नीरज चोपड़ा सिल्वर जीतने के बाद बोले- किसी से तुलना करना ठीक नहीं

रविवार की सुबह. भारत में तमाम लोग वक़्त से जल्दी ही जाग गए. और इसकी वजह थी एक उम्मीद जो चैंपियन एथलीट नीरज चोपड़ा पर टिकी थीं.

वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप की भाला फेंक प्रतियोगिता के फ़ाइनल में नीरज चोपड़ा गोल्ड के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे थे. उनकी मां सरोज देवी समेत करोड़ों लोग टीवी सेट से चिपके थे.

लेकिन, शुरुआत वैसी नहीं हुई जैसी उम्मीद थी. वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फ़ाइनल में ठसक से दाखिल हुए ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा पहले ही प्रयास में लड़खड़ा गए. फाउल कर बैठे.

करोड़ों दिलों की धड़कनें तेज़ हो गई. दूसरी कोशिश में थ्रो ठीक था लेकिन भाला उम्मीद के मुताबिक दूरी पर नहीं गया. लहराता भाला 82.39 मीटर दूरी पर गिरा.

तीसरी कोशिश बेहतर थी. भाला 86.37 मीटर तक गया लेकिन अब तक मेडल दूर दिखने लगा था.

ख़ुद नीरज को भी हालात मुश्किल लग रहे थे.

नीरज चोपड़ा ने क्या कहा?

सिल्वर जीतकर इतिहास रचने के बाद उन्होंने कहा, "थोड़ी कंडीशन ठीक नहीं थी. काफी हवा थी. पहले दो तीन थ्रो तक वैसा फील नहीं हुआ. फिर भी कहीं न कहीं लग रहा था कि थ्रो लगेगी."

दिल ने जो संकेत दिया, नीरज चोपड़ा ने चौथी कोशिश में वैसा ही किया. इस बार थ्रो 88.13 मीटर लंबा गया.

नीरज बताते हैं, "अच्छा फील हुआ था. मुझे लग रहा था अच्छा है. सिल्वर मेडल की थ्रो थी."

पांचवीं और छठी कोशिश में भी नीरज चोपड़ा फाउल कर बैठे. लेकिन चौथी थ्रो ने उन्हें और भारत को सिल्वर मेडल दिला दिया. 19 साल बाद वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का खाता खुल गया. नीरज चोपड़ा के पहले साल 2003 में लंबी कूद में अंजू बॉबी जॉर्ज ने कांस्य पदक जीता था.

'हवा ने नहीं दिया साथ'

नीरज चोपड़ा दूसरे नंबर पर रहे लेकिन वो खुश थे कि 'हवा ख़िलाफ़' होने के बाद भी देश के लिए मेडल जीत सके.

नीरज ने कहा, " थोड़ा चैलेंजिग हो गया था फिर भी अंदर बिलीव था कि कर लेंगे आखिर तक. खुश हैं परफॉर्मेंस से. काफी कुछ सीखने को मिला. हवा मेरे लिए चैलेंजिंग थी. जो सामने से आ रही थी. "

नीरज का पदक पक्का होते ही उनकी मां सरोज देवी की भावनाएं उमड़ पड़ीं. वो बोलीं, "हमें भरोसा था कि वो देश के लिए मेडल ज़रूर जीतेगा."

एंडर्सन की तारीफ

इस मुक़ाबले में गोल्ड ग्रेनेडा के एंडर्सन पीटर्स ने जीता है. उन्होंने अपने आख़िरी थ्रो में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 90.54 मीटर दूर भाला फेंका.

चेक रिपब्लिक के जैकब वादले कांस्य पदक के साथ तीसरे नंबर पर रहे. उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 88.09 मीटर दूर भाला फेंका. पाकिस्तान के अरशद नदीम पांचवे स्थान पर रहे. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 86.16 मीटर रहा.

गोल्ड जीतरने वाले एंडर्सन की नीरज ने तारीफ की. वो बोल, "पीटरसन ने काफी अच्छी थ्रो लगाई. होता है कई बार किसी एथलीट का दिन होता है. चैलेंजिंग दिन किसी के लिए भी हो सकता है. वो ओलंपिक में फ़ाइनल में भी नहीं पहुंच पाया था. किसी से कम्पेयर (तुलना) करना ठीक नहीं है."

नीरज चोपड़ा ने पिछले साल टोक्यो में हुए ओलंपिंग में गोल्ड जीतने में कामयाब रहे थे. ये ओलंपिक के एथलेटिक्स इवेंट में भारत का पहला गोल्ड था.

इस बार भी नीरज से गोल्ड जीतने की उम्मीद लगाई जा रही थी. उन्हें भी इसका अंदाज़ा था.

नीरज चोपड़ा ने कहा, "अच्छा है कि उम्मीद है लेकिन हर बार गोल्ड नहीं आ सकता. क्या पता मेडल भी नहीं आ पाए. ये स्पोर्ट्स है. अप डाउन चलता है. हमको अपना ट्रेनिंग और हमारा काम करते रहना चाहिए लगातार. वो मैं करता रहूंगा और कोशिश करुंगा इससे बेहतर रिजल्ट लेकर आऊं. "

भारत को इस मुक़ाबले में एक और मेडल की आस थी. रोहित यादव भी मेडल की आस लगाए थे लेकिन वो शीर्ष आठ में जगह नहीं बना पाए. अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 78.72 के साथ वो दसवें नंबर पर रहे.

हालांकि, जैसा नीरज चोपड़ा ने कहा कि आगे मौक़े और भी हैं.

नीरज ने कहा, "अगले साल फिर हमारे पास वर्ल्ड चैंपियनशिप में हंगरी में मौक़ा होगा. कोशिश करेंगे कि और अच्छा करें. "

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