खेल में कभी हार तो कभी जीत होती है: दीपा

दीपा कर्मकार

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भारत की महिला जिमनास्ट दीपा कर्मकार ने कहा है कि वे अपने प्रदर्शन से काफ़ी ख़ुश हैं लेकिन पदक न मिल पाने के कारण वे निराश हैं.

रविवार रात रियो में चल रहे ओलंपिक के दौरान जिमनास्ट दीपा कर्मकार फ़ाइनल में चौथे नंबर पर रहीं और पदक से चूक गईं.

समाचार एजेंसी एएनआई से ख़ास बातचीत में दीपा ने कहा, "मैंने जितना सीखा उतना किया, उससे तो मैं बहुत ख़ुश हूँ. लेकिन बहुत दुखी हूँ कि मैं मेडल नहीं ले पाई."

दीपा ने कहा कि अभी उन्हें और मौक़े मिलेंगे, जिनमें वे अच्छा करने की कोशिश करेंगी. दीपा ने अपने कोच बिशेश्वर नंदी को ख़ास तौर से धन्यवाद दिया.

दीपा कर्मकार

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दीपा कर्मकार ने माना कि पदक न जीत पाने से वो काफ़ी निराश हैं. उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि थोड़ी और कोशिश करती, तो पदक जीत सकती थी."

उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स में कभी हार और कभी जीत तो होती ही रहती है.

दीपा के पदक न जीत पाने के बावजूद उनके प्रदर्शन की काफ़ी सराहना हो रही है. पहली बार कोई भारतीय महिला ओलंपिक के जिमनास्टिक में फ़ाइनल तक पहुँची.

खेल जगत की कई हस्तियों, कई राजनेताओं और फ़िल्मी दुनिया से जुड़ी हस्तियों ने भी दीपा की सराहना की है और कहा कि भले ही वे चौथे नंबर पर आईं, लेकिन उन्होंने भारत का मान बढ़ाया है.

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