आईपीएल: वरुण चक्रवर्ती ने कोलकाता और हैदराबाद के मुक़ाबले में आख़िर कैसे नहीं बनने दिए 9 रन

हैदराबाद के कप्तान मारक्रम और कोलकाता के कप्तान नीतीश राणा

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, हैदराबाद के कप्तान एडन मारक्रम और कोलकाता के कप्तान नीतीश राणा
    • Author, मोहम्मद शाहिद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

आईपीएल में गुरुवार को पॉइंट्स टेबल में दो सबसे निचली टीमों का मुक़ाबला था. दोनों ही टीमों के लिए ये 'करो या मरो' का मैच था क्योंकि टूर्नामेंट में प्लेऑफ़ की रेस में बने रहने के लिए दोनों ही टीमों को आगे के अपने पांचों मैच जीतने ज़रूरी थे.

इस मुक़ाबले को आख़िर एक ही टीम जीत सकती थी और उसने जीत के साथ ही प्लेऑफ़ में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को ज़िंदा रखा है.

हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए आईपीएल के 47वें मैच में कोलकाता नाइटराइडर्स ने सनराइज़र्स हैदराबाद को 5 रन से हरा दिया.

मैच से पहले और बाद में भी पॉइंट्स टेबल में कोलकाता आठवें और हैदराबाद नौवें पायदान पर बनी हुई है.

गुरुवार शाम जब मैच शुरू हुआ तो यह माना जा रहा था कि दोनों ही टीमें मज़बूत हैं और दोनों एक-दूसरे को कड़ी टक्कर भी देंगी. मैच शुरू होने के बाद हुआ भी ऐसा ही.

इस मैच को एक टीम के कुछ ख़राब शॉट्स खेलने की वजह से लगभग जीता हुआ मैच हारने और आख़िरी ओवर में शानदार स्पिन से मैच जीतने के लिए याद रखा जाएगा.

रिंकू सिंह ने 46 रनों की पारी खेली

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, रिंकू सिंह ने 46 रनों की पारी खेली

रिंकू और राणा की जुगलबंदी

कोलकाता के कप्तान नीतीश राणा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया. उनका ये फ़ैसला शुरू में ग़लत साबित होता हुआ दिखा क्योंकि पांच ओवर तक टीम के तीन बल्लेबाज़ वापस पवेलियन लौट चुके थे.

इस बीच कप्तान नीतीश राणा और मिडिल ऑर्डर की नई सनसनी रिंकू सिंह ने अपने बल्ले से जुगलबंदी शुरू कर दी.

दोनों ने 61 रनों की पार्टनरशिप की, लेकिन 12वें ओवर में राणा को हैदराबाद के कप्तान एडन मारक्रम ने शानदार कॉट एंड बोल्ड करके इस जोड़ी को तोड़ दिया. राणा 31 गेंदों में 42 रन बनाकर पवेलियन वापस लौटे.

इसके बाद दूसरी छोर पर रिंकू सिंह डटे रहे. उन्होंने अच्छे शॉट्स खेले और आंद्रे रसेल के साथ 31 रनों की पार्टनरशिप की.

इस बार भी कोलकाता की टीम को रसेल से अच्छी पारी की उम्मीद थी लेकिन वो 24 रनों के निजी स्कोर पर मयंक मार्कंडेय की गेंद पर टी नटराजन को कैच थमा बैठे.

वहीं रिंकू सिंह 20वें ओवर में नटराजन की गेंद पर कैच आउट हुए. उन्होंने 35 गेंदों में 46 रनों की पारी खेली.

इनके अलावा कोलकाता का कोई बल्लेबाज़ कुछ ख़ास कमाल न दिखा सका और इसी के साथ ही टीम ने 20 ओवरों में 9 विकेट के नुक़सान पर 171 रन बनाए और हैदराबाद को 172 रनों का लक्ष्य दिया.

