भारत बांग्लादेश मैच: इन चार बातों की हो रही है ख़ूब चर्चा

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- Author, रेयान मसूद
- पदनाम, संवाददाता, बीबीसी बांग्ला सेवा
भारत और बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप में बुधवार को आमने-सामने होंगे.
मैच भारतीय समयानुसार दोपहर डेढ़ बजे से शुरू होगा.
एडिलेड बांग्लादेश के क्रिकेट के लिहाज से ऐतिहासिक रहा है. ऐसा मैदान जहाँ इंग्लैंड को हराकर बांग्लादेश 2015 वन-डे विश्व कप के क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँच गया था.
हालाँकि, अगले ही साल यानी 2016 के टी-20 विश्व कप में बांग्लादेश को भारत ने महज़ एक रन से हराया था. इस मैच की यादें आज भी क्रिकेट प्रेमियों के ज़हन में हैं.
इस बार फिर से, बांग्लादेश सेमीफ़ाइनल की रेस में बना हुआ है, लेकिन इस मुक़ाम तक पहुँचने के लिए बांग्लादेश के सामने मुश्किलों से भरा रास्ता है.
इसकी झलक बांग्लादेशी टीम के कप्तान शाक़िब अल-हसन की मंगलवार को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भी दिखी. उन्होंने इस दौरान कहा कि अगर भारत या पाकिस्तान के साथ हुए मैच में बांग्लादेश जीतता है, तो ये बहुत बड़ी बात होगी.
उन्होंने कहा, "भारतीय टीम को देखिए, उनके स्क्वॉड में जिस तरह के क्रिकेटर्स हैं, उनसे जीतना लगभग नामुमकिन है."
ये सच भी है कि अब तक हुए तीन में से 2 मैच जीतने वाली बांग्लादेशी टीम के पास अब अगले दो मैच जीतने पर खोने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन पाने के लिए बहुत कुछ है.
'बांग्लादेश से मैच के पहले भारत दबाव में'
बांग्लादेश के क्रिकेट विश्लेषक सैयद आबिद हुसैन सामी ने बीबीसी बांग्ला से कहा कि जिस तरह से दक्षिण अफ़्रीका के सामने भारतीय टीम बल्लेबाज़ी की शुरुआत और गेंदबाज़ी के आख़िरी 10 ओवरों में धराशायी हो गई, उसके बाद भारत को सोचने की ज़रूरत है.
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हुसैन ने कहा कि दक्षिण अफ़्रीका से हारने के बाद भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी दबाव में होंगे.
भारत को अब सेमी फ़ाइनल में पहुँचने से पहले बांग्लादेश और ज़िम्बाब्वे के साथ मुक़ाबला करना है.
हालांकि, भारत के लिए इन दोनों प्रतिद्वंद्वी टीमों को हराना आसान हो सकता है लेकिन अगर कोई उलटफेर हुआ तो फिर उसके सेमी फ़ाइनल तक पहुँचने पर ख़तरा होगा.
मौजूदा अंक तालिका को देखें, तो भारत से जीतना बांग्लादेश के लिए सेमीफ़ाइनल तक पहुँचने की संभावना बढ़ा देगा.
लेकिन प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान शाक़िब अल-हसन ने हक़ीकत से भी रू-ब-रू कराया.
उन्होंने कहा, "आप ये देखिए कि भारतीय टीम ने इस मैदान पर कितने मैच खेले हैं. हमारी टीम से सिर्फ़ तस्किन और मैं ही सात साल पहले इस मैदान पर खेले थे. हम कोशिश करेंगे लेकिन दोनों टीमों के लिए परिस्थितियाँ एक सी नहीं है."
भारत ने अब तक एडिलेड मैदान पर 29 मैच खेले हैं.

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भारत की कमज़ोरी- लेफ़्ट आर्म फ़ास्ट बॉलिंग
पाकिस्तान के साथ हुए मुक़ाबले में भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर तेज़ गेंदबाज़ों के सामने मुश्किल में दिखा.
भारत ने केवल 31 रन के स्कोर पर ही चार विकेट गंवा दिए थे.
दक्षिण अफ़्रीका के साथ हुए मैच भी 41 रनों पर चार भारतीय बल्लेबाज़ पवेलियन लौट चुके थे.
इस मैच में लुंगी एंगिडी भारत के लिए मुसीबत बन गए थे.
एंगिडी ने केवल 29 रन देकर ही चार विकेट ले लिए थे और लेफ़्ट आर्म फ़ास्ट बोलर वेन पार्नेल ने 15 रन देकर तीन विकेट झटके थे.
भारत की इस कमज़ोरी को ध्यान में रखते हुए सैयद आबिद हुसैन सामी कहते हैं, "बांग्लादेश शरीफ़ुल को भारत के ख़िलाफ़ इस्तेमाल कर सकता है. वो लेफ़्ट आर्म फास्ट बॉलर हैं और लंबे भी हैं, जिससे वो गेंद ऊँचाई पर डाल सकते हैं."
भारत के ख़िलाफ़ बांग्लादेश के लिए मुस्तफ़िजुर रहमान भी काफ़ी अहम साबित हो सकते हैं.

