धोनी के साथ भी, धोनी के बाद भी

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
इस बात में कोई शक़ नहीं कि इस समय महेंद्र सिंह धोनी जिस अंदाज़ में आईपीएल में बल्लेबाज़ी कर रहे है, उसे देखते हुए एकदिवसीय और ट्वेंटी-ट्वेंटी क्रिकेट में फिलहाल उनकी जगह कोई और नहीं ले सकता.
इसके बावजूद अगर महेंद्र सिंह धोनी चोटिल हो जाते हैं या किसी सिरीज़ में आराम लेना चाते हैं और साथ ही भविष्य में टीम को उम्दा विकेटकीपर बल्लेबाज़ की ज़रूरत है, तो ऐसी स्थिति को देखते हुए आज भारत के पास एक नहीं तीन-तीन होनहार खिलाड़ी मौजूद हैं.
ये हैं संजू सैमसन, ऋषभ पंत और ईशान किशन.
ऐसा इन दिनों इनकी बल्लेबाज़ी और फिटनेस को देखकर कहा जा सकता है. ख़ासकर ऋषभ पंत ने जिस तरह से आईपीएल में जीत के रथ पर सवार और आईपीएल में सुपर फ़ोर में सबसे पहले जगह बनाने वाली सनराइज़र्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ नाबाद 128 रनों की पारी खेली उसे देखकर तो उनके भविष्य के लिए कई दिग्गज़ों ने भी अपनी सकारात्मक राय दी है.
इतना ही नहीं वह इस आईपीएल में शतक बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज़ भी बने.
हांलाकि दिनेश कार्तिक भी किसी से कम नहीं. लेकिन धोनी की तरह बढ़ती उम्र को देखते हुए क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन और पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ चंद्रकांत पंडित भी संजू सैमसन, ऋषभ पंत और ईशान किशान को ही भविष्य के विकेटकीपर मानते हैं.

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सबसे पहले बात ऋषभ पंत की
ऋषभ पंत मूल रूप से दिल्ली के खिलाड़ी है और आईपीएल में भी दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए विकेटकीपिंग-बल्लेबाज़ी करते हैं.
वह तब बहुत चर्चा में आए जब साल 2016 में वह आईपीएल में केवल 10 लाख के बेस प्राइस के बावजूद एक करोड़ 90 लाख रुपये में दिल्ली डेयरडेविल्स के हुए.
जिस दिन उनकी इतनी बड़ी बोली लगी उसी दिन उन्होंने बांग्लादेश में हो रहे अंडर-19 विश्व कप में नामिबिया के ख़िलाफ़ क्वार्टर फ़ाइनल में 111 रन बनाकर भारत को सेमीफ़ाइनल में पहुंचा दिया.
ऋषभ पंत ने इस बार आईपीएल में सनराइज़र्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ नाबाद 128, रॉयल चैलेंजर्स बैंग्लौर के ख़िलाफ़ 85, राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ 69, चेन्नई सुपरकिंग्स के ख़िलाफ़ 79, मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ 47 और कोलकाता नाइट राइडर्स के ख़िलाफ़ 43 रन बनाकर सबका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया.
क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन का ऋषभ पंत के बारे में मानना है कि वह ज़बरदस्त फॉर्म में है.
वो कहते हैं, "उनका इरादा भारतीय टीम में जल्दी से जल्दी शामिल होना है. वह पहले भी भारतीय टीम में रह चुके है लेकिन अपनी जगह पक्की नहीं कर सके."

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अयाज़ मेमन ऋषभ पंत की बल्लेबाज़ी की ख़ासियत उनके उम्दा स्ट्रोक और उसकी ताक़त मानते हैं. वो कहते हैं, "धुआंधार बल्लेबाज़ी तो वह करते ही हैं. निडर भी हैं. सीमित ओवर के क्रिकेट में तो ऋषभ पंत पहले नम्बर के दावेदार नज़र आते हैं. अगर उन्हें मौक़ा मिला और वह अपनी फॉर्म दिखाते हैं तो फ़िर कामयाबी उनसे दूर नहीं है."
वही पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ चंद्रकांत पंडित मानते हैं कि वर्तमान फॉर्म के आधार पर किसी खिलाड़ी का चयन होना चाहिए.
जो बीत गया सो बीत गया. इस आधार पर वो भी ऋषभ पंत को ही बड़ा दावेदार मानते हैं.

