आईपीएल-12: पहली जीत के बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंग्लोर का कितना भाग्य बदल पाएंगे विराट कोहली?

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
आख़िरकार विराट कोहली की कप्तानी में खेल रही और लगातार छह हार के बाद आलोचनाओं का सामना कर रही रॉयल चैलेंजर्स बैंग्लोर ने शनिवार को आईपीएल-12 में पहली जीत का स्वाद चखा.
बैंग्लोर ने रोमांचक अंदाज़ में अपनी विरोधी किंग्स इलेवन पंजाब को आठ विकेट से हराया.
बैंग्लोर के सामने जीत के लिए 174 रनों का लक्ष्य था जो उसने एबी डिविलियर्स के नाबाद 59 और कप्तान विराट कोहली के 67 रनों की मदद से 19.2 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया.
बैंग्लोर की इस जीत से क्रिस गेल के नाबाद 99 रनों की पारी पर पानी फिर गया. उनके इन धुंआधार नाबाद 99 रन की मदद से टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी पंजाब ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट खोकर 173 रन बनाए.
गेल ने अपनी नाबाद 99 रनों की पारी के लिए केवल 64 गेंदों का सामना किया. इस दौरान उनहोंने 10 चौके और पांच छक्के भी लगाए.
लेकिन अभी भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पहली जीत हासिल करने के बाद बैंग्लोर बाकि बचे मैचों में भी अपना दमख़म दिखा सकेगी या फिर अपनी दो-चार जीत से दूसरी टीमों का खेल बिगाड़ने वाली टीम ही साबित होगी.
दरअसल यह सवाल ख़ुद बैंग्लोर ने अपने आप पैदा किये हैं.
भला जिस टीम में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ ख़ुद कप्तान विराट कोहली हों जो आगामी विश्व कप क्रिकेट टूनर्नामेंट में भारत की कप्तानी करने जा रहे हों और वह टीम एक जीत के लिए तरस जाए.

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आरसीबी सुपर फ़ोर से लगभग बाहर
इस विराट सवाल के जवाब में क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन कहते हैं कि इस जीत से बेशक बैंग्लोर का जोश बढ़ेगा लेकिन वह टूर्नामेंट से लगभग बाहर है.
हो सकता है गणित के आधार पर वह अभी भी आईपीएल में बनी हुई है लेकिन धरातल की बात की जाए तो उसका अभियान समाप्त हो चुका है.
अयाज़ मेमन आगे कहते हैं कि रॉयल चैलेंजर्स बैंग्लोर अब सुपर फ़ोर की दौड़ में शामिल टीमों की जीत के रास्ते में टांग अड़ा सकती है.
इसके बावजूद विराट कोहली कम से कम शनिवार की रात को तो चैन की नींद सो सकेंगे क्योंकि इस जीत से पहले वह बेहद परेशान थे. बैंग्लोर के लिए लगातार छह मैच हारना किसी मज़ाक़ से कम नही था.
अयाज़ मेमन का दूसरी तरफ़ यह भी मानना है कि उसका इस तरह का प्रदर्शन अफ़सोसजनक भी था क्योंकि बैंगलोर की टीम बुरी नहीं है. बैंग्लोर की टीम में विराट कोहली के अलावा एबी डिविलियर्स, मारकस स्टोइनिस, मोइन अली और युज्वेंद्र चहल जैसे खिलाड़ी हैं.

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आख़िरकार टीम को दिक्कत क्यों हुई
इस सवाल के जवाब में अयाज़ मेमन कहते हैं कि टीम के सामने कई समस्याएं थीं. इनमें सही बैटिंग ऑर्डर से लेकर कमज़ोर गेंदबाज़ी के अलावा विराट कोहली की कमज़ोर कप्तानी भी शामिल है. इसके अलावा इस टीम का भाग्य भी ठीक नहीं था.
अयाज़ मेमन कहते हैं कि शनिवार को बैंग्लोर की जीत से ऐसा लगा जैसे किसी पहेली के सभी सही जवाब मिल गए.

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अब आगे क्या होगा
इस सवाल के जवाब में अयाज़ मेमन कहते हैं कि आगे का सफ़र आसान नहीं है. इसका कारण है कि पंजाब के ख़िलाफ़ मिली जीत ऐसी भी नहीं है कि बैंग्लोर 15 ओवर में ही मैच जीत गई या फिर गेंदबाज़ों ने पंजाब के बल्लेबाज़ों को कम स्कोर पर ही ढेर कर दिया.
ऐसा भी नहीं है कि विराट कोहली इस बात को नहीं जानते .
अयाज़ मेमन कहते हैं कि यह विराट कोहली की कप्तानी की ख़ास बात रही है कि हार हो या जीत हो उसे वह बड़ा नाप-तोल के लेते हैं. जीत के बाद बेहद उत्साहित नज़र नहीं आते. मैदान पर जो कैमरा उनकी हरकतों को क़ैद करता है वह अलग बात है लेकिन हार की ज़िम्मेदारी सबसे पहले वह अपने कंधो पर लेते हैं और कहते हैं कि जीत के लिए आगे क्या करना चाहिए.
ख़ैर अब जो भी हो पहली जीत के बाद विराट कोहली का मूड बदला हुआ नज़र आया.

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उन्होंने मैदान में आकर पंजाब के कप्तान आर अश्विन को गले लगाया और बड़ी शांति से सभी खिलाड़ियों से हाथ भी मिलाया.
जबकि यह वही विराट कोहली थे जब उनका कैच मुर्गन अश्विन ने पकड़ा और वह मोहम्मद शमी की गेंद पर आउट होकर मैदान से बाहर जा रहे थे तब वह बड़बड़ाते हुए अपने आप पर ग़ुस्सा उतार रहे थे. ज़ाहिर है वह अपने आपको सभ्य भाषा में तो नहीं कोस रहे थे.
वैसे भी सभी जानते हैं कि मैदान पर वह ग़ुस्से में क्या कर सकते हैं. जो भी हो जीत के बाद बैंग्लोर के खिलाड़ियों का मुरझाया चेहरा ख़ुशी से भरा नज़र आया जो बताता है कि मैदान में सिर्फ़ और सिर्फ़ जीत ही खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण है.
अब सोमवार को आईपीएल में बैंग्लोर का सामना वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस से होगा.
उस मैच के बाद ही पता चलेगा कि बैंग्लोर की जीत तुक्का तो नहीं थी, दूसरी तरफ़ मुंबई को भी पता है कि बैंग्लोर की टीम हारे हुए जुआरी की तरह है जो अब जीत के लिए सब कुछ दांव पर लगा सकती है.
जो भी हो इससे आईपीएल के मैचों की दिलचस्पी और बढ़ेगी.
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