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LSG vs MI : राहुल का फिर शतक, IPL 2022 में मुंबई इंडियंस लगातार आठवीं बार हारी, क्या हैं वजहें
- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पांच बार की आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियंस इस सीज़न में लगातार आठवीं बार हारी. लखनऊ से मुंबई 36 रनों से हारी.
आईपीएल के इस सीज़न में लखनऊ और मुंबई की टीमें दूसरी बार आमने-सामने थीं लेकिन नतीजा समान ही रहा. पहली बार भी लखनऊ के हाथों मुंबई की हार हुई थी.
पहला मुक़ाबला ब्रेबॉर्न स्टेडियम में खेला गया था और उस दिन भी रविवार की तरह ही लखनऊ के कप्तान केएल राहुल का बल्ला चला था.
उस दिन भी राहुल ने रविवार की तरह ही 103 रनों की नाबाद पारी खेली थी.
आईपीएल 2022 में अब तक पांच शतक लगे हैं. उनमें से दो राहुल के नाम हैं (बाकी के तीन जॉस बटलर ने लगाए हैं) और दोनों ही मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ बने हैं.
केएल राहुल ने इस सीज़न में दूसरा शतक जड़ा है. ऑरेंज कैप की रेस में वो जॉस बटलर के ठीक पीछे चल रहे हैं.
राहुल का कद और बड़ा
इस शतक ने बतौर क्रिकेटर राहुल के कद को और बड़ा कर दिया है. केएल राहुल की बैटिंग देखना आंख को सुकून देने वाला था. राहुल ने न केवल शतक बनाया बल्कि अपनी टीम के टारगेट को सेट करने में भी बहुत चतुराई से काम लिया.
पावरप्ले के बाद उन्होंने अकेले दम पर रन रेट को छह से ऊपर उठाया. भले ही चार विकेट तेज़ी से क्यों न गिर गए, मिडिल ओवर्स में रन रेट सात से नीचे न जाए इसके लिए अकेले ही बाउंड्री लगाते रहे.
103 रन बनाकर जब टीम ने 168 रन बनाए तो उस पर भी नाखुशी ज़ाहिर कर रहे थे कि कुछ कम बने हैं (मैच के दौरान विजय दहिया ने बताया) क्योंकि अंतिम ओवर में वो नॉन स्ट्राइकर एंड पर ही रह गए.
केएल राहुल की शानदार बल्लेबाज़ी पर कमेंटेटर हर्ष भोगले लिखते हैं, "केएल राहुल जिस फॉर्म में हैं उन्हें बैटिंग करते देखने के लिए आप कुछ भी करेंगे."
वहीं पूर्व क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने लिखा, "बैटिंग एक कला है और राहुल कलाकार."
मुंबई के ख़िलाफ़ राहुल का यह तीसरा शतक था, किसी एक टीम के ख़िलाफ़ किसी एक क्रिकेटर के सर्वाधिक शतकों का यह नया रिकॉर्ड है.
लंबे अरसे बाद मुंबई इंडियंस के अपने होम ग्राउंड वानखेड़े में वापसी हुई. उम्मीद जताई जा रही थी कि लगातार हो रही हार का सिलसिला अब थम जाएगा. लखनऊ के सबसे सफल गेंदबाज़ आवेश ख़ान भी टीम में नहीं थे तो उम्मीद जताई जा रही थी कि वो अपने घरेलू मैदान पर वापसी करने का फायदा मिलेगा और साथ ही पहली जीत भी मिलेगी.
लेकिन ऐसा हो न सका क्योंकि इस मैच के नतीजे की स्क्रिप्ट लखनऊ के कप्तान केएल राहुल ने अपने शतक से पहले ही लिख दी. रही कसर उन्होंने फील्डिंग के दौरान अपनी कप्तानी से पूरा कर दी. उनके सटीक गेंदबाज़ी परिवर्तन की जितनी तारीफ़ की जाए उतनी कम है.
मुंबई की हार पर सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
मुंबई की यह लगातार आठवीं हार है. इस हार के बाद सोशल मीडिया पर कई प्रतिक्रियाएं आईं.
