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दीप्ति शर्मा ने जिस तरह से रन आउट किया, उससे बँट गई क्रिकेट की दुनिया
- Author, पंकज प्रियदर्शी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
तीसरा अंतरराष्ट्रीय वनडे, लॉर्ड्स
- भारत 169 पर ऑल आउट (45.4 ओवर) दीप्ति 68 (106), मंधाना 50 (79),
- इंग्लैंड 153 पर ऑल आउट (43.3 ओवर) डीन 47 (80)
- इंग्लैंड की केट क्रोस ने 10 ओवर में 26 रन देकर चार विकेट लिए
- भारत की रेणुका सिंह ठाकुर ने 10 ओवर में 29 रन देकर चार विकेट लिए
- भारत ने 16 रन से इंग्लैंड को हरा दिया और सिरीज़ भी 3-0 से जीत लिया
लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम के बीच तीसरा वनडे झूलन गोस्वामी का आख़िरी वनडे था.
भारत की झूलन गोस्वामी की चर्चा इस सिरीज़ के शुरू होने से पहले से ही थी. इस वनडे मैच में भारतीय टीम ने 16 रन से जीत हासिल की और झूलन को अच्छी विदाई दी.
लेकिन झूलन के साथ-साथ ये मैच इंग्लैंड के आख़िरी विकेट के कारण लगातार सुर्ख़ियाँ बटोर रहा है. क्रिकेट की दुनिया इसको लेकर बँटी हुई है कि जो हुआ वो खेल भावना के तहत था या नहीं.
दरअसल, ये मैच काफ़ी रोमांचक हो गया था. वैसे तो भारतीय महिला टीम पहले ही ये सिरीज़ जीत चुकी थी. लेकिन इंग्लैंड को इंग्लैंड की धरती पर 3-0 से हराना भारतीय टीम के लिए आदर्श स्थिति थी.
एक समय मैच में भारतीय महिला टीम काफ़ी मज़बूत स्थिति में थी. लेकिन सात विकेट सिर्फ़ 65 रन पर गँवाने के बाद भी इंग्लैंड की टीम ने हिम्मत नहीं हारी.
ख़ासकर चार्ली डीन की संयमित पारी ने भारतीय कैंप को परेशान ज़रूर कर रखा था. इंग्लैंड की टीम ने 118 रन पर नौ विकेट गँवा दिए थे. लेकिन डीन ने इसके बावजूद हिम्मत नहीं हारी.
डीन और फ़्रेया डेविस ने आख़िरी विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी कर ली थी और ओवर्स काफ़ी बचे थे. लग रहा था कि डीन और डेविस इंग्लैंड को ये मैच जिता देंगी.
तभी 44 वें ओवर में ऐसा कुछ हुआ, जिससे क्रिकेट की दुनिया पूरी तरह बँट गई.
दीप्ति शर्मा गेंदबाज़ी कर रही थीं. तभी नॉन स्ट्राइकर चार्ली डीन ने गेंद फेंके जाने से पहले ही क्रीज़ छोड़ दी और दीप्ति शर्मा ने विकेट की गिल्ली गिरा दी और आउट की अपील की.
हालाँकि चार्ली डीन क्रीज़ छोड़कर बहुत आगे निकल गई थीं, लेकिन अंपायर ने फिर भी इसे थर्ड अंपायर के पास भेजा और थर्ड अंपायर ने चार्ली डीन को आउट क़रार दिया.
इसके साथ ही स्टेडियम में एक तबका भारतीय टीम की हूटिंग करने लगा. मैच की कमेंट्री कर रहे पूर्व क्रिकेटर्स की राय भी अलग-अलग आने लगी.
और झूलन गोस्वामी के संन्यास की ख़बर को छोड़कर सब इस फ़ैसले की चर्चा करने लगे. सोशल मीडिया पर दीप्ति शर्मा ट्रेंड करने लगीं और इस पर चर्चा भी होने लगी.
तो क्या दीप्ति शर्मा ने नॉन स्ट्राइकर चार्ली डीन को रन आउट करके कुछ ग़लत किया. अगर नियमों की बात करें, तो बिल्कुल नहीं.
पहले भी इस तरह खिलाड़ी रन आउट हुए हैं. लेकिन उसे खेल भावना के ख़िलाफ़ कहा जाता था, तो कुछ लोग इसे अनैतिक कहते थे. लेकिन अब तो आईसीसी ने भी इस तरह के आउट को सही सहा है.
आईसीसी ने हाल ही में जारी किए गए क्रिकेट के कुछ नियमों में इसका ख़ास जिक्र किया है.