ये भी पढ़ें:-

मारक्रम ने 41 रन बनाए

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, मारक्रम ने 41 रन बनाए

जब मारक्रम ने दिखाया पराक्रम

हैदराबाद की शुरुआत सुस्त रही और थोड़े-थोड़े अंतराल पर विकेट गिरते रहे. सातवें ओवर तक टीम का स्कोर 4 विकेट के नुक़सान पर कुल 61 रन था.

हालांकि इस बीच हैदराबाद के लिए सबसे अच्छी बात ये रही कि उसके कप्तान एडन मारक्रम क्रीज़ पर जमे रहे और फिर उनका साथ देने के लिए हेनरिक क्लासन आ गए.

दोनों की जोड़ी ने पूरे 70 रनों की पार्टनरशिप की और एक समय लगने लगा कि ये मैच कोलकाता के हाथों से रेत की तरह फिसलता चला जा रहा है. लेकिन 15वें ओवर में शार्दुल ठाकुर की एक गेंद पर एक लंबा शॉट खेलने के चक्कर में क्लासन ने आंद्रे रसेल को बाउंड्री पर कैच थमा दिया.

उस समय हैदराबाद का स्कोर 5 विकेट के नुक़सान पर 124 रन पहुंच चुका था. हैदराबाद की उम्मीदें अभी भी बरक़रार थीं क्योंकि मारक्रम का साथ अब अब्दुल समद दे रहे थे.

17वें ओवर में कोलकाता की मैच में वापसी हुई जब वैभव अरोड़ा ने कप्तान मारक्रम को 41 रनों के स्कोर पर कैच आउट कराया. मारक्रम जब आउट हुए तब हैदराबाद का स्कोर 6 विकेट के नुक़सान पर 145 रन था और टीम को जीत के लिए 19 गेंदों में 27 रन चाहिए थे.

मारक्रम का विकेट गिरने के बाद भी टीम को जीत की उम्मीद बरक़रार थी क्योंकि अब्दुल समद क्रीज़ पर डटे हुए थे. दूसरी ओर हल्की बारिश भी शुरू हो गई थी.

अब्दुल समद मैच को आख़िरी ओवर तक खींचकर लेकर गए. 6 गेंदों में टीम को जीत के लिए सिर्फ़ 9 रन चाहिए थे.

वरुण चक्रवर्ती

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, वरुण चक्रवर्ती ने 4 ओवर में 20 रन देकर 1 विकेट लिया और वो मैन ऑफ़ द मैच भी बने

चक्रवर्ती पर राणा ने किया भरोसा

ऐसे समय पर कप्तान नीतीश राणा के सामने चुनौती थी कि वो किसे ओवर दें. पोस्ट मैच सेरेमनी में नीतीश राणा ने इस बात को स्वीकार भी किया.

नीतीश राणा ने बाद में कहा, "ऐसा लग रहा था कि हम गेम से दूर होते जा रहे हैं, लेकिन शार्दुल ने मारक्रम को आउट किया तो हम गेम में वापस आए. मारक्रम का विकेट बहुत अहम था, अगर दोनों (मारक्रम और क्लासन) आख़िर तक बैटिंग करते तो शायद मैच उनके पक्ष में जाता."

उन्होंने कहा, "किससे गेंदबाज़ी कराई जाए... इसको लेकर शक़ था कि किसे लूं, लेकिन फिर हमने अपने बेस्ट बॉलर को चुना और उसने मुझे 2 पॉइंट्स दिए."

नीतीश राणा के वो बेस्ट बॉलर थे वरुण चक्रवर्ती. आईपीएल में कोलकाता की ओर से खेलते हुए वरुण चक्रवर्ती कई बार अपनी फिरकी में विरोधी टीम को फंसाते रहे हैं.

चक्रवर्ती जब अंतिम ओवर डालने आए तो उससे पहले 16वें और 18वें ओवर में उन्होंने सिर्फ़ नौ रन दिए थे. शायद इसी वजह से कप्तान नीतीश राणा ने उन पर भरोसा किया कि वो कम रन देंगे.

जब हैदराबाद को 6 गेंदों में 9 रनों की ज़रूरत थी तब क्रीज़ पर अब्दुल समद और भुवनेश्वर कुमार जमे हुए थे.

