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आईपीएल 2022- RRvsGT: पहले बल्ले फिर गेंद से छाए पंड्या, इन छह खिलाड़ियों ने छोड़ी मैच पर अपनी छाप
- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
क्रिकेट में जब किसी टीम के बल्लेबाज़ी की शुरुआत अच्छी न हो और आपके इन फॉर्म बल्लेबाज़ तेज़ी से आउट हो कर पवेलियन लौट रहे हों तो जानकार कहते हैं कि पिच पर टिककर खेलने के साथ कमज़ोर गेंदों पर रन बटोरने से एक बड़ा और सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया जा सकता है.
कुछ ऐसा ही गुजरात और राजस्थान के बीच गुरुवार को हुए मुक़ाबले में देखने को मिला. गुजरात टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाज़ी कर रहा था. उसके दो विकेट महज 15 रन बनने तक आउट हो गए थे.
ऐसे में कप्तान हार्दिक पंड्या पिच पर आए. दूसरी तरफ इन फ़ॉर्म बल्लेबाज़ शुभमन गिल थे. लगा कि दोनों टीम के स्कोर को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा देंगे. लेकिन 53 के स्कोर पर शुभमन आउट हो गए.
यहां से कमान हार्दिक ने संभाली और अंत तक आउट हुए बग़ैर बेशकीमती 87 रन बनाए. चार छक्के और 8 चौके की इस पारी के दौरान हार्दिक ने टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाने वाले प्लेयर के रूप में ऑरेंज कैप भी हासिल किया. हालांकि यह कैप हार्दिक के सिर पर महज कुछ ही देर तक टिक सकी, जॉस बटलर ने अपनी तूफ़ानी पारी के दौरान एक बार फिर ऑरेंज कैप अपने नाम कर लिया.
हार्दिक पंड्या ने आईपीएल क्रिकेट में पहली बार लगातार दो अर्धशतक जड़े हैं.
इससे पहले सनराइज़र्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ भी हार्दिक ने मुश्किल परिस्थितियों में आकर शानदार बल्लेबाज़ी की थी और अर्धशतक जड़ा था.
गुरुवार को एक बार फिर ऐसी ही परिस्थिति पैदा होने पर हार्दिक संकटमोचक बने और नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली.
इन दोनों पारियों के बारे में इतना तो ज़रूर कहना होगा कि पंड्या ने एक सूझबूझ भरी कप्तानी पारी खेली है. हालांकि वो इस तरह से लंबी पारी खेलने के लिए नहीं जाने जाते रहे हैं.
राजस्थान के ख़िलाफ़ गुजरात की फील्डिंग के दौरान हार्दिक अपने पुराने रंग में दिखे. उन्होंने ऑलराउंड क्रिकेट का प्रदर्शन किया.
संजू सैमसन को उन्होंने अपने डायरेक्ट थ्रो पर रन आउट कराया तो अपनी गेंद पर एक विकेट भी लिए. कुल मिलाकर इसे पंड्या के ऑलराउंड प्रदर्शन से मिली जीत कह सकते हैं.
गुरुवार का दिन पंड्या के नाम रहा. उन्होंने बेशकीमती नाबाद 87 रन की पारी तो खेली ही, उनकी कप्तानी में टीम ने आईपीएल में अपना सबसे बड़ा स्कोर भी खड़ा किया. और 37 रनों मिली बड़ी जीत के लिए वे 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' भी चुने गए.
मैच के बाद पंड्या ने ख़ुद ये स्वीकार किया कि वो लगातार दो मैच में बड़ी पारियां खेल चुके हैं जिसके वो अभ्यस्त नहीं रहे हैं.
हालांकि पंड्या के अलावा भी कई अन्य खिलाड़ियों के योगदान से इस मैच का रुख पल पल बदलता रहा. टॉस होने से मैच की अंतिंम गेंद तक क्रिकेट का रोमांच बना रहा उसकी वजह ये खिलाड़ी भी रहे.
अभिनव मनोहर
आईपीएल 2022 में अभिनव मनोहर लगातार अपने प्रदर्शन से प्रशंसा बटोर रहे हैं. राजस्थान के ख़िलाफ़ तीन शुरुआती बल्लेबाज़ों के जल्द आउट हो जाने के बाद पिच पर कप्तान का साथ देने आए अभिनव न केवल उम्मीदों पर खरे उतरे बल्कि बेहद अहम पारी खेली.
उन्होंने कप्तान हार्दिक पंड्या के साथ चौथे विकेट के लिए 86 रनों की साझेदारी भी की और सबसे बड़ी बात कि 6.5 ओवर से 15.5 ओवर तक पिच पर डटे रहे और तेज़ी से रन बटोरते रहे. 16वें ओवर की पांचवीं गेंद पर आउट होने से पहले अभिनव ने 28 गेंदों पर 43 रनों की बेशकीमती तेज़ पारी खेली.
इससे पहले अभिनव मनोहर हैदराबाद के ख़िलाफ़ 21 गेंदों पर 35 रनों की पारी खेल चुके हैं तो लखनऊ के ख़िलाफ़ आखिरी ओवर में दो लगातार चौके लगाकर टीम की जीत में अहम किरदार निभा कर अभिनव सबकी नज़रों में आ गए हैं.
अभिनव ने राजस्थान के ख़िलाफ़ मैच में अपना अर्धशतक भले ही पूरा न किया हो लेकिन उन्होंने अपनी एक पहचान ज़रूर बनाई है और गुजरात की टीम के मध्यक्रम में एक मजबूत कड़ी बन रहे हैं.