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एक नज़र ईशान किशन पर
ईशान किशन साल 2016 में बांग्लादेश में हुए अंडर-19 विश्व कप में भारत के कप्तान रह चुके हैं. तब भारत उपविजेता रहा था.
लेकिन इस साल मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए जैसे उनकी क़िस्मत ही चमक उठी है.
दिल्ली के ख़िलाफ़ 44, राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ 58 और कोलकाता नाइट राइडर्स के ख़िलाफ़ 62 रनों की पारी ने इस ख़ब्बू बल्लेबाज़ को सितारों से सजी मुंबई इंडियंस के बीच सबसे अलग खड़ा कर दिया.
क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन ईशान किशन और ऋषभ पंत में कोई बड़ा अंतर नहीं देखते. उन्हें दोनों की शैली एक सी ही नज़र आती है. लेकिन वो कहते हैं, "ईशान किशन की टाईमिंग शानदार है."
इसके बावजूद ईशान किशन को अभी थोड़ा इंतज़ार करना होगा.

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संजू सैमसन
संजू सैमसन आज एक जाना पहचाना चेहरा हैं. वो भी अंडर-19 विश्व कप खेल चुके हैं.
23 साल से कुछ अधिक संजू सैमसन इस साल आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए नाबाद 92 रनों की पारी खेल चुके हैं.
इसके अलावा उन्होंने मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ 52 और हैदराबाद के ख़िलाफ़ 40 रन बनाए. वह एक बेहतरीन और कलात्मक बल्लेबाज विकेटकीपर के तौर पर भी जाने जाते हैं.
अयाज़ मेमन कहते हैं कि संजू सैमसन वैसे तो नियमित विकेटकीपर नहीं हैं लेकिन अगर तीनों विकेटकीपर बल्लेबाज़ों में एक रेस शुरू हो गई है तो वह विकेटकीपिंग को भी वरीयता दे सकते हैं.
बल्लेबाज़ी में तो वह अपने दम पर कई मैच जीता चुके हैं.
संजू सैमसन को लेकर अयाज़ मेमन का मानना है कि वह भी लम्बे शॉट्स खेलने में माहिर हैं, इसके बावजूद उनके खेलने का स्टाइल ऋषभ पंत और ईशान किशन से बिल्कुल अलग है.
संजू सैमसन शायद लम्बे फॉर्मेट के क्रिकेट में अच्छे बल्लेबाज़ हैं.
इसके बावजूद आज जिस तरह की क्रिकेट खेली जा रही है उसमें तीनों तरह की क्रिकेट की बल्लेबाज़ी में माहिर होना ज़रूरी है.

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विकेटकीपर्स की मज़बूत है बेंच स्ट्रेंथ
अयाज़ मेमन आगे कहते हैं कि यह तीनों ही खिलाड़ी आने वाले समय में विकेटकीपर बल्लेबाज़ के तौर पर भारतीय टीम में आने के दावेदार बनते हैं.
सबसे अच्छी बात कि इससे यह भी पता चलता है कि भारत की विकेटकीपर बल्लेबाज़ों की बेंच स्ट्रेंथ कितनी मज़बूत है.
अब यह है कि महेंद्र सिंह धोनी, पार्थिव पटेल और दिनेश कार्तिक के बीच 15 साल पहले रेस लगी थी कि भारतीय टीम में कौन नियमित विकेटकीपर हो, कुछ ऐसी ही रेस होते हुए अब दिख रही है. जो शायद विश्व कप के बाद इन तीनों के बीच शुरू हो.
अयाज़ मेमन यह भी मानते है कि अगर किन्हीं तीन खिलाड़ियों के बीच एक ही जगह के लिए टीम में आने की बात सामने आए तो उनमें आपस में भी प्रतिद्वंद्विता बढ़ जाती है.
वो कहते हैं, "कुछ ऐसा ही धोनी के साथ भी हुआ जिसमें वह मानसिक रूप से दूसरों से बेहतर साबित हुए. पार्थिव पटेल और दिनेश कार्तिक उनसे पहले अंतराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके थे. धोनी को जो जगह टीम में मिली वह उन्होंने खोई नहीं. कुछ ऐसा ही ऋषभ पंत को करना होगा."
वहीं चंद्रकांत पंडित साफ़-साफ़ कहते हैं, "फिलहाल तीनों खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम के दरवाज़े खटखटाने शुरू कर दिए है. इसके बावजूद उनका मानना है कि आईपीएल के आधार पर किसी पर अधिक भरोसा नहीं किया जा सकता. टेस्ट क्रिकेट ही प्रदर्शन का असली पैमाना है."
उनका यह भी मानना है कि कौन सा खिलाड़ी टीम में भविष्य में अधिक योगदान दे सकता है इसका विचार करना भी ज़रूरी है. जिस तरह धोनी को अवसर मिले उसी तरह से अगर इन तीनों खिलाड़ियों को भी लगातार मौके मिलेंगे, तभी इनकी क्षमता का इस्तेमाल भी हो सकता है.
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