मुस्तफ़िज़ुर का वन-डे क्रिकेट में भारतीय टीम के ख़िलाफ़ डेब्यू मैच अभी भी कई बांग्लादेशी प्रशंसकों की यादों में ताज़ा है.
हालांकि, उस मुस्तफ़िज़ुर और अब के मुस्तफ़िज़ुर के प्रदर्शन के बीच कई बरस बीत चुके हैं. बेहतर फॉर्म के लिहाज से देखें तो वो किसी को शक का मौका नहीं देते.
मुस्तफ़िज़ुर ने दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ शानदार गेंदबाज़ी से इस विश्व कप में बांग्लादेश के लिए उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं.
उन्होंने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ हुए मैच के एक ही ओवर में दो विकेट झटककर मुक़ाबला पलट दिया था.
बांग्लादेश के क्रिकेट पत्रकार देब्दुलाल चौधरी फ़िलहाल वर्ल्ड कप कवर करने के लिए ऑस्ट्रेलिया में हैं.
उन्होंने बीबीसी बांग्ला से कहा, "भारत के टॉप ऑर्डर के छह बल्लेबाज़ों में से पाँच, राहुल, रोहित, विराट, सूर्यकुमार यादव और दिनेश कार्तिक दाएं हाथ से बल्लेबाज़ी करते हैं."
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"जहाँ तक शाकिब की चिंता का सवाल है, तो वो शायद भारत के ख़िलाफ़ मुस्तफ़िज़ुर और अपने अलावा दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रहे होंगे."
देब्दुलाल कहते हैं, "शाक़िब खुद भी यही मानते हैं कि दाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के ख़िलाफ़ बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ असरदार साबित होते हैं. वो मैच की स्थितियों के हिसाब से इसे लागू भी करते हैं."

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बल्लेबाज़ी है बांग्लादेश की चुनौती
देब्दुलाल चौधरी ने एडिलेड से बीबीसी बांग्ला को बताया, "इस विश्व कप में तेज़ गेंदबाज़ों ने अच्छा प्रदर्शन दिखाया है और बांग्लादेश की टीम ने ये करके दिखाया है."
"समस्या ये है कि बांग्लादेश के बल्लेबाज़ अच्छी तेज़ गेंदबाज़ी के सामने बेहद कमज़ोर हैं. ये दक्षिण अफ़्रीका के साथ हुए मैच में भी दिखा. दूसरी तरफ़, मौजूदा समय में भारत की तेज़ गेंदबाज़ी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी में शामिल है."
देब्दुलाल चौधरी ने कहा कि बांग्लादेश के बल्लेबाज़ों के लिए ये बहुत बड़ी चुनौती होगी. वो भी तब जब सभी बल्लेबाज़ कम या ज़्यादा लेकिन फॉर्म से बाहर ही चल रहे हों.
बांग्लादेश के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ों में से एक माने जाने वाले लिटन दास का बल्ला इस टूर्नामेंट में कुछ ख़ास कमाल करता नहीं दिखा है.
यहाँ तक कि ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ भी वो अच्छी टाइमिंग के साथ तीन चौके लगाकर ही आउट हो गए थे.
क्रिकेट विश्लेषक सैयद आबिद हुसैन सामी कहते हैं, "फिलहाल लिटन दास की सबसे बड़ी समस्या जल्दबाज़ी में शॉट मारना है, ऐसे शॉट्स जो बिना सोचे-विचारे मारे जाते हैं."
लिटन दास ने नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में 11 गेंदों पर 9 रन, दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ 31 बॉल पर 34 रन और ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ 12 गेंदों पर 14 रन बनाए थे.
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टी-20 फॉर्मेट में सौम्य सरकार ने बांग्लादेश के लिए कुछ अच्छी पारियां खेली हैं लेकिन जिन उम्मीदों के साथ उन्हें विश्व कप की टीम में शामिल किया गया, वो उन्हें पूरा नहीं कर पा रहे हैं.
टॉप ऑर्डर के इन दो बल्लेबाज़ों की असफलता पूरी टीम की बल्लेबाज़ी पर असर कर रही है.
पहले छह ओवरों यानी पावरप्ले में इसकी वजह से तेज़ी से रन नहीं बन रहे, गेंदें बेकार जा रही हैं और विकेट भी तेज़ी से गिर रहे हैं.

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बांग्लादेश की ये हक़ीकत न भूलें
भारत और बांग्लादेश ने अभी तक टी-20 फॉर्मेट में कुल 11 मैच खेले हैं और बांग्लादेश इनमें से केवल एक ही जीता है.
हालांकि, ऐसे कई मैच ज़रूर रहे जिनमें लगा कि बांग्लादेश जीत सकता है लेकिन आंकड़े इस बात की साफ़ गवाही देते हैं कि टी-20 फॉर्मेट में भारत बांग्लादेश से कहीं ज़्यादा मज़बूत है.
सैयद आबिद हुसैन सामी ने बीबीसी बांग्ला को बताया, "अगर आप जोख़िम उठाते हैं और पहली ही गेंद से शॉट खेलने लगते हैं, जैसा दक्षिण अफ़्रीका के साथ मैच में किया, तो परिणाम उलटे हो सकते हैं. बांग्लादेश को परिस्थितियों को दिमाग में रखते हुए खेलना होगा."
सामी ने बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज़ नज़मुल हुसैन शांतो की तारीफ़ भी की, जिन्होंने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ हुए मुक़ाबले में 55 गेंदों पर 71 रन बनाए थे.
सामी ने कहा, "बांग्लादेश अगर पहले बल्लेबाज़ी करता है तो उसे 160 रनों का लक्ष्य देना होगा. मैच की स्थिति के हिसाब से ये 170 भी हो सकता है. वो 10 रन बोनस की तरह होंगे."
शाकिब अल-हस ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम जिस तरह से मैच जीते हैं, उससे मैं खुश हूँ. पहले हम करीबी मुक़ाबलों में भी हार जाया करते थे. टी-20 क्रिकेट में, फैसला आख़िरी दो ओवरों में होता है. आपको उस समय अपना दिमाग शांत रखना होता है."
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