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रवींद्र जडेजा के कप्तानी छोड़ने और अपनी वापसी पर खुलकर बोले धोनी
- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
रविवार को आईपीएल में दो मैच खेले गए. दोनों में ख़ूब चौके छक्के लगे. बड़ा स्कोर बना.
फिर लक्ष्य का पीछा भी बख़ूबी किया गया लेकिन बाद में बैटिंग करने वाली टीमें बहुत कम रनों के अंतर से पिछड़ गईं. दोनों मुक़ाबले में जीत पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम की हुई.
दिन के पहले मैच में केएल राहुल के नेतृत्व वाले लखनऊ सुपर जायंट्स ने दिल्ली कैपिटल को महज सात रन से हराया तो दूसरे में इस आईपीएल में पहली बार कप्तानी कर रहे महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व वाली चेन्नई सुपर किंग्स ने सनराइज़र्स हैदराबाद को केवल 13 रन से हराया.
महेंद्र सिंह धोनी जब मैच के बाद जीतने वाली टीम के कप्तान के रूप में बातचीत करने आए तो उन्होंने टीम की कप्तानी छोड़ने, रवींद्र जडेजा को सौंपने और फिर वापस लेने की पूरी कहानी विस्तार से बताई.
जडेजा ने इस मैच से एक दिन पहले ही कप्तानी छोड़ते हुए धोनी से दोबारा कप्तानी संभालने का अनुरोध किया था जिसे कैप्टन कूल ने स्वीकार कर लिया था.
चेन्नई की टीम में रातोरात हुए इस परिवर्तन को लेकर क्रिकेट जगत में हलचल मची थी और लोग ये जानने को बेताब थे कि आखिरी ये अचानक से क्या हुआ?
मैच के बाद जब यही सवाल धोनी से पूछा गया तो उन्होंने बताया, "मुझे लगता है कि जडेजा पिछले सीज़न में ही जानते थे कि इस साल वो कप्तानी संभालेंगे. मैंने पहले दो मैचों में केवल उनके काम की देखरेख की और बाद में उसमें दखल देना छोड़ दिया. उसके बाद, मैंने ज़ोर दिया कि वो अपने ख़ुद के फ़ैसले लें और उनकी ज़िम्मेदारी भी लें."
"एक बार जब आप कप्तान बन जाते हैं तो कई तरह की मांग आपके सामने आती हैं. लेकिन जैसे-जैसे काम बढ़ता गया, उसने उनके दिमाग़ पर असर डाला. मुझे लगता है कि कप्तानी ने उनकी तैयारी और उनके प्रदर्शन पर बोझ डाल दिया."
"तो यह एक धीरे-धीरे बदली गई प्रक्रिया थी. कप्तानी को लेकर इतना ज़्यादा आपका सुझाव देना कि वो ख़ुद न सोच सके, किसी कप्तान की मदद नहीं करता. मैदान में आपको वो अहम फ़ैसले लेने होते हैं और उन निर्णयों की ज़िम्मेदारी भी आपको उठानी पड़ती है."
"आप कप्तान बन जाते हैं तो कई चीज़ों का ख़्याल रखना होता है, जिसमें से एक आपका अपना खेल भी होता है."
'हम मज़बूत वापसी करेंगे'
धोनी ने उम्मीद जताई कि जडेजा कप्तानी के दबाव से मुक्त होने के साथ अपने ऑलराउंड फॉर्म को फिर से मज़बूत करेंगे, ख़ास कर फील्डिंग में क्योंकि चेन्नई सुपर किंग्स ने इस साल फील्डिंग में बहुत ही लचर प्रदर्शन किया है और इसके फील्डरों ने कई आसान कैच छोड़े हैं.
कुछ सीधे हाथ में आए आसान कैच तो हैदराबाद के ख़िलाफ़ मैच में भी छोड़े गए.
धोनी ने कहा, "आपने कप्तानी से राहत पा ली है और अपना बेस्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, तो हम यही चाहते हैं. हम एक बेहतरीन फील्डर को भी खो रहे थे, हम एक डीप मिडविकेट फील्डर की जगह को लेकर जूझ रहे थे, फिर हमने अब तक 17-18 कैच टपका दिए हैं और ये चिंता का विषय है."