शालिनी नाम की एक यूज़र ने लिखा, "वाह मुंबई इंडियंन ने इतिहास रच दिया है. अब तक आठ मैच खेले हैं और सभी आठ हार गए हैं, अविश्वसनीय. कप्तान के तौर पर रोहित शर्मा क्या कर रहे हैं."
सुमित नामक यूज़र ने टिम डेविड को मौका नहीं दिए जाने पर कटाक्ष किया.
एक यूज़र ने ईशान किशन की खिंचाई करते हुए लिखा, "ईशान किशन को देखकर निराशा होती है. इस सीज़न में रोहित के न चलने के एक कारणों में से वे भी हैं. पावरप्ले में स्ट्राइक रोटेट नहीं करते हैं."
मुंबई की हार का पहला कारण
मुंबई क्यों हार रही है? कम से कम यह मैच क्यों हारी? इस पर कई अलग-अलग तकनीकी पक्ष हो सकते हैं लेकिन यह साफ़ नज़र आता है कि टीम में ज़िम्मेदारी उठाने की क्षमता में कमी आई है.
ईशान किशन न केवल फ्लॉप रहे हैं बल्कि टीम को अच्छी शुरुआत देने में भी नाकाम रहे हैं.
ईशान की स्ट्रेंथ उनकी हिटिंग है. इसी की वजह से उन्हें टीम इंडिया में न केवल जगह मिली थी बल्कि शुरुआती मैचों में ताबड़तोड़ रन बनाने पर वे वाहवाही भी बटोरे थे.
लेकिन उनका ये नैचरल गेम ही अब कहीं खो गया लगता है.
मुंबई इंडियंस ने उन्हें 15.25 करोड़ में लिया है. अब उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं हो रहा है तो सोशल मीडिया पर कई तरह के कमेंट आ रहे हैं.
ये लिखा जा रहा है कि "मुंबई इंडियंस का उदाहरण सबसे सटीक है कि कैसे आपको एक या दो शेयर में अपने सारे पैसे निवेश नहीं करने चाहिए. जोफ़्रा आर्चर और ईशान किशन में पूरा पैसे निवेश किया और आईपीएल से बाहर होने वाली पहली टीम बनी."
जाने माने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वाटसन भी उनके बारे में ये कह चुके हैं कि ईशान किशन निश्चित ही बहुत टैलेंटेड हैं लेकिन इतने भी नहीं कि अपनी पूरी सैलरी उन पर ही खर्च कर दें.
मिडिल ओवर्स में जिस ज़िम्मेदारी के साथ खिलाड़ियों को प्रदर्शन करना चाहिए, उसकी भी कमी यहां दिखी.
चाहे 19 वर्षीय डेवाल्ड ब्रेविस का वो-ग़ैर ज़िम्मेदाराना शॉट जिस पर वे आउट हुए या फिर कप्तान रोहित शर्मा. जब वे पिच पर जम गए थे तो उन्हें मैच ख़त्म करने पर फोकस करना चाहिए था, ठीक केएल राहुल की तरह अंत तक पिच पर डटे रहते हुए.
ख़ुद कप्तान रोहित शर्मा ने भी मैच के बाद 'ज़िम्मेदारी' को ही सबसे बड़ा कारण बताया जिसमें उन्होंने ख़ुद के आउट होने के तरीक़े को भी शामिल किया.
साथ ही क्रिकेट से सांसद बने हरभजन सिंह कहते हैं कि "रोहित को वो क्रिकेट खेलनी चाहिए जिसके लिए उनकी पहचान है. वे अटैकिंग गेम खेलते रहे हैं लेकिन इस आईपीएल में वो संभल कर खेल रहे हैं. उन्हें अपने अंदाज़ में खेलना होगा."
मुंबई की हार की दूसरी वजह
मुंबई मैच के मिडिल ओवर्स में हारी. इसकी वजह ये है कि ये मैच का वो हिस्सा है जिसमें बिना ज़्यादा विकेट गंवाए रन गति को पहले गतिमान और फिर तेज़ भगाने की दरकार होती है.
पहले पावरप्ले के बाद 9 से 12वें ओवर के दरम्यान 54 से 67 के स्कोर के बीच तीन खिलाड़ी आउट हो जाते हैं. फिर 124 से 132 के स्कोर के बीच चार विकेट गिर जाते हैं.
