टोक्यो ओलंपिक: टिकटॉक पर कौन सा राज़ खोल रहे हैं एथलीट?

एडम पीटी अपने गोल्ड मेडल के साथ टिकटॉक पर, यह वीडियो वायरल हो गया

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इमेज कैप्शन, एडम पीटी अपने गोल्ड मेडल के साथ टिकटॉक पर, यह वीडियो वायरल हो गया
    • Author, फ़्रांसेस माओ
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़, सिडनी

शुरुआत में देखने में लगेगा कि कोई एक आम इंसान ट्रैक सूट में एक गाने पर सिर्फ़ अपने होंठ हिलाते हुए फ़ोन से ख़ुद को रिकॉर्ड कर रहा है.

लेकिन अगले ही पल ब्रिटेन के तैराक एडम पीटी ने ओलंपिक में जीता स्वर्ण पदक वीडियो में दिखाना शुरू किया तो उस वीडियो पर कमेंट और लाइक्स की बाढ़ आ गई और लोग एक तरह से पागल हो गए.

एक कमेंट में लिखा था, "हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब ओलंपिक खिलाड़ी गोल्ड मेडल जीतने के बाद टिकटॉक वीडियो बनाते हैं."

पूरी दुनिया ने 26 वर्षीय तैराक को 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक की स्पर्धा को जीतते हुए देखा था. हालाँकि, कुछ ही घंटों के बाद उन्होंने अपनी जीत को टिकटॉक पर साझा कर दिया.

#OlympicTok चैनल में आपका स्वागत है जहाँ पर जेनरेशन ज़ेड एथलीट अपने पसंदीदा सोशल मीडिया ऐप पर अपने खेल के अनुभव को साझा करने के आदी हैं.

प्रसारणकर्ताओं के पास खेल के हर एक्शन को दिखाने के अपने पास अधिकार होते हैं लेकिन टिकटॉक इन लम्हों को दिखाने का एक अलग ही अनुभव पेश कर रहा है.

ओलंपिक खेल गाँव के टूर से लेकर 'अ डे इन द लाइफ़ ऑफ़' जैसे व्लॉग्स के खिलाड़ियों के अनुभव ऐप पर फैले हुए हैं जिन्हें करोड़ों लोग देख रहे हैं.

यह पहली बार नहीं है जब ओलंपिक खेलों में सोशल मीडिया नज़र आ रहा है. खिलाड़ी ख़ुद के बारे में बताने के लिए पहले भी फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते रहे हैं. लेकिन इस साल टिकटॉक का जलवा है, जो 2020 का सबसे अधिक डाउनलोड किया गया ऐप है.

सिडनी विश्वविद्यालय में सोशल मीडिया विशेषज्ञ डॉक्टर जोनाथन हचिंसन कहते हैं, "यह टिकटॉक एथलीट पीढ़ी है या एथलीट-टिकटॉक पीढ़ी है. मैं इस बात को लेकर पक्का नहीं हूँ कि क्या पहले आएगा."

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टिकटॉक महाकुंभ

ओलंपिक के पर्दे के पीछे क्या चल रहा है, यह कैसा टिकटॉक पर लगता होगा?

ऐप पर पोस्ट किए गए एक क्लिप में दिख रहा है कि इसराइल की नौ बेसबॉल खिलाड़ी एक बेड के कार्डबोर्ड फ़्रेम को टेस्ट करने के लिए एक साथ उस पर कूद रही हैं.

एक अन्य क्लिप में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अपने पड़ोसी टावर में अमेरिकी खिलाड़ियों के साथ मज़ाकिया हरकत करने के लिए उनकी बाल्कनी में लगे एक निशान की तरफ़ इशारा कर रहे हैं.

इसके अलावा कई वीडियो हैं जिनमें कुछ बास्केटबॉल खिलाड़ी उद्घाटन समारोह के लिए टाई बांधना सीख रहे हैं, धावक जापानी नाश्ता खाने की कोशिश कर रहे हैं और तलवारबाज़ अपने खेल के सामान से मज़ाक़ कर रहे हैं.

एक टिकटॉक यूज़र ने एक वीडियो पर कमेंट किया, "ओलंपिक खिलाड़ी इस साल आम इंसानों की तरह लग रहे हैं."

ये अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं जो डांस करते हुए या दूसरे साथी खिलाड़ियों का मज़ाक़ उड़ाते हुए वीडियो बनाते हैं.

टीवी कैमरे ने युवा एथलीट के स्केटिंग गुर तो रिकॉर्ड कर लिए लेकिन साइडलाइन पर हो रहे डांस को रिकॉर्ड नहीं कर सके

इमेज स्रोत, Rayssa Leal / Margie Didal / TIKTOK

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डॉक्टर हचिंसन कहते हैं, "इसके ज़रिए आप खिलाड़ियों के एक हल्के पक्ष को देखते हैं कि कोई व्यक्ति अपनी ज़िंदगी के एक शानदार अनुभव से गुज़र रहा है और अपने सभी प्रशंसकों के बीच उन लम्हों को लेकर आ रहा है."

