बुमराह टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर, कौन गेंदबाज़ लेगा उनकी जगह

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह चोटिल होने के कारण टी-20 विश्व कप से बाहर हो गए हैं.

इससे पहले वे दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ से भी बाहर हो गए थे.

टी-20 वर्ल्ड कप में कौन गेंदबाज़ उनकी जगह लेगा, अभी बीसीसीआई ने ये नहीं बताया है.

बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ और टी-20 वर्ल्ड कप के लिए जसप्रीत बुमराह को टीम में जगह दी थी.

अब सवाल ये उठ रहा है कि टी-20 विश्व कप में उनकी जगह कौन लेगा.

बीसीसीआई ने टी-20 विश्व कप की टीम में जिन तेज़ गेंदबाज़ों को जगह दी थी, वे थे- जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल और अर्शदीप सिंह. साथ ही बोर्ड ने मोहम्मद शमी और दीपक चाहर को रिज़र्व खिलाड़ियों में रखा है.

आइए जानते हैं कि टी-20 विश्व कप में किस खिलाड़ी को जसप्रीत बुमराह की जगह मिल सकती है.

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मोहम्मद शमी

भारत की तेज़ गेंदबाज़ी की बात आती है, तो इस दौर में दो टॉप गेंदबाज़ों में मोहम्मद शमी का भी नाम है.

लेकिन पिछले कुछ समय से वे भी चोट से परेशान हैं और टीम से अलग हैं.

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ में मोहम्मद शमी टीम में शामिल थे. लेकिन कोविड के कारण वे मैच नहीं खेल पाए.

उनकी जगह उमेश यादव को टीम में जगह दी गई. दो दिन पहले ही मोहम्मद शमी ने ख़ुद ये जानकारी दी है कि वे कोविड निगेटिव हो गए हैं.

विश्व कप के लिए टीम में भी मोहम्मद शमी का नाम रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में हैं. वैसे शमी को लेकर एक चिंता उनके लंबे समय से क्रिकेट मैचों से दूर रहने की है.

विश्व कप से पहले क्या शमी पूरी तरह फ़िट होकर भारतीय आक्रमण के अगुआ बन पाएँगे, ये सवाल बना हुआ है.

इस साल जुलाई में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच में मोहम्मद शमी खेले थे. उन्होंने इसी सिरीज़ के दौरान वनडे मैच भी खेला था और उसके बाद से ही वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं. उन्होंने पिछले साल नवंबर में टी-20 विश्व कप के बाद कोई टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है.

हालाँकि उन्होंने इस साल आईपीएल ज़रूर खेला था.

ऑस्ट्रेलिया की पिच को देखते हुए मोहम्मद शमी भारतीय टीम में जगह के तगड़े दावेदार हैं. लेकिन लंबे समय से मैचों से दूर रहना उनके ख़िलाफ़ जा सकता है.

टेस्ट और वनडे में भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी की कमान संभालने वाले मोहम्मद शमी ने अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच कम ही खेला है. उन्होंने अभी तक 17 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच ही खेले हैं और 18 विकेट लिए.

जबकि 60 टेस्ट मैच में उनके खाते में 216 विकेट हैं. वनडे की बात करें, तो शमी ने 82 वनडे में 152 विकेट लिए हैं.

मोहम्मद सिराज

मोहम्मद सिराज को बीसीसीआई ने दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ सिरीज़ में भारतीय टीम में जगह दी है.

इससे ये भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि बुमराह की जगह उन्हें ही वर्ल्ड कप के लिए तैयार किया जा रहा है.

दाएँ हाथ के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज की ख़ासियत अपनी गेंदों में गति और उछाल पैदा करना है. कई बार वो ऐसी पिचों पर भी कमाल दिखा देते हैं, जहाँ तेज़ गेंदबाज़ों को बहुत कम मदद मिलती है.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट टॉम मूडी उन्हें बहुत पसंद करते हैं. ऑस्ट्रेलिया की पिचें सिराज को सपोर्ट कर सकती है.

