सूर्यकुमार-टिम डेविड के कमाल से जीते रोहित शर्मा क्यों हुए यशस्वी जायसवाल की 'ताक़त' पर हैरान

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- Author, वात्सल्य राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
"मैंने (यशस्वी जायसवाल से ) पूछा, इतनी ताक़त कहां से लाए?"
मुंबई इंडियन्स के कप्तान रोहित शर्मा जब ये बता रहे थे, तब उनके चेहरे पर मुस्कुराहट और आंखों में हैरानी का भाव था.
मुस्कुराहट यक़ीनन राहत का सबब रही होगी. 21 बरस के 'अनकैप्ड' खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल (62 गेंद में 124 रन) ने अकेले दम पर राजस्थान रॉयल्स के लिए रनों का वो पहाड़ (212 रन) खड़ा कर दिया था जहां मुंबई इंडियन्स की जीत की राह बहुत मुश्किल लग रही थी.
खचाखच भरे वानखेड़े स्टेडियम में मौजूद शायद ही कोई शख़्स आख़िरी ओवर तक पक्के यक़ीन से ये दावा करने की स्थिति में रहा हो कि जीत मुंबई इंडियन्स की होगी.

- आईपीएल का 1000वां मैच: राजस्थान रॉयल्स बनाम मुंबई इंडियन्स
- मुंबई इंडियन्स ने राजस्थान रॉयल्स को छह विकेट से हराया
- राजस्थान रॉयल्स- 212/7 (20 ओवर), यशस्वी जायसवाल- 124 रन, अरशद ख़ान- 3/39
- मुंबई इंडियन्स- 214/4 (19.3), सूर्यकुमार यादव-55 रन, आर अश्विन- 2/27
- यशस्वी जायसवाल मैन ऑफ़ द मैच

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मुंबई की रिकॉर्ड जीत
वानखेड़े में रविवार रात से पहले कभी किसी टीम ने ट्वेंटी-20 मैच में 200 रन से ज़्यादा का लक्ष्य हासिल नहीं किया था.
अर्से बाद पुरानी लय में दिख रहे सूर्यकुमार यादव (29 गेंद में 55 रन) 16वें ओवर में आउट हुए तब मुंबई को जीत के लिए 26 गेंद में 61 रन बनाने थे.
36वां जन्मदिन मना रहे और 150वीं बार मुंबई इंडियन्स की कप्तानी कर रहे रोहित शर्मा अगली 20 गेंदों के दौरान किस कदर 'नर्वस' थे ये उनके चेहरे के हाव-भाव से साफ़ जाहिर हो रहा था.
मुंबई को आख़िरी ओवर में 17 रन बनाने थे. पलड़ा तब भी राजस्थान की ओर झुका माना जा रहा था, लेकिन टिम डेविड (14 गेंद में नाबाद 45 रन, दो चौके और पांच छक्के) ने कप्तान की बर्थडे पार्टी का मज़ा फीका नहीं होने दिया. जैसन होल्डर की लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के जड़े और कप्तान रोहित शर्मा के चेहरे पर मुस्कुराहट लौट आई.
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यशस्वी ने छुड़ा दिए छक्के
लेकिन आंखों में घर कर गई हैरानी वहीं की वहीं रही. जब हर कोई आईपीएल के 1000वें मैच में मुंबई को जीत दिलाने वाले टिम डेविड के तीन छक्कों की बात कर रहा था, तब रोहित शर्मा को यशस्वी जायसवाल के बल्ले से निकले आठ दमदार छक्के याद आ रहे थे.
यशस्वी जायसवाल ने इनमें से तीन छक्के तूफ़ानी गेंदबाज़ जोफ़्रा आर्चर पर लगाए थे. पहला छक्का आर्चर के पहले ही ओवर में हुक करके लगाया. आर्चर के ख़िलाफ़ उन्होंने अगले दो छक्के 19वें ओवर में लगाए. इनमें से दूसरा छक्का पुल शॉट के ज़रिए आया. गेंद सीधी मिडविकेट बाउंड्री के बाहर गिरी.
कैमरून ग्रीन, पीयूष चावला, अरशद ख़ान और राइली मेरेडिथ पर भी यशस्वी जायसवाल ने छक्के जड़े. वो भी इतनी आसानी से कि तमाम लोग 'हक्के बक्के' रह गए.
रोहित शर्मा के पास राजस्थान रॉयल्स के हर बल्लेबाज़ के लिए 'गेमप्लान' था. वो कामयाब भी हुआ, लेकिन यशस्वी जायसवाल अपवाद साबित हुए.
यशस्वी जायसवाल 'बड़े हिट' लगा सकते हैं, ये बात अब जगज़ाहिर है. फिर भी रोहित उनका 'पावर गेम' देखकर हैरान हुए तो इसे अजूबा नहीं माना जाना चाहिए.