वो कहते हैं कि यह मस्ती की भावना ही टिकटॉक की पहचान है.

यह इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया ऐप से अलग है क्योंकि वहाँ पर यूज़र उम्मीदों भरे और ख़ूबसूरत कंटेंट को देखता है. टिकटॉक पर काफ़ी चमकाया गया कंटेंट नहीं चलता है. इसके यूज़र वो वीडियो देखना पसंद करते हैं जो मज़ाकिया हो, बेअदब हो और सबसे बढ़कर 'विश्वसनीय' हो.

तो अब दुनिया के सबसे चमकदार मंच यानी ओलंपिक पर सबकी नज़रें हैं जो बेहद सम्मोहक है.

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टिकटॉक को और क्या चर्चित बना रहा है?

पारंपरिक तौर पर जनता ओलंपिक खिलाड़ियों को सिर्फ़ प्रतियोगिता के दौरान ही देखती आई है जब वे अविश्वसनीय रूप से एक अलौकिक गति, मज़बूती और कौशल का प्रदर्शन कर रहे होते हैं.

यहाँ तक कि ओलंपियन शब्द का अर्थ ही 'देवताओं का सूचक' है जो प्राचीन यूनानी देवताओं से आया है.

लेकिन टिकटॉक पर यह रहस्य बिखर सा गया है. एक टिकटॉक यूज़र ने कुछ खिलाड़ियों के जोक सुनने के बाद कहा कि वो यह देखकर आश्चर्य में है कि ओलंपियन सिर्फ़ 'असली इंसानों' जैसे हैं.

इन ओलंपिक खेलों में खिलाड़ी ख़ाली स्टेडियमों में अपना जौहर दिखा रहे हैं तो ऐसी स्थिति में टिकटॉक उनको अपने फ़ैन्स को सुनने का मौक़ा दे रहा है और कुछ हस्तियों को वो आगे बढ़ने के अवसर दे रहा है.

टिकटॉक पर प्रसिद्ध अधिकतर ओलंपिक खिलाड़ी असल में बहुत प्रसिद्ध नहीं हैं. इनमें ऑस्ट्रेलियाई तैराक सैम फ़्रिकर और अमेरिकी रग्बी खिलाड़ी इलोना माहेर हैं जिनके बीते हफ़्ते में लाखों फ़ॉलोअर्स बन चुके हैं.

डॉक्टर हचिंसन कहते हैं कि ये खिलाड़ी टिकटॉक इस्तेमाल करने को लेकर बेहद चालाक हैं और 'रणनीति' से अपनी प्रोफ़ाइल को बूस्ट कर रहे हैं.

वो कहते हैं, "वे शायद वहाँ पर कोई मेडल न जीतें लेकिन वे जो कर रहे हैं उससे उनके इर्द-गिर्द जो हो रहा है उससे प्रचार हो रहा है और लाभ मिल रहा है. इस तरह से यह उनके करियर के अगले चरण के लिए उनका व्यक्तिगत निवेश है."

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टिकटॉक पर खिलाड़ी

  • सैम फ्रीकर, 19 वर्षीय, ऑस्ट्रेलियाई तैराक: 11 लाख फ़ॉलोअर्स. खेलों के दौरान खिलाड़ियों की ज़िंदगी पर एक दिन में तक़रीबन 10 टिकटॉक वीडियो पोस्ट करते हैं. बेहद बातूनी हैं और मिलनसार हैं.
  • इलोना माहेर, 24 वर्षीय, अमेरिकी रग्बी खिलाड़ी: 7.25 लाख फ़ॉलोअर्स. ज़िंदादिली और एक 'थर्स्टी' वीडियो के लिए प्रसिद्ध..
  • टाइलर डाउन्स, 18 वर्षीय, अमेरिकी तैराक: 9.13 लाख फ़ॉलोअर्स. सिमोन बाइल्स को देखने को लेकर वायरल होने वाले पहले ओलंपिक खिलाड़ी.
  • मार्जी डिडल, 22 वर्षीय फ़िलीपिंस की स्केटबॉर्ड खिलाड़ी: 15 लाख फ़ॉलोअर्स. स्केटिंग की चर्चित खिलाड़ी मार्जी का हंसमुख करिश्मा टीवी और फ़ोन कैमरा दोनों पर दिखाई देता है.
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खेल को कितना जानते हैं?

किसी भी अच्छे निवेश की तरह इसमें भी काफ़ी प्रयास किया जाता है.