आईपीएल की अगर बात करें, तो कई रिकॉर्ड सिराज के पक्ष में हैं, लेकिन वे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कम ही खेले हैं.

ये बात उनके ख़िलाफ़ जा सकती है. अभी तक मोहम्मद सिराज ने 13 टेस्ट मैच, 10 वनडे और पाँच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं.

आईपीएल में मोहम्मद सिराज ने सनराइजर्स हैदराबाद और बाद में रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर का प्रतिनिधित्व किया है.

हैदराबाद टीम के साथ जब मोहम्मद सिरीज थे, तो कोच टॉम मूडी उनसे काफ़ी प्रभावित थे. उन्होंने हैदराबाद के लिए कई बार बेहतरीन गेंदबाज़ी भी की.

बाद में वे रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर के साथ चले गए. उस समय विराट कोहली ने डेथ ओवर्स (आख़िरी ओवर्स) में सिराज का अच्छा इस्तेमाल किया था.

दीपक चाहर

दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ पहले टी-20 मैच में दीपक चाहर ने दो विकेट लिए थे. लेकिन टी-20 के हिसाब से सबसे अच्छी बात ये रही कि वे काफ़ी किफ़ायती रहे.

उन्होंने चार ओवर में सिर्फ़ 24 रन देकर दो विकेट लिए.

दीपक चाहर उन दो तेज़ गेंदबाज़ों में शामिल हैं, जिन्हें बीसीसीआई ने टी-20 वर्ल्ड कप के लिए रिजर्व खिलाड़ियों में रखा गया है.

दीपक चाहर के पक्ष में ये बात जाती है कि उन्होंने कई दावेदारों से ज़्यादा टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं.

दीपक चाहर ने भारत के लिए 22 टी-20 मैच खेले हैं और 28 विकेट लिए हैं.

उन्होंने टेस्ट मैच तो एक भी नहीं खेला है, लेकिन नौ वनडे मैच खेले हैं और 15 विकेट भी लिए हैं.

इस साल उन्होंने भारत के लिए पाँच टी-20 मैच भी खेले हैं.

उत्तर प्रदेश के आगरा से आने वाले दीपक चाहर ने राजस्थान की ओर से खेलते हुए क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी.

लेकिन उनका करियर चोट से काफ़ी प्रभावित रहा है. इस कारण वे टीम में आते-जाते भी रहे हैं.

दीपक चाहर बहुत ज़्यादा गति से तो गेंदबाज़ी नहीं करते, लेकिन वे सटीक ज़रूर हैं.

टी-20 मैचों में, चाहे आईपीएल हो या राष्ट्रीय टीम, वे कई बार उपयोगी साबित हुए हैं.

दीपक चाहर अच्छी बल्लेबाज़ी भी करते हैं. इस कारण वे टी-20 मैचों के लिए अधिक उपयुक्त माने जाते रहे हैं.

उमेश यादव

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ और फिर दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ सिरीज़ में मोहम्मद शमी के न खेल पाने की वजह से उमेश यादव को टीम में जगह मिली.

लेकिन विश्व कप की टीम में उमेश यादव को जगह नहीं मिली है.

दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ पहले टी-20 मैच में उमेश यादव को जगह नहीं मिली.

जबकि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वे काफ़ी महंगे साबित हुए थे.

दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ अर्शदीप और चहर को मौक़ा देकर टीम प्रबंधन ने अपनी प्राथमिकता एक तरह से स्पष्ट कर दी.

लेकिन उमेश यादव का अनुभव उनके पक्ष में जाता है. हालाँकि अगर सिर्फ़ टी-20 की बात करें तो उन्होंने भारत की ओर से सिर्फ़ आठ मैच ही खेले हैं.

लेकिन उन्होंने 52 टेस्ट मैच और 75 एक दिवसीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है.

वैसे वनडे मैचों की बात करें, तो 2018 के बाद से उमेश यादव ने कोई वनडे मैच नहीं खेला है.

टी-20 में ज़रूर हाल में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेलने का मौक़ा मिला था.

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