10 लाख अमेरिकी डॉलर है.
शैडो मिसाइलें बंकरों को भेदने के लिए आदर्श मानी जाती हैं. इसी तरह की मिसाइलों का प्रयोग रूस ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ किया है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका जल्द ही यूक्रेन को पश्चिमी देशों से मिली लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों का प्रयोग रूसी क्षेत्र में करने की अनुमति दे सकता है.
लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त रूसी क्षेत्र में पश्चिमी देशों की मिसाइलों से हमला करने से यह विवाद एक नए स्तर पर पहुंच जाएगा.'
पुतिन की धमकी, सर कीएर का जवाब...

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ब्रिटेन के पीएम सर कीएर से पूछा गया कि क्या नेटो के साथ संभावित जंग की पुतिन की धमकी से वो डरे हुए थे, इस पर उन्होंने कहा, “यूक्रेन जंग को जल्द ख़त्म करने का रास्ता इस बात पर निर्भर करता है कि पुतिन असल में क्या करते हैं.”
उन्होंने कहा कि बाइडन के साथ व्हाइट हाउस में उनकी मुलाक़ात ‘यूक्रेन को लेकर किसी एक ख़ास क़दम या तरीक़े’ की बजाय रणनीति पर चर्चा करने का मौक़ा थी.
दोनों नेताओं के बीच मध्यपूर्व के हालात पर भी चर्चा हुई जहां इसराइल-ग़ज़ा जंग को लगभग एक साल होने को आ रहे हैं.
सर कीएर ने कहा कि इसके अलावा पूरी दुनिया के अन्य हिस्सों के हालात पर भी चर्चा हुई.
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भी उनके बीच इन मुद्दों पर बातचीत का मौक़ा मिलेगा.
इन दोनों नेताओं की मुलाक़ात से पहले, शुक्रवार को एक अलग प्रेस वार्ता में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद प्रवक्ता जान किर्बी ने कहा कि रूसी इलाक़े में हमला करने के लिए अमेरिकी हथियारों के इस्तेमाल को लेकर यूक्रेन पर जो पाबंदियां लगाई हैं, वॉशिंगटन उनमें बदलाव करने की कोई योजना नहीं बना रहा था.
इससे पहले ही शुक्रवार को मॉस्को ने छह ब्रिटिश राजनयिकों पर जासूसी का आरोप लगाकर उनकी मान्यता ख़त्म करते हुए निष्कासित कर दिया.
रूस की सुरक्षा एजेंसी एफ़एसबी ने एक बयान में कहा कि उसे ऐसे दस्तावेज़ मिले हैं जिससे रूस की ‘रणनीतिक हार’ कराने में ब्रिटेन के शामिल होने का संकेत मिलता है.
हालांकि ब्रिटेन के विदेश विभाग ने इन आरोपों को ‘पूरी तरह आधारहीन’ बताते हुए ख़ारिज कर दिया था.
रूसी मीडिया पर नए प्रतिबंध

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बीबीसी के साथ साक्षात्कार में ब्रिटिश डिफ़ेंस एनालिस्ट जस्टिन क्रंप ने कहा कि पुतिन नई लेबर सरकार और अपना अंतिम कार्यकाल पूरा कर रहे बाइडन प्रशासन की नब्ज़ टटोल रहे थे.
“आख़िरकार रूस पहले से ही ब्रिटेन के विरोधियों को हथियार दे रहा है, और वो पहले ही नेटो सदस्यों के हितों के ख़िलाफ़ जासूसी, तोड़फोड़ और सूचना/साइबर अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल है.”
क्रंप ने कहा, “ये सब और बढ़ सकता है, लेकिन यूक्रेन के ख़िलाफ़ ही वे जूझ रहे हैं, और इसके मद्देनज़र नेटो के सभी सदस्यों के ख़िलाफ़ जंग रूस के बस की नहीं.”
शुक्रवार को ही, अमेरिका ने रूस के सरकारी मीडिया आरटी (पूर्व में रशियन टुडे) पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. उसका आरोप है कि यह ‘रूस की ख़ुफ़िया सर्विसेज़ का एक स्वाभाविक हिस्सा’ है.
अमेरिका के शीर्ष राजनयिक एंटनी ब्लिंकन ने पत्रकारों से कहा कि आरटी, रूसी समर्थित मीडिया संस्थानों के नेटवर्क का हिस्सा है, जिसने ‘गुप्त तरीक़े से अमेरिकी लोकतंत्र को कमज़ोर करने की कोशिश की है.’
आरटी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म एक्स पर एंटनी ब्लिंकन की टिप्पणियों को लाइव-स्ट्रीम किया और इसे अमेरिका की 'नवीनतम साज़िश' बताया.
अमेरिकी चुनावों में दख़लंदाज़ी के अमेरिका के आरोपों पर आरटी की एडिटर इन चीफ़ मार्गरीटा सिमोनियन ने कहा कि “वे बहुत अच्छे टीचर हैं, आरटी के अधिकांश कर्मचारियों ने अमेरिका में पढ़ाई की है और अमेरिकी फ़ंडिंग से की है.”
पिछले हफ़्ते ही मार्गरीटा पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी.
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाख़ारोवा ने कहा कि अमेरिका में एक ‘नया पेशा’ खुल गया है, रूस पर प्रतिबंध लगाने में विशेषज्ञता.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित


