"गेंदबाज़ों से बात करते रहना ज़रूरी है, ये मैच मुश्किल हैं और हम मज़बूत वापसी करेंगे."
धोनी ने कहा कि ये योजना पहले से ही थी कि इस सीज़न में जडेजा कप्तान की ज़िम्मेदारी संभालेंगे और उन्होंने (माही ने) इस फ़ैसले का समर्थन किया था, साथ ही बतौर कप्तान जडेजा के फ़ैसलों में धोनी कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहते थे.
'कप्तान बदल गया तो सब कुछ बदल गया, ऐसा नहीं है'
चेन्नई ने पहले खेलते हुए ऋतुराज गायकवाड़ (99 रन) और डेवोन कॉनवे (नाबाद 85 रन) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 202 रन बनाए. जवाब में हैदराबाद ने 189 रन बनाए और मैच 13 रनों से चेन्नई के नाम हो गया.
मैच के बाद धोनी ने स्टार स्पोर्ट्स के साथ बातचीत में बताया कि उन्होंने कप्तानी संभालने के बाद ड्रेसिंग रूम में कुछ नया नहीं कहा.
वे बोले, "ये एक अच्छा स्कोर था. जब आप इस तरह का स्कोर बनाते हैं तो गेंदबाज़ों के लिए इसे बचा पाना थोड़ा आसान होता है."
"जब आप एक ही ड्रेसिंग रूम में रहते हैं तो वही बातें दोहराया करते हैं, मैंने भी कुछ अलग नहीं किया. कप्तान बदलने के साथ सब कुछ बदल गया ऐसा कुछ नहीं है."
धोनी का सिद्धांत- चार छक्के खा चुके गेंदबाज़ क्या करें?
धोनी ने पहले अपने ओपनर्स की और फिर हैदराबाद के बल्लेबाज़ों की रन गति पर अंकुश लगाने के लिए अपने गेंदबाज़ों ख़ासकर स्पिनर्स की तारीफ़ की.
"हमने जो लक्ष्य रखा था वो अच्छा था, बाद में ओस आती तो शुरुआती गेंदबाज़ी अच्छी होनी चाहिए थी. बैटिंग में शुरुआत अच्छी रही और हमने शुरू के ओवरों का बल्ले से पूरा फ़ायदा उठाया."
"इसके बाद हमें अच्छी गेंदबाज़ी करने की ज़रूरत थी. शुरुआती छह ओवर्स के बाद स्पिनर्स ने अच्छी गेंदें डालीं, हमने अपनी गेंदबाज़ी से (हैदराबाद के लिए) आवश्यक रन रेट बढ़ाने का काम किया."
"ये जीत के लिहाज से अहम था. (आवश्यक रन रेट बढ़ने से) हमारे पास इतने रन थे, जिनका मुश्किल के वक़्त में हम सहारा ले सकते थे."
"अच्छी शुरुआत मिलने के बाद विपक्षी टीम कभी भी वापसी कर सकती है, चाहे वो 200 रनों का पीछा ही क्यों न कर रही हो लेकिन हमारे स्पिनर्स ने यह सुनिश्चित किया कि ऐसा न हो सके."
"बल्ले से हमने कुछ अच्छे प्रदर्शन किए लेकिन गेंदबाज़ी के दो ओवरों में 25 रन दे दिए, तो गेंदबाज़ों को कुछ अलग करने की कोशिश करनी होगी."
"मैंने अपने गेंदबाज़ों से कहा है कि अगर उनके किसी ओवर में चार छक्के लगते हैं और दो गेंदें बची हैं तो उन पर भी कुछ किया जा सकता है."
"निश्चित तौर पर हर कोई इस तरह के सिद्धांत से सहमत नहीं हो सकता लेकिन मुझे लगता है कि ये काम करता है."
शनिवार को राजस्थान और दिल्ली के बीच हुए मुक़ाबले में अंतिम ओवर में दिल्ली को जीत के लिए 36 रन बनाने थे, तब पहली तीन गेंदों पर रोवमैन पॉवेल ने लगातार तीन छक्के लगाए थे.
