तालिबान पर बयान को लेकर हुआ हंगामा तो शाहिद अफ़रीदी ने दी सफ़ाई- बोले महिलाओं को लेकर बदली सोच

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफ़रीदी सोशल मीडिया पर एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं.
शाहिद अफ़रीदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें वो तालिबान की तारीफ़ करते नज़र आ रहे हैं.
वीडियो में अफ़रीदी ये कहते दिख रहे हैं कि तालिबान इस बार सकारात्मक सोच के साथ लौटा है.
शाहिद अफ़रीदी के बयान पर विवाद हुआ तो उन्होंने बीबीसी से बातचीत में सफ़ाई पेश की. उन्होंने ये भी कहा कि तालिबान से डर की वजह उनकी 'पुरानी छवि' है.
शाहिद अफ़रीदी ने ये भी कहा कि अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट पर 'भारत का दबदबा संभव नहीं' रहेगा. दूसरी तमाम चीजों की तरह तालिबान क्रिकेट पर भी नियंत्रण कर लेंगे.
हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि उनकी राय में क्रिकेट को तालिबान से कोई ख़तरा नहीं है.
पाकिस्तानी पत्रकार नाइला इनायत ने एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें अफ़रीदी पत्रकारों से बात करते हुए कहते हैं, "बेशक तालिबान आए हैं और बड़े पॉज़िटिव फ़्रेम ऑफ़ माइंड के साथ आए हैं. ये चीज़ हमें पहले नज़र नहीं आई थीं. महिलाओं को काम करने की इजाज़त है, उन्हें राजनीति में आने की इजाज़त मिल रही है."
अफ़रीदी ने कहा, "तालिबान क्रिकेट को सपोर्ट कर रहे हैं, श्रीलंका के हालात की वजह से इस बार सिरीज़ नहीं हो सकी, लेकिन मैं समझता हूँ कि तालिबान क्रिकेट को बहुत ज़्यादा पसंद करते हैं."
पत्रकार नाइला इनायत ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि अफ़रीदी को तालिबान का अगला प्रधानमंत्री होना चाहिए.
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अफ़रीदी के इस बयान पर लोगों ने काफ़ी चुटकी ली है.
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्विटर पर लिखा, "हां, तालिबान वही सकारात्मकता लेकर आया है, जैसे हर बार अफ़रीदी के बल्लेबाज़ी के लिए उतरने पर उनके कप्तान को होती थी. वह चमत्कार की उम्मीद करते थे, लेकिन 10 में से नौ बार ब्रेनफ़ेल हो जाता था."
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शाहिद अफ़रीदी ने दी सफ़ाई
शाहिद अफ़रीदी ने अपने बयान को लेकर बीबीसी से बातचीत में सफ़ाई दी और कहा कि वो तालिबान समझ गए हैं कि 'महिलाओं के बिना समाज नहीं चल सकता.' वो 'शांति' की भी बात कर रहे हैं.
शाहिद अफ़रीदी ने कहा कि उन्हें लगता है कि इस बार स्थिति अलग रहेगी.
तालिबान इस बार 'बदला लेने' की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि सभी देशों से शांति के साथ संपर्क कर रहे हैं.
शाहिद अफ़रीदी ने कहा,"सबसे अहम ये है कि इस बार तालिबान महिलाओं को शिक्षा और रोज़गार समेत हर क्षेत्र में अवसर देने की बात कर रहे हैं.पहले ऐसा नहीं दिखता था."
उन्होंने आगे कहा, "तालिबान अब समझ चुके हैं कि समाज में महिलाएं कितनी अहम हैं. महिलाओं के बिना समाज चल नहीं सकता.ये सब जानते हैं कि महिलाएं शिक्षित होंगी तो समाज भी शिक्षित होगा."
"तालिबान के हालिया बयान से साफ है कि वो काफी बदल गए हैं."
ये पूछे जाने पर कि तालिबान को लेकर अब भी डर क्यों दिखता है, शाहिद अफ़रीदी ने कहा, "उनकी पुरानी छवि की वजह से"
शाहिद ने आगे कहा, " उम्मीद है कि तालिबान के आने से शांति आएगी और स्थितियां बेहतर होंगी"

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क्रिकेटर अफ़रीदी
अफ़रीदी को उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी के लिए जाना जाता है. उन्होंने 398 वन मुक़ाबले खेले और सात हज़ार के क़रीब रन बनाए. उनका बल्लेबाज़ी औसत 23 के करीब रहा. उनके बयान पर कई लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
हैंडल @HKZ_506 ने लिखा, "दो साल पहले उन्होंने एक किताब लॉन्च की थी और बरखा को इंटरव्यू दिया था. तब उन्होंने कहा था कि वो अपनी बेटियों को कोई खेल खेलने या संगीत की इजाज़त नहीं देंगे. वो तालिबान से अलग नहीं हैं."
मनीष मुंद्रा ने लिखा, "बिल्कुल. वो वहाँ भी 20-20 लीग शुरू कर सकते हैं. तालिबान प्रो लीग."
मेजर पूनिया ने ट्वीट किया है-"मिलिए तालिबान प्रेमी शाहिद अफ़रीदी से जो खुले तौर पर तालिबान का समर्थन करते हैं. एक ख़ूंख़ार आतंकी संगठन जो पूरी तरह से मानवता और महिलाओं की आज़ादी के ख़िलाफ़ है."
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पाकिस्तानी मूल के और अब कनाडा में रह रहे पत्रकार और लेखक तारेक फ़तेह ने ट्वीट किया, "देखिए, पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफ़रीदी काबुल में तालिबान के आतंकी राज का बचाव कर रहे हैं. अफ़रीदी इसलिए उनकी तारीफ़ कर रहे हैं कि क्योंकि वो तालिबान के क्रिकेट प्रेम को इस बात का सबूत मान रहे हैं कि वो महिलाओं को काम करने की इजाज़त देंगे."
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अफ़रीदी अक्सर अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं. हाल ही उन्होंने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में आयोजित हो रही क्रिकेट प्रीमियर लीग को भी अपना समर्थन दिया था.
(शाहिद अफ़रीदी से बीबीसी उर्दू के अब्दुल रशीद शकूर ने बात की है.)
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