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'नो हैंडशेक': अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत और बांग्लादेश के कप्तानों ने नहीं मिलाया हाथ
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में लगातार बढ़ते तनाव की छाया अब अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी देखने को मिली है.
बुलावायो में भारत और बांग्लादेश की अंडर-19 टीमों के मैच से पहले कप्तानों ने टॉस के वक़्त हैंडशेक नहीं किया.
अंडर-19 वर्ल्ड कप ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में 15 जनवरी से खेला जा रहा है. भारत ने अपने पहले मैच में अमेरिका को 6 विकेट (डीएलएस मैथड) से हराया था.
शनिवार को भारत अपना दूसरा मैच बांग्लादेश के ख़िलाफ़ खेल रहा है.
दोनों कप्तानों ने नहीं मिलाया हाथ
बांग्लादेश में शेख़ हसीना के तख़्तापलट के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण हो चले हैं.
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा की घटनाओं के बाद भारत में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे.
इसके बाद आईपीएल की कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफ़िज़ुर रहमान को शामिल करने पर विवाद हुआ था.
मुस्तफ़िज़ुर को बीसीसीआई ने केकेआर से बाहर करने को कहा था.
इस पूरे विवाद की छाया अब अंडर-19 वर्ल्ड कप मैच में भी देखने को मिली है.
शनिवार को भारत के कप्तान आयुष म्हात्रे और बांग्लादेश के उप-कप्तान ज़वाद अबरार टॉस के लिए आए तो दोनों ने पारंपरिक तौर पर हाथ नहीं मिलाया.
बांग्लादेश की अंडर-19 टीम के कप्तान अज़ीज़ुल हाकिम हैं जबकि टॉस के लिए उप-कप्तान अबरार आए.
हालांकि अज़ीज़ुल हाकिम भारत के ख़िलाफ़ 11 खिलाड़ियों में शामिल थे.
अबरार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया था.
सोशल मीडिया पर चर्चा
अंडर-19 टीम के कप्तानों के हैंडशेक न करने की चर्चा सोशल मीडिया पर है.
स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट अमोल करहडकर ने एक्स पर लिखा, "मैदान के बाहर वीज़ा कूटनीति. मैदान पर हाथ न मिलाने की नीति. क्रिकेट कभी एक ज़माने में जेंटलमैन का खेल माना जाता था."
वहीं एक बांग्लादेशी क्रिकेट फ़ैन ने एक्स पर लिखा, "नो हैंडशेक ड्रामा जारी है. इस बार इसमें बांग्लादेश को शामिल किया जा रहा है."
भारत और पाकिस्तान के बीच हो चुका है 'नो हैंडशेक'
इससे पहले एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 'नो हैंडशेक' का मामला देखा जा चुका है.
भारत और पाकिस्तान के बीच बीते साल मई महीने में सैन्य संघर्ष के बाद सितंबर में एशिया कप के दौरान दोनों देशों की टीमें पहली बार आमने-सामने थीं.
टॉस के समय भी भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के कप्तान सलमान आग़ा के बीच रस्मी 'हैंडशेक' नहीं हुआ था.
पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि मैच रेफ़री एंडी पाइक्रॉफ़्ट ने टॉस के दौरान दोनों टीम के कप्तानों को हाथ न मिलाने को कहा था. इसकी शिकायत पाकिस्तान ने आईसीसी से भी की थी.
साथ ही पाकिस्तान ने यह भी धमकी दी थी कि अगर मैच रेफ़री को न हटाया गया तो वह यूएई के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेलेगा. यही कारण था कि एशिया कप में पाकिस्तान और यूएई का नॉकआउट मैच देरी से शुरू हुआ था.
इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने दावा किया था कि मैच रेफ़री एंडी पाइक्रॉफ़्ट ने इस मामले में माफ़ी मांगी थी.
हालांकि, 'नो हैंडशेक की नीति' दोनों टीमों ने एशिया कप के फ़ाइनल मैच तक अपनाए रखी. भारत ने फ़ाइनल मैच में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया था.
हालांकि दोनों टीमों के बीच तनाव उस समय भी देखा गया जब एशिया क्रिकेट काउंसिल के चैयरमेन और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी से भारतीय टीम ने ट्रॉफ़ी नहीं ली.
मोहसिन नक़वी ये ट्रॉफ़ी अपने साथ लेकर चले गए थे और भारत को अभी तक एशिया कप की ट्रॉफ़ी नहीं मिल पाई है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.