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ऋषि धवन : वो गेंदबाज़ जिसके सामने धोनी नहीं दिखा पाए धमाल और साक्षी रावत का ट्वीट
चमत्कार कम ही होते हैं. रोज़- रोज़ तो नहीं ही होते.
बात जब क्रिकेट से अनिश्चितता भरे रोमांच वाले खेल की हो तो ये और भी मुश्किल होता है, भले ही चमत्कार कर दिखाने का दारोमदार महेंद्र सिंह धोनी जैसे करिश्माई क्रिकेटर पर ही क्यों ना हो.
दरअसल महेंद्र सिंह धोनी आख़िरी ओवरों में क्या धमाल दिखा सकते हैं, ये दर्जनों मौके पर वे साबित कर चुके हैं.
आईपीएल के पिछले मुक़ाबले में ही मुंबई इंडियंस के जयदेव उनादकट के सामने आख़िरी चार गेंदों पर 16 रन बनाकर टीम को करिश्माई जीत दिलाई थी.
लिहाज़ा सोमवार की रात चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से महेंद्र सिंह धोनी पर एक बार फिर से करिश्मा दिखाने की उम्मीद थी. आख़िरी ओवर में धोनी की टीम को 27 रन बनाने थे. दूसरे छोर पर टीम के कप्तान रविंद्र जडेजा मौजूद थे.
पंजाब की ओर से ऋषि धवन गेंदबाज़ी करने आए और उनकी पहली ही गेंद पर धोनी ने बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर छक्का जड़ दिया. इस छक्के ने धवन के आत्मविश्वास को थोड़ा हिलाया और अगली गेंद उन्होंने वाइड डाली. अब पांच गेंद पर 20 रनों का लक्ष्य था.
ऐसे समय में धवन ने एक बेहतरीन यॉर्कर फेंक कर धोनी को कोई रन नहीं लेने दिया. अब दबाव धोनी पर दिखा और गेंद को उछालकर मारने के चक्कर में मिडविकेट पर कैच लपके गए. धोनी ने आठ गेंद पर 12 रन बनाए. लेकिन उनके आउट होने के बाद चेन्नई के लिए जीत असंभव हो गई.
अर्शदीप का कमाल
ज़ाहिर है ऋषि धवन के सामने धोनी गच्चा खा गए लेकिन उनको दबाव में लाने का काम पंजाब के बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह ने दिखाया था.
धोनी जब खेलने उतरे तब उनकी टीम को 13 गेंद पर 35 रन बनाने की चुनौती थी. उनका करिश्मा ऐसा है कि स्टेडियम के अंदर और बाहर दर्शकों की नज़र में चेन्नई मुक़ाबले में बनी हुई थी, पंजाब की ओर से शीर्ष गेंदबाज़ किगासो रबाडा के चार ओवरों का कोटा पूरा हो चुका था. उन्होंने धोनी को पहली गेंद पर कोई रन नहीं बनाने दिया.
12 गेंद पर 35 रन की चुनौती के सामने पंजाब की ओर अर्शदीप सिंह अपना चौथा ओवर फेंकने आए. इससे पहले अपने तीन ओवरों में उन्होंने महज़ 15 रन देकर एक विकेट हासिल किया था. लेकिन यहां उनके सामने दुनिया के सबसे बेहतरीन फ़िनिशर थे.
जडेजा ने पहली गेंद पर एक रन लेकर धोनी को स्ट्राइक दिया. दूसरी गेंद पर धोनी कोई रन नहीं बना सके. अगली गेंद भी यॉर्कर लेंग्थ पर थी, जिसे धोनी ने लगभग एक ही हाथ से खेला. रबाडा ठीक से जज नहीं कर सके, वरना ये कैच हो सकता था, लेकिन धोनी को महज़ एक रन ही मिला.
चौथी गेंद पर जडेजा महज़ एक रन ले सके. लेकिन धोनी ने पांचवीं गेंद पर चौका जमा कर रोमांच कायम रखा. ओवर की आख़िरी गेंद पर धोनी महज़ एक रन ले सके.