माहेर ने एक दिन वीडियो बनाते हुए मज़ाक किया कि वो ऐप पर दिन में छह घंटे बिताती हैं और ओलंपिक कंटेंट बना रही हैं ताकि 'दुनिया अंदर का नज़ारा देख सके.'

कई खिलाड़ी यूज़र्स के कमेंट के बाद वीडियो बनाते हैं जो क्लिप के साथ-साथ बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यूज़र यह पढ़ना पसंद करते हैं कि दूसरे लोग क्या सोच रहे हैं और खिलाड़ी उससे सीधे प्रतिक्रिया जान पाते हैं.

ब्रिटेन की धावक लावियाई नील्सन के वीडियो प्रतिक्रिया के शानदार उदाहरण हैं जहाँ वे सवाल-जवाब की शैली में वीडियो क्लिप पोस्ट करती हैं और उससे यूज़र्स एंगेज होते हैं.

सैम फ्रिकर और इलोना माहेर ओलंपिक खेलों के टिकटॉक स्टार बन गए हैं

इमेज स्रोत, Sam Fricker / Ilona Maher / TIKTOK

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डॉ हचिंसन कहते हैं कि इस ऐप पर उन्हें फ़ायदा होता है जो इसे इस्तेमाल करने वालों, उनके बीच होने वाली मस्ती, मज़ाक, डांस और मीम को समझते हैं.

ये ट्रेंड हफ़्ते दर हफ़्ते बदलते रहते हैं. लेकिन अगर एक एथलीट किसी ट्रेंड का हिस्सा बन जाए तो उनका वीडियो वायरल हो सकता है.

एडम पीटी के गोल्ड मेडल वाले टिकटॉक का उदाहरण लिया जाए. उन्होंने ड्रेक के गाने 'नो योर सेल्फ़' का इस्तेमाल किया.

टिक टॉक यूज़र अक्सर इस गाने का इस्तेमाल ऐसे वीडियो में करते हैं जिसमें उन्हें किसी अहम चीज़ का अहसास हो रहा होता है.

लेकिन इस मामले में ये एक तथ्य है कि वह एक ओलंपिक चैंपियन हैं. ऐसे में एक यूज़र ने टिप्पणी की, "रेस के दौरान आधे रास्ते में उन्हें लगा कि 'वाह, मेरे पास टिकटॉक के लिए एक बेहतरीन आइडिया' है."

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क्या इसकी कोई सीमाएँ भी हैं?

इस समय अलग-अलग तरह के सोशल मीडिया मंच और उनकी ऐप्स मौजूद हैं. विशेषज्ञ कहते हैं कि इन ऐप्स को अलग-अलग कामों के हिसाब से इस्तेमाल होते देखना दिलचस्प है.

फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम विजेताओं के लिए थैंक्यू स्पीच यानी उनके द्वारा शुक्रिया अदा करने के लिए है. ट्विटर एक प्रेस रिलीज़ सर्विस जैसी हो गई है, जहाँ सिमोन बाइल्स जैसे सितारे (ओलंपिक से बाहर होने की) सनसनी फैला सकते हैं.

टिक टॉक मस्ती, मजाक से भरा ऐप है. लेकिन हर सोशल मीडिया मंच के लिए नियम तय हैं कि खिलाड़ी क्या शेयर कर सकते हैं और क्या नहीं.

सोशल मीडिया पर मज़ाक करना स्वीकार्य है लेकिन राजनीतिक बयान देने का मतलब सीमा पार करना है.

इसके अलावा एक और नियम है जिसका सख़्ती से पालन जरूरी है. और वो नियम है कि खिलाड़ी किसी भी खेल का वीडियो पोस्ट नहीं कर सकते.

टिक टॉक के हैशटैग #ओलंपिकटॉक पर ट्रैक, फील्ड, स्टेडियम, पूल या वेलोडरोम का वीडियो दिखना काफ़ी दुर्लभ है. क्योंकि ये सब दिखाने का अधिकार ब्रॉडकास्टर्स के पास होता है जो इनके लिए करोड़ों रुपए ख़र्च करते हैं.

टिकटॉक पर पर्दे के पीछे की चीजें दिख सकती हैं जो कुछ लोगों के लिए एक नई दुनिया देखने जैसा है.

डॉ हचिंसन ने बीबीसी को बताया. "पारंपरिक मॉडल वही है जो पहले था. कुछ मुख्य इवेंट्स होती हैं, उद्घाटन समारोह होता है, रोमांचक पल आते हैं और फिर फ़ाइनल मुक़ाबले होते हैं. कुछ भी नहीं बदलता. बस बदल ये रहा है कि एथलीट अब ख़ुद पर्दे के पीछे का अनुभव साझा कर रहे हैं."

"ये हमारे हिसाब से एक चुनौती जैसा नहीं है. बल्कि कई मायनों में ये पारंपरिक मीडिया इवेंट के लिए पूरक की तरह है."

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