जायसवाल का बढ़ता यश
- यशस्वी जायसवाल ने बीते साल दिलीप ट्रॉफ़ी के फ़ाइनल में 265 रन की पारी खेली थी.
- इसी साल मार्च में ईरानी कप के मैच में 213 रन बनाए थे.
- और मुंबई से भिड़ने के पहले महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ 77 रन की मैच विनिंग पारी खेली थी.


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आलोचकों को क़रारा जवाब
फिर भी क्रिकेट के कई समीक्षक और एक्सपर्ट उन्हें ऐसा ओपनर मानते रहे थे जो पावर प्ले (पहले छह ओवर) के दौरान ही गेंद को बाउंड्री के बाहर भेज सकता है.
समीक्षकों की राय थी कि जब फ़ील्डिंग पाबंदियां हट जाती हैं तब यशस्वी के लिए बाउंड्री बटोरना मुश्किल हो जाता है.
चेहरे पर चस्पा मायूमियत और विनम्र अंदाज़ वाले यशस्वी जायसवाल के बाज़ुओं की 'असल ताक़त' का अंदाज़ा रविवार के पहले कम ही लोगों को था.
शायद यही वजह है कि रोहित शर्मा ने उनसे सीधे पूछ लिया, "इतनी ताक़त कहां से लाए?"
रोहित शर्मा ने वो जवाब भी बताया जो यशस्वी जायसवाल ने उन्हें दिया. रोहित ने कहा, "उसने बताया कि मैं जिम कर रहा हूं."
रोहित शर्मा ने कहा, "मैंने उन्हें पिछले साल भी देखा था, इस साल वो अपने खेल को अलग स्तर पर ले गए हैं. ये उनके लिए, भारत के लिए और आरआर (राजस्थान रॉयल्स) के लिए अच्छा है."