ठीक उसी तरह शनिवार को जब मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच मैच खेला गया तो जॉस बटलर ने भी ऋतिक शौकीन की शुरुआती चार गेंदों पर चार छक्के जड़े. हालांकि शौकीन ने इस ओवर की पांचवी गेंद पर उन्हें आउट भी कर दिया.
धोनी संभवतः इसी के संदर्भ में बात कर रहे थे.
टॉस से पहले धोनी क्या बोले
कप्तान के रूप में वापसी के बाद जब मैच से पहले वो टॉस के लिए पहुँचे तो पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.
टॉस के वक़्त धोनी से ये पूछा गया कि क्या वो आगे भी पीली जर्सी में ही खेलते नज़र आएंगे.
इस पर धोनी ने कहा, "मैं पहले भी बोल चुका हूँ, आप आगे भी मुझे पीली जर्सी में ही देखेंगे. लेकिन वो ये होगी या कोई और उसके बारे में इंतज़ार करना होगा."
चेन्नई के कप्तान धोनी
धोनी भारतीय टीम के सबसे सफल कप्तानों में से रहे हैं. आईपीएल में लगातार 14 साल उन्होंने चेन्नई की बागडोर संभाली है.
रविवार को हैदराबाद पर मिली जीत तक धोनी ने जिन 214 मैचों में सुपर किंग्स की, आईपीएल और चैंपियंस लीग टी20 में, कप्तानी की है, उनमें से 131 मैचों में जीत और 81 में हार हुई है.
आईपीएल का यह 15वां सीज़न चल रहा है और धोनी की कप्तानी में चेन्नई इससे पहले तक हुए 14 में से 9 आईपीएल के फ़ाइनल में पहुंच चुकी है.
आईपीएल और चैंपियंस लीग में धोनी की कप्तानी में चेन्नई ने रिकॉर्ड छह टूर्नामेंट जीते हैं. आईपीएल में चार बार और चैंपियंस लीग टी20 में दो बार सीएसके चैंपियन बनी है.
जडेजा ने क्यों सौंपी कप्तानी
इस सीज़न के शुरुआत से पहले ही चेन्नई ने कप्तानी रवींद्र जडेजा को सौंप दी. तब धोनी के कप्तानी छोड़ने को 'एक युग का अंत' कहा गया और जडेजा से उम्मीदों पर खरा होने का भरोसा जताया गया. लेकिन पहले आठ मैचों में से चेन्नई को केवल दो में जीत मिली तो जडेजा ने कप्तानी वापस धोनी को सौंपने का फ़ैसला लिया.
हैदराबाद के साथ मुक़ाबले से एक दिन पहले (बीते शनिवार को) सबको चौंकाते हुए धोनी एक बार फिर चेन्नई के कप्तान बन गए.
चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से मीडिया में जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि, "रवींद्र जडेजा अपने खेल पर और अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए कप्तानी छोड़ने का फ़ैसला लिया और महेंद्र सिंह धोनी से चेन्नई सुपर किंग्स का नेतृत्व करने का अनुरोध किया है. एमएस धोनी ने सीएसके का नेतृत्व स्वीकार किया और जडेजा को अपने खेल पर फ़ोकस करने की अनुमति दी है."
जडेजा का आईपीएल 2022 में प्रदर्शन
अब तक चेन्नई सुपर किंग्स का आईपीएल 2022 में सफ़र बहुत मुश्किल रहा है. उसने जडेजा के नेतृत्व में खेले गए 8 मैचों में से केवल दो में जीत हासिल की और रविवार को हैदराबाद के ख़िलाफ़ मिली जीत के बावजूद छह अंकों के साथ पॉइंट टेबल में 9वें स्थान पर ही बनी हुई है.
जडेजा का अपनी कप्तानी में प्रदर्शन भी अच्छा नहीं रहा. उनके बल्ले से केवल 112 रन निकले हैं. जबकि विकेटें उन्हें केवल पाँच मिलीं.
रविवार के मैच में बल्ले से जडेजा को कोई मौक़ा नहीं मिला लेकिन जब हैदराबाद के बल्लेबाज़ रन बरसा रहे थे तो जड्डू ने रन देने में कंजूसी की और अपने तीन ओवरों में केवल पांच रन प्रति ओवर ही खर्चे.
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