IPL: छाए अमित मिश्रा, हिट मैन के छक्के पर भारी पड़े ऋषभ पंत के इरादे

    • Author, अभिजीत श्रीवास्तव
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

हिट मैन अपने शबाब पर थे. तीन चौके, इतने ही छक्के लगा चुके थे. ऋषभ पंत ने गेंद आईपीएल के सबसे अनुभवी विकेट लेने वाले अमित मिश्रा को थमाई. मिश्रा पहला ओवर फेंके तो 10 रन दे दिए.

एक छोर से सूर्य कुमार यादव तो दूसरे से हिट मैन चौके छक्के बरसा रहे थे. फिर शुरू हुआ बैट और बॉल के बीच का असली मुक़ाबला जो विरले ही देखने को मिलता है.

आग लगाई अमित मिश्रा ने जो चैंपियंस के बुझाए न बुझी.

पहले रोहित शर्मा फिर कीरोन पोलार्ड, हार्दिक पंड्या और ईशान किशन को आउट किया.

यह अमित मिश्रा की गेंदों का जादू ही था कि पावरप्ले (पहले छह ओवरों) में 55 रन बना चुकी मुंबई की टीम बाद के 14 ओवरों में 82 रन ही जोड़ सकी.

सहवाग ने लिखा, "ओल्ड इज़ गोल्ड."

तो इरफ़ान पठान लिखे, "आग तो मिश्रा जी ने लगा रखी है."

अमित मिश्रा इस क़दर छा गए कि रोहित को पविलियन लौटाने के दो गेंदों बाद हार्दिक को वापस भेजा, अगले ही ओवर में पोलार्ड भी एलबीडब्ल्यू आउट हो गए. फिर जब ईशान जम गए तो उनकी गिल्लियाँ भी बिखेर दीं.

रोहन गावसकर ने अमित मिश्रा को आईपीएल लीजेंड लिखा.

लिखें भी क्यों नहीं. अपनी झोली में 164 विकेटों के साथ टॉप विकेट टेकर बनने से बस चंद क़दमों के फासले पर जो खड़े हैं.

मैच के बाद लगातार विकेट लेते रहने के लिए रोहित ने भी दिल्ली के गेंदबाज़ों को क्रेडिट दिया.

ऑरेंज कैप शिखर पर बरकरार

लो स्कोर मैच था, मुश्किल पिच थी. लेकिन दिल्ली के लिए पारी की शुरुआत करने के साथ ही एक छोर पर जम जाने वाले शिखर धवन के बल्ले से फिर रन निकले.

2017 में 479, 2018 में 497, 2019 में 521, 2020 में 618 रन बना चुके शिखर इस बार चार मैचों में ही 231 रन जोड़ चुके हैं.

महज़ कुछ रनों के अंतर से पिछले साल ऑरेंज कैप पाने से चूके धवन लगभग 58 की औसत से खेल रहे हैं और फ़िलहाल ऑरेंज कैप भी उन्हीं के पास है.

दबाव में थे पंत, क्या रोहित भी?

हिट मैन के बल्ले से रन बरस रहे थे तो दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत के हौसले पस्त थे.

पाँच महीने पहले ही आईपीएल का फ़ाइनल समेत मुंबई के ख़िलाफ़ लगातार हार का दबाव तो मैच के शुरू से ही काम कर रहा था. फिर हिट मैन जिस तरह चौके, छक्के लगाने लगे तो पंत का दबाव में आना तो लाज़िम था.

मैच के बाद उन्होंने कहा भी, "थोड़ा दबाव था लेकिन मिश्रा भाई उबार ले आए."

दबाव केवल पंत पर ही नहीं था. ऐसा लगता है कि जीतने का दबाव रोहित पर भी था. तभी गेंदबाज़ी के दौरान टीम धीमी पड़ गई. स्लो ओवर रेट के लिए 12 लाख रुपए का ज़ुर्माना लगा दिया गया.

टाइम आउट समेत फील्डिंग कर रही टीम को अपनी पारी डेढ़ घंटे में ख़त्म करने का नियम है. पहली बार इस नियम के तहत दोषी पाए जाने पर कप्तान पर 12 लाख का ज़ुर्माना लगता है. धोनी इसका ख़ामियाजा पहले मैच में ही भुगत चुके हैं.

ललित टैलेंट

इस मैच से जिस एक खिलाड़ी की चर्चा ज़रूरी है वो ललित यादव हैं.

उन्होंने ऑल राउंड प्रदर्शन दिखाया. पहले उन्होंने मुंबई की बैटिंग में क्रुणाल पंड्या को बोल्ड किया और चार ओवर में केवल 17 रन खर्चे.

फिर बैटिंग के दौरान पंत से ख़ुद से पहले उन्हें भेजा. ललित नाबाद रहे, 22 रन बनाए.

ललित को ख़ुद से पहले भेजने पर पंत मैच के बाद बोले, "उनमें टैलेंट है."

मैच के बाद संजय मांजरेकर लिखे, "ललित यादव और शाहरूख़ ख़ान वे दो प्लेयर जिन पर इस सीज़न में नज़रें होंगी. आईपीएल में लंबा खेलने वाले खिलाड़ी लग रहे हैं."

गेंद बदली क्यों?

कुछ ने ये भी पूछा कि क्या होता अगर बुमराह ने अंतिम ओवर में नो बॉल न फेंके होते?

क्या होता अगर हार्दिक शून्य न बनाए होते? क्या होता अगर मुंबई ने 150 रन बना लिए होते?

खैर ऐसा कुछ नहीं हुआ, दिल्ली जीत गई.

हालाँकि सवाल इस पर भी उठे कि मैच के अंतिम ओवरों के दौरान गेंद क्यों बदली गई.

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