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'शुक्रिया भगवान'
यशस्वी जायसवाल ने भी इसे लेकर बात की.
उन्होंने कहा, "मेरे ख़्याल से मैं ख़ुद को मेंटली स्ट्रॉन्ग रखता हूं. फ़िटनेस पर ध्यान देता हूं. मैंने क्रिकेट के बाहर की दुनिया ऑर्गनाइज़ कर रखी है. प्रोसेस सही हो तो रिज़ल्ट आता है."
यशस्वी जायसवाल के शानदार शतक के बाद कई लोगों ने उन्हें 'सजदा' करने की बात की.
लेकिन, वो उस लम्हे में वो ख़ुद क्या सोच रहे थे, इस सवाल पर यशस्वी जायसवाल ने बताया, "जब मैंने सेंचुरी की, मुझे लगा नहीं कि वो गेंद बाउंड्री पर गई है. जब लगा तो मैंने भगवान का शुक्रिया किया. मैंने कहा थैंक्यू गॉड."
भारतीय टीम के एक और तेज़तर्रार ओपनर वीरेंद्र सहवाग भी यशस्वी जायसवाल पर निसार दिखे.
मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे सहवाग ने अपने ही अंदाज़ में यशस्वी जायसवाल की तारीफ़ की और कहा, "जायसवाल बबाल हैं. आज उनसे कोई पूछेगा कि क्या किए तो वो कहेंगे कूट दिए."
सहवाग ने ट्विटर पर जायसवाल की पारी के उस पहलू की बात की जिस पर कम ध्यान दिया गया.
सहवाग ने लिखा, "जय सवाल का नहीं कोई जवाब. आपके सामने आए सर्वश्रेष्ठ शतकों में से एक. 124, जब दूसरे नंबर आते हैं, 25 अतिरिक्त रन."
राजस्थान टीम के बल्लेबाज़ों में यशस्वी जायसवाल के बाद सबसे ज़्यादा रन जोस बटलर ने बनाए. उनके बल्ले से सिर्फ़ 18 रन निकले. रविवार के पहले तक बटलर को जायसवाल से ज़्यादा भाव मिलता रहा था, लेकिन उन्होंने उस वक़्त आईपीएल का अपना पहला शतक जमाया जब बटलर रन बनाने के लिए जूझ रहे थे. कप्तान संजू सैमसन और शिमरॉन हेटमायर भी फीके-फीके नज़र आ रहे थे.

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हारकर भी हीरो
यशस्वी जायसवाल की यादगार पारी के बाद भी राजस्थान रॉयल्स की टीम हार गई. मुंबई के बल्लेबाज़ों का एकुजट प्रयास राजस्थान के पहाड़ से स्कोर पर भारी पड़ा.
लेकिन इस हार के बाद भी आईपीएल के 1000वें मैच के सबसे बड़े हीरो यशस्वी जायसवाल ही रहे. उन्होंने ऑरेंज कैप हासिल की और मैन ऑफ़ द मैच भी चुने गए.
सोशल मीडिया पर वो टॉप ट्रेंड में आ गए. कई यूज़र उनकी तुलना आईपीएल के पहले मैच में शतक जमाने वाले ब्रैंडन मैक्कलम से करने लगे.
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कई यूज़र्स याद दिलाने लगे कि यशस्वी जायसवाल को कामयाबी कोई रातों रात नहीं मिली है.
11 साल के बच्चे के तौर पर उनके पानी पूरी (गोलगप्पे) बेचने, मुंबई के एक क्लब में गार्ड के साथ टेंट में रहने और ग़रीबी से जूझने की वो कहानियां याद की जाने लगीं जो उन्होंने और उनके कोच ज्वाला सिंह ने कई बार बताई हैं.
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हालांकि, अब कहानी आगे बढ़ गई है. अच्छे प्रदर्शनों से लगातार दस्तक दे रहे यशस्वी जायसवाल ने शोहरत के दरवाज़े को धड़ाम से खोल दिया है.
क्रिकेट समीक्षक हर्ष भोगले कहते हैं, "ये ऐसा टैलेंट है जिसे भारत को ठीक से संभालना चाहिए ताकि अधिकतम नतीजे हासिल हो सकें."
लेकिन, यशस्वी जायसवाल शायद जानते हैं कि वो कहां खड़े हैं और उन्हें कहां जाना है.
वो कहते हैं, "मुझे स्ट्रेट ड्राइव खेलना पसंद है और पसंद है कवर ड्राइव. पैर निकालकर खेलता हूं तो अच्छा लगता है."
सूर्यकुमार यादव, टिम डेविड और कैमरून ग्रीन (44 रन) जैसे स्टार बल्लेबाज़ों की मैच विनिंग पारियों के बीच जब सबसे ज़्यादा चर्चा यशस्वी जायसवाल के शतक और उनके छक्कों की हो रही है तो साफ़ है, उनके पैर शोहरत की पगडंडी पर आगे बढ़ते जाने को तैयार हैं.
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