दीप्ति शर्मा ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ रन आउट विवाद पर तोड़ी चुप्पी

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीसरे और आख़िरी वनडे मैच में दीप्ति शर्मा ने जिस तरह चार्ली डीन को रन आउट किया था, उसे लेकर विवाद थमा नहीं है.

अब भी पूर्व क्रिकेटर्स और क्रिकेट के जानकार इस मामले को लेकर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं.

इन सबके बीच क्रिकेट का नियम बनाने वाली संस्थान एमसीसी ने दीप्ति शर्मा मामले पर बयान जारी किया है.

एमसीसी का कहना है कि हाल ही में क्रिकेट के नियम बदले गए हैं और नॉन स्ट्राइकर एंड पर रन आउट को नियम संख्या 41 से हटाकर 38 में डाल दिया गया है.

पहले इस तरह के रन आउट को आउट तो दिया जाता था, फिर इस तरह के आउट को अनफ़ेयर प्ले की श्रेणी में रखा गया था, लेकिन अब इसे रन आउट माना गया है.

हालांकि आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि नए नियम एक अक्टूबर से लागू होंगे. लेकिन इस नियम के लागू होने से पहले भी अंपायर इस तरह के रन आउट की अपील को ख़ारिज नहीं कर सकते.

एमसीसी का ये भी कहना है कि नॉन स्ट्राइकर्स को गेंद फेंके जाने तक अपनी क्रीज़ में ही रहना चाहिए.

तीसरे वनडे मैच में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 44वें ओवर में दीप्ति शर्मा ने चार्ली डीन को ऐसे ही रन आउट कर दिया था. इसको लेकर कई क्रिकेटर्स और विशेषज्ञों की राय बंटी हुई नज़र आ रही है. इस रन आउट के बाद इंग्लैंड की क्रिकेटर चार्ली डीन रोने लगीं क्योंकि इंग्लैंड की टीम उस समय जीतने के क़रीब थी, हालांकि उसके नौ विकेट गिर चुके थे.

इसी क्रम में पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद आसिफ़ ने ट्विटर पर दीप्ति शर्मा की खेल भावना पर सवाल उठाए. लेकिन इसके बाद वे बहुत ट्रोल हुए.

लोगों ने स्पॉट फ़िक्सिंग को लेकर उन पर लगे आरोपों की उन्हें याद दिलाई. आईसीसी ने स्पॉट फ़िक्सिंग मामले में पाकिस्तान के तीन क्रिकेटर्स को बैन किया था जिनमें मोहम्मद आसिफ़ भी शामिल थे.

मोहम्मद आसिफ़ ने ट्विटर पर लिखा था कि दीप्ति शर्मा ने जिस तरह रन आउट किया, वो खेल भावना के ख़िलाफ़ था. आसिफ़ ने एक तस्वीर भी ट्वीट की थी और लिखा कि दीप्ति शर्मा का मक़सद बॉलिंग करना नहीं था.

इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन ने भी दीप्ति शर्मा पर कुछ इसी तरह के आरोप लगाए हैं. जेम्स एंडरसन का भी यही कहना है कि दीप्ति शर्मा की मंशा गेंद फेंकने की नहीं बल्कि चार्ली डीन को आउट करने की थी.

ब्रिटेन के चर्चित पत्रकार पियर्स मॉर्गन ने तो यहां तक ट्वीट कर दिया कि पूरी भारतीय टीम को इस तरह मैच जीतने पर शर्म आनी चाहिए.

इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ स्टुअर्ट ब्रॉड ने लिखा है कि मनकड को लेकर चल रही चर्चा काफ़ी रोचक है. दोनों तरफ़ से कई राय आ रही है. उन्होंने लिखा- निजी तौर पर मैं इस तरह मैच नहीं जीतना चाहूंगा.

क्या कहा है दीप्ति शर्मा ने

इंग्लैंड में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम वापस स्वदेश लौट आई है.

वापस आने के बाद पत्रकारों से बातचीत में दीप्ति शर्मा ने चार्ली डीन को रन आउट किए जाने के विवाद पर अपनी राय रखी है.

उन्होंने कहा- वो हमलोगों का प्लान था. हम बार-बार उन्हें चेतावनी भी दे चुके थे. रूल्स में जो गाइडलाइन है, हमने उसी के हिसाब से ही किया.

जब उनसे ये पूछा गया कि झूलन गोस्वामी को जीत के साथ विदाई देना चाहती थीं, कहीं ये तो दिमाग़ में नहीं था, इस पर दीप्ति शर्मा ने कहा- हम टीम को जीतना होता है. हम भी चाहते थे कि उन्हें जीत कर फ़ेयरवेल दें. उसके हिसाब से टीम के रूप में हम जो कर सकते थे, हमलोगों ने किया.

दीप्ति ने कहा कि चार्ली डीन बार-बार क्रीज़ से निकल रही थीं और उन्होंने अंपायर से भी इसका ज़िक्र किया था. लेकिन वो बार-बार निकल रही थीं, तो वे लोग कुछ कर नहीं सकते थे.

मनकडिंग, कपिल देव और आर अश्विन

नॉन स्ट्राइकर रन आउट की शुरुआत बहुत पहले हुई थी. सबसे पहले इस तरह के आउट की चर्चा 1835 में हुई थी, जब इंग्लैंड में फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट में थॉमस बेकर ने जॉर्ज बेजेंट को इस तरह आउट किया था.