मिडिल ओवर्स में आपके विकेट अगर तेज़ी से गिरते हैं और रन गति में कमी आती है तो टी20 जैसे मुक़ाबले में एक अच्छा टोटल चेज़ कर पाना मुश्किल होता है.
वैसे ये पहला मौका नहीं है जब मुंबई इंडियंस ने हार के साथ आईपीएल की शुरुआत की हो.
2014 में लगातार पांच शुरुआती मैच हारने के बाद मुंबई ने वापसी की थी और फ़ाइनल तक पहुंची थी.
2015 में तो पहले तीन मैच लगातार हार कर मुंबई ने ट्रॉफ़ी अपने नाम की थी.
2018 में भी मुंबई इंडियंस अपने शुरुआती तीन मुक़ाबले हार गई थी.
लेकिन इस बार लगातार आठ हार के साथ मुंबई इंडियंस के प्लेऑफ़ मुक़ाबलों में पहुंचने की संभावना अब नहीं रही है.
युवा टैलेंट- आयुष बदोनी और तिलक वर्मा
जिन दो खिलाड़ियों ने इस मुक़ाबले में एक बार फिर ध्यान अपनी ओर खींचा वो हैं आयुष बदोनी और तिलक वर्मा.
22 वर्षीय युवा टैलेंट आयुष बदोनी ने एक बार फिर दिखाया कि वो जब चाहें गेंद पर हावी होने की क्षमता रखते हैं. उन्होंने तेज़ 14 रन का अंतिम ओवरों में योगदान दिया.
वहीं जब राहुल ने उन्हें एक ओवर डालने के लिए गेंद थमाई तो सूर्यकुमार यादव उनकी फिरकी में फंस गए. फील्डिंग भी अच्छी करते दिखे.
कप्तान केएल राहुल ने 22 वर्षीय युवा टैलेंट आयुष बदोनी के बारे में इस टूर्नामेंट के पहले मैच में उनके ज़बरदस्त प्रदर्शन के बाद कहा था कि ये हमारे लिए बेबी एबी हैं. पहले दिन से ही वो जिस तरह बैटिंग कर रहे हैं वो अविश्वसनीय है. वह गेंद को अपने बल्ले से 360 डिग्री मार सकते हैं.
ऐसा उन्होंने इस टूर्नामेंट के पहले मैच में ही दिखा भी दिया था कि वो टीम के लिए किस कदर उपयोगी हैं. उस दिन कप्तान का बल्ला नहीं चला था. चार विकेट जल्दी गिर चुके थे और निचले क्रम में विकेट पर टिकने वाला कोई चाहिए था. ऐसे में उन्होंने दीपक हुडा के साथ पांचवें विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी की अर्धशतक जमाया और टीम के स्कोर को 158 रन तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया.
दूसरी ओर तिलक वर्मा भी अपने प्रदर्शन से सभी के चहेते बनते जा रहे हैं. 19 वर्षीय तिलक को मुंबई इंडियंस के कोच ने बहुत बड़ा टैलेंट बताया था. वो ठीक इसी के अनुरूप खेल भी रहे हैं.
लखनऊ के ख़िलाफ़ 38 रनों की पारी खेलने वाले तिलक ने इस टूर्नामेंट में अब तक 22, 61, 38*, 36, 26, 51* के स्कोर बनाए हैं.
राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी से मुंबई को यह यकीन दिलाया था कि चाहे स्कोरबोर्ड पर कोई भी नंबर क्यों न हो वो अगर पिच पर हैं तो उसे हासिल किया जा सकता है.
तब उन्होंने राजस्थान के 193 रनों का पीछा करते हुए ईशान किशन के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 49 गेंदों में 81 रन जोड़े थे.
लखनऊ के ख़िलाफ़ भी एक छोर पर पोलार्ड के होने के बावजूद ये तिलक ही थे जिन्होंने कुछ बेहतरीन शॉट्स लगाए. पोलार्ड के साथ पांचवें विकेट की 57 रनों की साझेदारी में 22 गेंदों पर 34 रन बनाए (मैच में 38 रनों की पारी खेली).
आज यानी सोमवार को आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स के बीच मुक़ाबला है.
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