अर्शदीप के इस ओवर ने चेन्नई का पलड़ा तो मज़बूत किया ही साथ में धोनी पर दबाव बढ़ा दिया. उनके इस योगदान के बारे में पंजाब के कप्तान मयंक अग्रवाल ने मैच के बाद कहा, "अर्शदीप ने शानदार गेंदबाज़ी की, मुझे उसे क्रेडिट देना ही चाहिए. पूरे सीज़न वह नाज़ुक मौकों पर उभर कर सामने आया है और शानदार ओवर डाले हैं. वह हमेशा आगे बढ़कर कहता है कि मुझे गेंद दो गेंदबाज़ी करने के लिए. वह वाक़ई में शानदार है."
इस मुक़ाबले में अर्शदीप ने चार ओवरों की गेंदबाज़ी में महज़ 23 रन ख़र्चे और मिचेल सेंटेनर को पवेलियन भेजा. हालांकि उनके पूरे सीज़न के आंकड़े बहुत प्रभावित नहीं करते, आठ मैचों में उन्होंने महज़ तीन विकेट चटकाए लेकिन इस दौरान आख़िरी ओवरों के दबाव को संभालने में कामयाब रहे हैं.
साक्षी का ट्वीट
धोनी के बल्लेबाज़ी करने उतरने से पहले उनकी पत्नी साक्षी रावत का एक ट्वीट भी लोगों के बीच चर्चा में रहा. ट्वीट से साफ़ है कि साक्षी झारखंड में हैं और वहां बिजली संकट की समस्या का सामना कर रही हैं. उन्होंने ट्वीट किया कि समय से इनकम टैक्स चुकाने के बाद भी सालों से बिजली संकट की समस्या बनी हुई है.
वैसे तो यह स्पष्ट नहीं है कि साक्षी ने ये मैच देखा या नहीं लेकिन हो सकता है बिजली संकट के चलते अंतिम ओवरों में धोनी के धमाल नहीं दिखा पाने वाले मुक़ाबले को वह लाइव नहीं देख पायी हों.
रायडू की धमाकेदार पारी
बहरहाल इस मुक़ाबले में ख़राब शुरुआत के बाद चेन्नई की टीम मुक़ाबले तक पहुंची तो इसकी वजह अंबाति रायडू थे. इस सीज़न में पहली बार रायडू ने ज़ोरदार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन दिखाया.
उन्होंने 39 गेंदों पर 7 चौके और छह छक्के की मदद से 78 रन बनाए. हालांकि इस छोटी सी पारी के अंत में वे काफ़ी थके दिखे और इस थकान के चलते ही रबाडा के सामने वे चकमा खा गए.
रायडू किस धमाकेभरे अंदाज़ में बल्लेबाज़ी कर रहे थे इसका अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि रॉबिन उथप्पा को महज़ एक रन पर पवेलियन भेजने वाले संदीप शर्मा के एक ओवर में लगातार तीन छक्के और एक बाउंड्री जमायी.
लेकिन उनकी पारी टीम के कप्तान रविंद्र जडेजा के हार के दुख को कम नहीं कर सकी.
शिखर धवन की धमाकेदार पारी
इससे पहले पंजाब किंग्स शिखर धवन के नाबाद 88 रनों की बदौलत चार विकेट पर 187 रन तक पहुंचने में कामयाब रही. धवन ने नौ चौके और दो छक्के जमाए. उन्हें ही मैन ऑफ़ द मैच आंका गया. पंजाब की इस जीत का जश्न मनातीं नज़र आयीं प्रीति जिंटा ऑनर बॉक्स में पूरे मैच के दौरान बेहद ख़ुश दिखीं.
इस मुक़ाबले के बाद पंजाब की टीम 8 मैचों में 4 मैच जीत कर छठे पायदान पर है जबकि चेन्नई की टीम आठ मैचों में छह हार के साथ, केवल मुंबई इंडियंस से बेहतर स्थिति में है.
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