डेविड मिलर
मैच का रुख़ अपनी ओर मोड़ने माहिर गुजरात टीम के डेविड मिलर इस मैच में अपने 'किलर मिलर' वाले अंदाज में दिखे. जब टूर्नामेंट का पहला मैच लखनऊ से खेला गया था तब मिलर ने ही राहुल तेवतिया के साथ मिलकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी.
गुरुवार को जब मिलर पिच पर आए तब गुजरात का स्कोर 139 रन था. उन्होंने महज़ 14 गेंदों पर 31 रनों की तूफ़ानी पारी खेली जिसकी वजह से गुजरात की टीम राजस्थान के सामने 193 रनों का लक्ष्य रखने में कामयाब रही.
इस पारी के दौरान किलर ने कुलदीप सेन के चौथे और मैच के 19वें ओवर में खेली गई पांच गेंदों पर 4, 6, 2, 4, 4 रन बटोरे. मिलर ने पांचवे विकेट के लिए कप्तान पंड्या के साथ मिलकर नाबाद 53 रनों की साझेदारी निभाई.
आईपीएल 2012 से ही अपनी शानदार बैटिंग के लिए सुर्खियां बटोर चुके मिलर ने इस टूर्नामेंट के पहले मैच में लखनऊ के ख़िलाफ़ 21 बॉल में 30 रनों की पारी खेली थी. उन्होंने अगले दो मैचों में नाबाद रहते हुए 20 और छह रन का स्कोर भी किया है.
जॉस बटलर
राजस्थान की पारी अभी शुरू ही हुई थी कि जॉस बटलर ने वो रंग दिखाया जिसकी वजह से इस टूर्नामेंट में कुछ देर पहले तक ऑरेंज कैप उनके सिर पर सजा था. हार्दिक पंड्या ने अभी 20वें ओवर की दूसरी गेंद पर ऑरेंज कैप अपने नाम किया ही था कि बटलर ने उसे झटके से वापस ले लिया.
राजस्थान की बल्लेबाज़ी के पहले ओवर में ही बटलर ने मोहम्मद शमी की लगातार तीन गेंदों पर चौके जड़े तो दूसरे ओवर में दो चौके और एक छक्का लगाया. चौथे ओवर में तीन चौके और एक छक्का. इस दौरान उन्होंने न केवल ऑरेंज कैप अपने सिर सजाया बल्कि केवल 23 गेंदों पर अर्धशतक भी पूरा किया.
बटलर ने छठे ओवर की पांचवी गेंद पर छक्के से अपना अर्धशतक पूरा किया. गेंदबाज़ी कर रहे थे लॉकी फर्ग्यूसन, जो कि फिलहाल दुनिया के सबसे तेज़ गेंदबाज़ कहे जा रहे हैं.
फर्ग्यूसन ने 148 किलोमीटर की स्पीड से यह गेंद फेंकी थी जिसे जॉस बटलर ने फाइन लेग पर छक्के के लिए सीमारेखा से बाहर भेज दिया. लेकिन फर्ग्यूसन ने गेंद की गति में बदलाव करते हुए अगली गेंद लेग कटर फेंकी, इस पर बटलर चूक गए.
फर्ग्यूसन की लेग कटर-यार्कर गेंद सीधी बटलर के विकेट से जा टकराई. इसी ओवर की पहली गेंद पर फर्ग्यूसन ने अश्विन का विकेट भी लिया था. बटलर के आउट होने के बाद मैच का रुख़ जल्द ही गुजरात के पक्ष में आ गया.
मैच के बाद फर्ग्यूसन ने कहा भी कि बटलर जिस तरह से बल्लेबाज़ी कर रहे थे, वैसे में बहुत कुछ नहीं किया जा सकता था. उन्होंने कहा, "उन्होंने मेरी पहली ही गेंद को सीमा के पार भेज दिया. मुझे कुछ अलग करना था. मेरी योजना कामयाब रही और (बेल्स गिरने पर) स्टंप्स के लाइट्स देख कर मुझे खुशी हुई."
लॉकी फर्ग्यूसन
फर्ग्यूसन ने जहां बटलर का विकेट लिया वहीं अश्विन और रियान पराग का विकेट भी चटकाया. अश्विन और बटलर का विकेट लेने के बाद जब वे अपने दूसरे ओवर के लिए लौटे तो उनके सामने राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन थे.
वो 146 के स्पीड के गेंदें डाल रहे थे. इस ओवर की तीसरी गेंद 150 के स्पीड से डाली गई थी. इसे संजू सैमसन ने मिड ऑफ़ पर ढकेलने के साथ ही एक रन लेने की कोशिश की. लेकिन वहां खड़े कप्तान हार्दिक पंड्या ने बिना किसी चूक के गेंद सीधी नॉनस्ट्राइकर एंड के विकेट पर दे मारी. डायरेक्ट थ्रो पर संजू सैमसन आउट हो गए. इसके साथ ही राजस्थान के जीत की उम्मीदें भी ख़त्म होने लगीं.
यश दयाल
जिस एक गेंदबाज़ की तारीफ़ ज़रूर की जानी चाहिए वो हैं खब्बू तेज़ गेंदबाज़ यश दयाल जो कि उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से आते हैं.
यह यश के करियर का पहला आईपीएल मैच था. अभी दो महीने पहले ही यश दयाल ने असम के ख़िलाफ़ रणजी ट्रॉफ़ी मुक़ाबले में यूपी की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. उसी दौरान यश को भारत-वेस्टइंडीज़ वनडे सिरीज़ के लिए नेट गेंदबाज़ चुना गया था.
आईपीएल के पहले ही मुक़ाबले में यश ने तीन विकेट लिए और अपनी उपयोगिता साबित कर दी.
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