लेकिन कई पूर्व और मौजूदा क्रिकेटर्स और कमेंटेटर्स इसे अनैतिक और खेल भावना के ख़िलाफ़ मान रहे हैं. एक कमेंटेटर ने तो यहाँ तक कह दिया कि भारत को इस तरह ये मैच नहीं जीतना चाहिए था.
लेकिन इस मामले पर उठ रहे सवालों का दो टूक जवाब कप्तान हरमनप्रीत कौर की ओर से आया है.
मैच के बाद पुरस्कार समारोह में बातचीत के दौरान जब उनसे ये पूछा गया तो उन्होंने पहले तो भारत की इस मैच में रणनीति की चर्चा की और ये भी बताया कि भारत की टीम इसमें कैसे जीती.
लेकिन जब कमेंटेटर ने उनसे ये कहा कि वे उनके सवाल को टाल रही हैं, तो हरमनप्रीत कौर ने उलटे उनसे पूछ लिया और कहा- मैंने तो ये सोचा था कि आप बाक़ी के नौ विकेटों के बारे में भी पूछेंगे. हमने आईसीसी के नियमों को उल्लंघन नहीं किया है. आईसीसी के नियमों के मुताबिक़ ही आउट था. मैं अपनी टीम और अपने खिलाड़ी के साथ हूँ. हमने कुछ ग़लत नहीं किया. जीत आख़िर जीत ही होती है.
क्रिकेट के आँकड़ों पर नज़र रखने वाले मज़हर अरशद ने ट्विटर पर लिखा- ये एक वैध आउट था. एकमात्र चीज़, जो खेल भावना के ख़िलाफ़ थी, वो ये थी कि खिलाड़ी ग़लत लाभ लेने की कोशिश कर रही थी. वेल डन दीप्ति शर्मा.
लेकिन इंग्लैंड के क्रिकेटर सैम बिलिंग्स ने लिखा है कि ये आउट खेल के नियम के हिसाब से सही था. लेकिन खेल भावना के हिसाब से नहीं. मेरी ये राय है कि नियम को बदलकर चेतावनी देने या पेनल्टी रन देने का कर देना चाहिए.
कई लोग ट्विटर पर ये भी लिख रहे हैं कि जब इंग्लैंड ने बाउंडरी काउंट पर विश्व कप जीता, तो इंग्लैंड के फ़ैन्स ये कह रहे थे कि जब ये नियम है, तो ये सही है. लेकिन जब दीप्ति शर्मा ने नॉन स्ट्राइकर को रन आउट किया, तो वे हूटिंग करने लगे.
एक व्यक्ति ने ट्विटर पर ये लिखा कि अगर बेन स्टोक्स लीजेंड हैं, तो दीप्ति शर्मा भी लीजेंड हैं.
क्या हुआ था 2019 के विश्व कप फ़ाइनल में
2019 में विश्व कप का फ़ाइनल इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच हुआ था. शायद यह क्रिकेट इतिहास का पहला ऐसा मौक़ा था, जब सुपर ओवर भी टाई हो गया और वर्ल्ड चैंपियन का तमगा किसे दिया जाएगा, यह एक ख़ास नियम से तय हुआ.
और इसी ख़ास नियम के तहत इंग्लैंड की टीम को विश्व विजेता घोषित किया गया और न्यूज़ीलैंड के प्रशंसक निराश हो गए. विश्व विजेता की घोषणा के बाद दोनों टीमों के प्रशंसक दो धड़ों में बँट गए.
विजेता टीम का समर्थन करने वाले प्रशंसक "नियम तो नियम होता है" का तर्क दे रहे हैं तो हारने वाली टीम के प्रशंसक उस नियम को ग़लत ठहराया, जिसके तहत सबसे ज़्यादा बाउंड्री लगाने वाली टीम को विजेता घोषित किया गया.
इस फ़ाइनल मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए न्यूज़ीलैंड ने 50 ओवरों में आठ विकेट खोकर 241 रन बनाए. इंग्लैंड की टीम भी 241 रन बनाकर आउट हो गई और फिर सुपर ओवर भी टाई हो गया.
लेकिन इंग्लैंड को इसलिए विजेता घोषित किया गया, क्योंकि आईसीसी के नियमों के हिसाब से सुपर ओवर में भी स्कोर बराबर हो जाने पर जीत उसकी होती है, जिसने मैच में अधिक बाउंड्रीज़ लगाई हों.
अब भारतीय क्रिकेट प्रशंसक इंग्लैंड को इसी फ़ाइनल मैच की याद दिला रहे हैं और कह रहे हैं कि नियम नियम होता है और इसमें ग़लत कुछ नहीं होता है.
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