लेकिन इसकी सबसे ज़्यादा चर्चा उस समय हुई जब ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मैच में भारत के वीनू मनकड ने इसे आज़माया था.

13 दिसंबर 1947 को वीनू मनकड ने सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के बिल ब्राउन को इस तरह रन आउट किया था. तभी से इसे मनकडिंग कहा जाने लगा.

उस समय भी वीनू मनकड की खेल भावना पर सवाल उठे थे. लेकिन उस समय ऑस्ट्रेलिया के कप्तान डॉन ब्रैडमन वीनू मनकड के समर्थन में आए थे और कहा था कि इस मामले में खिलाड़ी को निशाना नहीं बनाना चाहिए क्योंकि क्रिकेट के नियम कहते हैं कि नॉन स्ट्राइकर को गेंद फेंके जाने तक अपनी क्रीज़ में रहना चाहिए.

इसके बाद भारत के कपिल देव की भी चर्चा होती है, जब उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका के पीटर कर्स्टन को ऐसे ही रन आउट किया था. 9 दिसंबर 1992 को भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच फ़्रेंडशिप सिरीज़ के दौरान कपिल देव ने ऐसा किया था.

लेकिन इससे पहले कपिल देव ने तीन बार पीटर कर्स्टन को चेतावनी भी दी थी. लेकिन कर्स्टन बार-बार क्रीज़ से बाहर निकल रहे थे. तीसरी बार कपिल देव ने उन्हें रन आउट कर दिया. हालांकि इससे पीटर कर्स्टन काफ़ी नाराज़ दिख रहे थे.

सबसे हालिया घटना 2019 के आईपीएल की है, जब आर अश्विन ने जोस बटलर को इस तरह आउट किया था. उस समय भी बटलर काफ़ी ग़ुस्सा हुए थे और अश्विन पर उस दौरान भी ख़ूब सवाल उठे.

दीप्ति शर्मा एपिसोड के मामले में आर अश्विन भी एकाएक ट्विटर पर ट्रेंड करने लगे. अश्विन ने इस पर चुटकी लेते हुए ट्वीट भी किया और लिखा कि अश्विन क्यों ट्रेंड कर रहे हैं, आज तो दीप्ति शर्मा की चर्चा है.

अश्विन ने इंग्लैंड के क्रिकेटर सैम बिलिंग के ट्वीट पर ये भी लिखा कि क्यों ना ऐसे विकेट गेंदबाज़ के खाते में डाल दिए जाएं क्योंकि वे दबाव में अपने दिमाग़ का इस्तेमाल करते हैं और उन पर दबाव भी बहुत होता है. अश्विन ने ये भी लिखा है कि ऐसे रन आउट के बाद खिलाड़ियों को सोशल मीडिया पर निशाना भी बनाया जाता है जिसे उन्हें झेलना होता है.

मैक्सवेल का रन आउट

दीप्ति शर्मा विवाद के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हैदराबाद में हुए तीसरे वनडे में भी मैक्सवेल के रन आउट को लेकर विवाद उठा.

हालांकि थर्ड अंपायर ने कई बार रीप्ले देखने के बाद ये निर्णय दिया कि मैक्सवेल रन आउट हैं.

मैक्सवेल तो अपने आउट न होने को लेकर इतने आश्वस्त थे कि वे क्रीज़ पर गार्ड लेकर अगली गेंद खेलने की तैयारी में लग गए थे.

लेकिन फ़ैसला उनके ख़िलाफ़ आया. हताश और निराश दिख रहे मैक्सवेल को पवेलियन लौटना पड़ा.

हुआ यूं कि मैच के आठवें ओवर में युजवेंद्र चहल गेंदबाज़ी कर रहे थे और सामने थे मैक्सवेल. मैक्सवेल ने गेंद को पुल किया और दो रन लेने की कोशिश की.

अक्षर पटेल की गेंद सीधे स्टम्प पर जाकर लगी. लेकिन इससे पहले ही विकेटकीपर दिनेश कार्तिक का ग्लव्स स्टम्प से टकरा गया था और एक गिल्ली भी गिर गई थी.

ऐसी स्थिति में विकेटकीपर को रन आउट लेने के लिए गेंद के साथ पूरा स्टम्प गिराना होता है. कार्तिक ने ऐसा किया नहीं.

लेकिन इस मामले में पेंच ये आया कि कार्तिक के ग्लव्स से सिर्फ़ एक गिल्ली गिरी. जबकि दूसरी गिल्ली नहीं गिरी थी.

जब अक्षर पटेल का थ्रो स्टम्प से टकराया, उस समय दूसरी गिल्ली गिरी और इसी आधार पर अंपायर ने आउट दिया.

लेकिन इसे लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा होने लगी. कुछ लोग इसके समर्थन में तो कुछ इसके ख़िलाफ़ ट्वीट कर रहे थे.

ये दो दिनों में दूसरा मौक़ा था, जब भारतीय टीम के रन आउट को लेकर सोशल मीडिया पूरी तरह बंट गई.

(कॉपी - पंकज प्रियदर्शी)

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