अब्दुल समद से टीम को काफ़ी उम्मीदें थीं और वो 21 रन बनाकर आउट हुए

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, अब्दुल समद से टीम को काफ़ी उम्मीदें थीं और वो 21 रन बनाकर आउट हुए

पहली दो गेंदों में एक-एक रन मिला. तीसरी गेंद पर चक्रवर्ती ने बड़ी सफलता हासिल की और जिस हिटर से कोलकाता को डर लग रहा था उस अब्दुल समद को उन्होंने कैच आउट कराया.

आख़िरी 3 गेंदों में 7 रनों की ज़रूरत थी और क्रीज़ पर भुवनेश्वर कुमार और मयंक मार्कंडेय मौजूद थे.

चौथी गेंद मार्कंडेय ने खेली और वो डॉट बॉल रही. पांचवीं गेंद पर मार्कंडेय ने एक रन लिया. आख़िरी गेंद पर 6 रन की ज़रूरत थी.

पर आख़िरी गेंद भुवनेश्वर कुमार नहीं खेल पाए और इसी के साथ कोलकाता ने 5 रन से मैच जीत लिया.

वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर डाले और 20 रन देकर 1 विकेट लिया. सबसे दिलचस्प बात ये रही कि उन्होंने 12 डॉट गेंदें डालीं.

कोलकाता नाइटराइडर्स के अहम स्पिनर्स में दो नाम शामिल हैं, एक सुनील नारायण और दूसरे वरुण चक्रवर्ती. वरुण हमेशा से कोलकाता के लिए काफ़ी अहम रहे हैं.

सुनील नारायण जहां एक ओर अपनी फ़ॉर्म से जूझ रहे हैं, वहीं वरुण ने कुछ मैचों में ग़ज़ब का प्रदर्शन किया है.

वरुण चक्रवर्ती ने आख़िरी ओवर डालने के रोमांच के बारे में कहा कि उनकी दिल की धड़कनें तेज़ हो गई थीं और शायद वो 200 बीट्स प्रति मिनट तक पहुंच गई थीं, लेकिन वो चैलेंज देना चाहते थे.

वरुण चक्रवर्ती ने बताया कि उन्होंने अपनी स्पीड पर काम किया है

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, वरुण चक्रवर्ती ने बताया कि उन्होंने अपनी स्पीड पर काम किया है

चक्रवर्ती ने क्या किया बदलाव

पोस्ट मैच सेरेमनी में उनसे पूछा गया कि उन्होंने अपनी गेंदों में क्या बदलाव किया है तो उन्होंने बताया कि बीते साल वो 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से गेंदबाज़ी कर रहे थे.

उन्होंने बताया, "मैंने कई चीज़ों के बारे में सोचा और पाया कि जब मेरी गेंद हवा में घूमती है तो मेरी रफ़्तार भी कम हो जाती है. तो मैंने इस पर काम किया और इसने मेरी बहुत मदद की."

चक्रवर्ती ने अपनी टीम को जीत दिलाकर टूर्नामेंट में उसकी प्लेऑफ़ की उम्मीदों को बरक़रार रखा है.

लेकिन देखना ये है कि वो अपने आगे आने वाले मैचों में क्या प्रदर्शन दिखाते हैं. उनकी टीम का अगला मैच सोमवार को पंजाब किंग्स के ख़िलाफ़ है.

वहीं सनराइज़र्स हैदराबाद की भी परेशानी बढ़ती दिख रही है.

उसे प्लेऑफ़ में बने रहने के लिए सभी चारों मैच जीतने होंगे. उसका अगला मुक़ाबला रविवार को राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ है.

आईपीएल में आज का मुक़ाबला काफ़ी दिलचस्प होगा क्योंकि आज पॉइंट्स टेबल की नंबर वन टीम गुजरात टाइटंस चौथे पायदान पर बरक़रार राजस्थान रॉयल्स से भिड़ेगी.

ये भी पढ़ें:-

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)