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RCB vs RR - रियान पराग कौन हैं जिन्होंने राजस्थान रॉयल्स को टॉप पर पहुंचा दिया
राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलौर के बीच मंगलवार की रात को खेला गया मुक़ाबला हाई वोल्टेज़ मुक़ाबला माना जा रहा था.
राजस्थान रॉयल्स के जोस बटलर इस सीज़न में अब तक तीन शतक बना चुके थे, उनके साथ संजू सैमसन और शिमरॉन हेटमायर जैसे तूफ़ानी बल्लेबाज़ थे जबकि दूसरी तरफ़ बैंगलोर की टीम में विराट कोहली, फ़ैफ़ डू प्लेसि, ग्लेन मैक्सवेल और दिनेश कार्तिक जैसे ज़ोरदार खिलाड़ी थे.
लेकिन इस मुक़ाबले में दोनों टीमों के सुपर स्टार खिलाड़ी नाकाम हो गए. राजस्थान के स्टार खिलाड़ियों की नाकामी का 20 साल के युवा बल्लेबाज़ रियान पराग ने पूरा फ़ायदा उठाया.
जोस बटलर के आठ रन और संजू सैमसन के 27 रन पर आउट होने के बाद रियान पराग दसवें ओवर में बल्लेबाज़ी करने उतरे. तब उनकी टीम का स्कोर चार विकेट पर 68 रन था.
20 साल के पराग को प्रतिभाशाली क्रिकेटर ज़रूर माना जाता था लेकिन अब तक दुनिया के सामने वे अपनी प्रतिभा की झलक पेश नहीं कर पाए थे.
लेकिन इस मौके को उन्होंने अपने हाथों से जाने नहीं दिया. 10वें ओवर में शुरू हुई उनकी पारी 20वें ओवर तक दो छक्के और एक चौका जमाने तक नाबाद जारी रही.
कुल 31 गेंदों पर चार छक्के और तीन चौकों की मदद से नाबाद 56 रन जोड़े. उनकी इस बल्लेबाज़ी की बदौलत ही टीम 144 रनों के फाइटिंग टोटल तक पहुंच सकी.
इस युवा बल्लेबाज़ ने शाहबाज़ अहमद की स्पिन गेंदबाज़ी पर छक्के लगाए वहीं तेज़ गेंदबाज़ जोश हेज़लवुड की गेंदों को भी बाउंड्री के पार पहुंचाया. हालांकि हेज़लवुड की गेंद पर रियान पराग का कैच हसरंगा से छूट गया था और उसका नतीजा आख़िरी ओवर में हर्षल पटेल को भुगतना पड़ा.
पटेल के अंतिम ओवर में कुल 18 रन जोड़े. हर्षल पटले की चौथी गेंद पर छक्का लगाकर उन्होंने 29 गेंद पर अपने 50 रन पूरे किए. पांचवीं गेंद पर उन्होंने कोई रन नहीं लिया और छठी गेंद पर छक्का लगाकर स्ट्राइक अपने पास रखने के फ़ैसले को सही ठहराया.
हर्षल पटेल ने पवेलियन लौटते वक्त संभवतः रियान पराग को कुछ कहा जिससे दोनों खिलाड़ियों के बीच तनातनी भी देखने को मिली. हालांकि राजस्थान रॉयल्स के दूसरे खिलाड़ी ने दोनों के बीच बचाव भी किया. लेकिन पराग अपनी टीम के लिए अपना काम कर चुके थे.
पिछले सीज़न था औसत प्रदर्शन
उनके इस योगदान पर टीम के कप्तान संजू सैमसन ने कहा, "रियान पराग पर टीम प्रबंधन का भरोसा पिछले दो-तीन साल से बना हुआ था और उन्होंने उस भरोसे को सही साबित कर दिखाया."
वैसे 2021 के आईपीएल सीज़न में रियान पराग मिले मौके का कोई फ़ायदा नहीं उठा पाए थे. 11 मैचों में तब वे महज़ 93 रन बना सके थे और उनका सर्वाधिक स्कोर 25 रन रहा था. पूरे सीज़न में उनके बल्ले से चार छक्के और छह चौके आए थे. इस औसत प्रदर्शन के बाद भी राजस्थान से इस साल की नीलामी में उन्हें टीम में बनाए रखा, और पहले ही मैच में उन्होंने चार छक्के जड़ दिए हैं.
वहीं आर अश्विन ने भी कहा, "रियान पराग ने अविश्वसनीय खेल दिखाया, उन्होंने मुश्किल वक्त में टीम के लिए शानदार खेल दिखाया."
20 साल के रियान पराग असम से निकल कर राजस्थान रॉयल्स की टीम तक पहुंचे हैं. उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी पर स्टार स्पोर्ट्स से कहा, "टीम प्रबंधन का भरोसा मुझे पर पिछले तीन साल से लगातार बना हुआ था. यही वजह है कि मुझे दबाव में खेलना पसंद रहा है. मैंने इस मुक़ाबले में अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल किया."
