पुतिन वागनर प्रमुख येवगेनी से बदला लेने की सोच सकते हैं- सीआईए प्रमुख

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- Author, गार्डन कोरेरा
- पदनाम, बीबीसी रक्षा संवाददाता
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रूसी सेना के ख़िलाफ़ बग़ावत करने वाले वागनर समूह के प्रमुख येवगेनी प्रिगोज़िन के ख़िलाफ़ बदला लेने की बात सोच रहे हैं.
ये कहना है अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के डायरेक्टर विलियम बर्न्स का.
उनका कहना है कि येवगेनी प्रिगोज़िन से कैसे निपटा जाए इसकी तैयारी के लिए पुतिन समय लेने की कोशिश कर रहे हैं.
रूस की प्राइवेट आर्मी वागनर ग्रुप के मुखिया प्रगोज़िन ने एक महीने पहले रूस में बग़ावत की अगुवाई की थी. वो अपने लड़ाकों से साथ मॉस्को की तरफ मार्च कर रहे थे, लेकिन फिर पुतिन के बयान के बाद लौट गए थे.
विलियम बर्न्स ने कहा कि पुतिन ने अपने ईर्द-गिर्द सत्ता का जो ढांचा खड़ा किया है, इस बग़ावत ने उसकी कमजोरियों को उघाड़ कर रख दिया है.
उन्होंने एस्पेन सिक्युरिटी फ़ोरम से कहा कि रूसी नेता अभी भी प्रिगोज़िन के ख़िलाफ़ बदले की कार्रवाई कर सकते हैं.
गुरुवार को एस्पेन सिक्युरिटी फ़ोरम से बात करते हुए सीआईए चीफ़ ने कहा, “जो कुछ दिखाई दे रहा है वो बहुत ही जटिल है.”

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बीते महीने हुए विद्रोह के बाद पुतिन ने कहा था कि वागनर लड़ाके औपचारिक तौर पर सेना में शामिल हो सकते हैं, जो न शामिल होना चाहें वो अपने घर जा सकते हैं. उनसे हुई बातचीत के बाद बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्ज़ेंडर लूकाशेन्कों ने प्रिगोज़िन को बेलारूस आने को कहा था.
हाल ही में आए एक वीडियो में दिख रहा है कि प्रिगोज़िन बेलारूस की राजधानी मिंस्क में हैं.
बर्न्स ने कहा कि पुतिन अभी सही वक्त का इंतज़ार कर रहे हैं कि वागनर ग्रुप के प्रमुख से किस तरह निपटा जाए.
ये प्राइवेट आर्मी अफ़्रीका, लीबिया और सीरिया जैसे देशों में अभी भी रुस के लिए उपयोगी साबित हो सकती है और इसीलिए इस बात की संभावना अधिक है कि पुतिन प्रिगोज़िन को ग्रुप से अलग-थलग करने की कोशिश करे.
बर्न्स ने कहा, “पुतिन ऐसे व्यक्ति हैं जो ये सोचते हैं कि बदला ठंडे दिमाग से लिया जाना चाहिए. मेरा अनुभव है कि पुतिन अपने इरादे के पक्के हैं, इसलिए अगर बदले की कार्रवाई से प्रिगोज़िन बच निकलते हैं तो मुझे हैरानी होगी.”
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस महीने की शुरुआत में आशंका ज़ाहिर की थी कि वागनर प्रमुख येवगेनी को ज़हर दिए जाने का भी ख़तरा हो सकता है.
उन्होंने कहा था, “येवगेनी की जगह अगर मैं होता तो मैं अपने खाने को लेकर बहुत सतर्क होता और अपने मेन्यू पर नज़र बनाए रखता.”
कुछ इसी तर्ज पर सीआईए प्रमुख ने भी कहा, “अगर में प्रिगोज़िन की जगह होता, तो अपने खाना चखने वाले को हमेशा अपने साथ रखता.”

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विलियम बर्न्स ने कहा कि अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआई को बग़ावत के बारे में पहले से ही जानकारी थी. इस बारे में पहले आई रिपोर्टों की उन्होंने पुष्टि की.
सीआईए चीफ़ ने कहा कि रूस के एक वरिष्ठ सैन्य जनरल सेर्गेई सुरोविकिन को वागनर के बग़ावत की पहले से जानकारी थी, उनकी आवाजाही को भी ‘प्रतिबंधित किया गया’ है.
बर्न्स के अनुसार, ये बग़ावत 23 साल की पुतिन की सत्ता के लिए अब तक का सबसे सीधा और सबसे करारा झटका है. इसने यूक्रेन में युद्ध को सही ठहराने के रूसी सरकार के फ़ैसले पर भी सवाल खड़ा किया. प्रिगोज़िन ने भी कहा था कि ये झूठ पर टिका हुआ है.
उन्होंने कहा कि सबसे अधिक गौर करने वाली बात ये है कि रूसी नेता को एक ऐसे व्यक्ति से समझौता करने पर मजबूर होना पड़ा जो कभी उनका "खानसामा" हुआ करता था.
प्रिगोज़िन को अक्सर "पुतिन का शेफ़" कहा जाता था क्योंकि रूसी सत्ता घेरे में अहम बनने और वागनर ग्रुप की स्थापाना से पहले वो पुतिन के लिए कैटरिंग की सेवाएं देते थे.

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बर्न्स ने कहा कि पुतिन ने खुद को रूस के एकमात्र कर्ता-धर्ता की छवि के रूप में पेश किया और इसीलिए 30 घंटे की बग़ावत ने उनकी छवि को काफ़ी धक्का पहुंचाया है.
इससे रूस के संभ्रांत वर्ग में शासन करने की पुतिन की क्षमता पर भी संशय पैदा हो गया है. ये वर्ग फ़रवरी 2022 में यूक्रेन के ख़िलाफ़ चौतरफा युद्ध के पुतिन के फ़ैसले के साथ खड़ा था.
सीआईए प्रमुख का कहना है कि अगर युद्ध के मैदान में यूक्रेन और सफलता हासिल करता है तो अधिक से अधिक लोग युद्ध की प्रिगोज़िन की आलोचना को सही मानने लगेंगे.
उन्होंने कहा कि इसमें हैरानी नहीं कि यूक्रेन का जवाबी हमला मुश्किल साबित हो रहा है लेकिन ये ध्यान देना चाहिए कि आक्रमण करना रक्षा करने से अधिक कठिन होता है और रूसी सैनिक महीनों से हमले की तैयारी कर रहे थे.
बर्न्स ने कहा, “इसमें समय लगेगा और आगे बढ़ना बहुत आसान नहीं होने जा रहा है. हालांकि मैं इसे लेकर आशावादी हूं.”
उन्होंने कहा कि इस बात के संकेत है कि रूस काला सागर में पोतों पर खुद हमला करने का ऑपरेशन चला कर इसकी जिम्मेदारी यूक्रेन पर मढ़ दे.
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