कुलदीप सेन का कमाल
रेयान पराग ने जो काम फ़ील्डिंग-बल्लेबाज़ी में किया वही काम इंदौर से निकल राजस्थान रॉयल्स टीम के विश्वसनीय गेंदबाज़ों में शामिल कुलदीप सेन ने गेंदबाज़ी में कर दिखाया.
कुलदीप सेन इससे पहले लखनऊ सुपर जाएंट्स के सामने भी अपना जलवा बिखेर चुके थे. रीवा एक्सप्रेस के नाम से साथी खिलाड़ियों में जाने जाने वाले कुलदीप ने अपने डेब्यू मैच में लखनऊ को आख़िरी ओवरों में 15 रन नहीं बनाने दिए थे.
रीवा में पिता की सैलून दुकान से निकल कर आपीएल में ज़ोरदार क्रिकेट दिखाने वाले कुलदीप सेन नेट प्रैक्टिस के दौरान घायल होने के चलते पिछले कुछ मैचों में हिस्सा नहीं ले पाए थे.
लेकिन इस मुक़ाबले में उन्होंने ज़ोरदार वापसी की. बेंगलौर की पारी के सातवें ओवर की दूसरी गेंद पर उन्होंने सेट हो चुके बेंगलौर के कप्तान फ़ैफ़ डूप्लेसि को धीमी गेंद पर चकमा दिया. 21 गेंदों पर 23 रन बनाकर खेल रहे डूप्लेसि कवर में कैच थमा बैठे.
पवेलियन लौटते वक़्त डूप्लेसि ने नए बल्लेबाज़ ग्लेन मैक्सवेल से कुछ बात भी की, लेकिन मैक्सवेल को इसका कोई फ़ायदा नहीं हुआ. अगली ही गेंद पर कुलदीप सेन ने उन्हें अपनी तेज़ रफ़्तार से चलता कर दिया. हालांकि वे हैट्रिक नहीं बना सके.
17वें ओवर में बेंगलौर की उम्मीदों को ज़िंदा रख रहे वनायडू हरसंगा को उन्होंने पवेलियन भेजा और आख़िर ओवर में हर्षल पटेल को आउट कर राजस्थान रॉयल्स को जीत दिलाई. 3.3 ओवर में 20 रन देकर चार विकेट झटकने का कारानामा कुलदीप सेन के नाम रहा.
अश्विन के 150 विकेट पूरे
उनके अलावा आर अश्विन ने भी बेहतरीन गेंदबाज़ी की. पहले वे बल्लेबाज़ी के लिए तीसरे नंबर पर आए और नौ गेंदों पर चार चौके की मदद से 17 रन ठोके. हालांकि मोहम्मद सिराज की तेज़ गेंद के सामने वे ज़्यादा देर तक टिक नहीं सके.
लेकिन गेंदबाज़ी में चार ओवरों में 17 रन देकर अश्विन ने तीन अहम विकेट चटकाए. इस दौरान उन्होंने आईपीएल में अपने 150 विकेट भी पूरे कर लिए.
हालांकि बैंगलोर की पारी की शुरुआत डूप्लेसि के साथ विराट कोहली ने की थी. पिछले दो मैचों की तरह वे पहली गेंद पर आउट भी नहीं हुए. तेज़ गेंदबाज़ ट्रेंट बोल्ट की लगातार दो गेंदों पर उनके बल्ले से दो चौके भी निकले लेकिन वे अपनी पारी को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके.
प्रसिद्ध कृष्णा की एक तेज़ और उछलती गेंद पर उनकी टाइमिंग गलत हुई और गेंद बल्ले का किनारा लेते हुए उछल गई, जहां बैकवर्ड प्वाइंट से डाइव लगाते हुए रियान पराग ने बेहतरीन कैच लपका.
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की बल्लेबाज़ी के दौरान एक बार रियान पराग उनके लिए मुसीबत का सबब बन गए. पराग ने एक के बाद एक करके कुल चार कैच लपके. इसमें विराट कोहली का बेशकीमती कैच भी शामिल था. शाहबाज़ अहमद का कैच भी आगे की ओर भागते हुए ड्राइव लगाकर उन्होंने लपका था. मैच के बाद इन कैचों पर रियान पराग ने कहा, "प्रैक्टिस के दौरान हमलोग तो यही करते हैं, कैच की प्रैक्टिस. तो मुझे मज़ा आया."
बैंगलोर की ओर से इस सीज़न में ज़ोरदार बल्लेबाज़ी कर रहे दिनेश कार्तिक यहां पारी को संभालते उससे पहले ही रन आउट हो गए. इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स की टीम अंक तालिका में टॉप पर पहुंच गई है जबकि बैंगलोर के हाथों लगातार पांच मैच गंवाने का सिलसिला भी राजस्थान के लिए टूट गया है.
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