अगर ज़करबर्ग ने मेरी सलाह मानी होती...

इमेज स्रोत, AP
- Author, रोरी सैलेन जोन्स
- पदनाम, टेक्नोलॉजी संवाददाता, लंदन
जब मैंने सुना कि मार्क ज़करबर्ग ने अपनी 45 अरब डॉलर मूल्य की कंपनी फ़ेसबुक के शेयर अच्छे कामों के लिए देने का ऐलान किया है तो मुझे 2008 की बातें याद आईं.
फ़ेसबुक के संस्थापक तब 24 साल के थे और बीबीसी को साक्षात्कार देने लंदन आए थे. उनके सोशल नेटवर्क के व्यावसायिक ढांचे को लेकर मैंने उन पर कई संशय भरे सवाल दागे और सलाह दी, "आपको जल्द पैसा कमाने के बारे में सोचना शुरू करना चाहिए".
<link type="page"><caption> (बेटी की ख़ुशी में 99 फ़ीसदी हिस्सेदारी दान करेंगे ज़करबर्ग)</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/international/2015/12/151201_mark_zuckerberg_becomes_father_aa" platform="highweb"/></link>

इमेज स्रोत, Facebook
इसके बाद मैं उनसे पिछले साल फ़ेसबुक के टेकओवर के प्रस्तावों पर बात करने लगा. अफ़वाह थी कि माइक्रोसॉफ़्ट ने 10 अरब डॉलर (करीब 6.65 खरब रुपए से अधिक) का प्रस्ताव दिया था- लेकिन ज़करबर्ग ने सभी को नकार दिया था.
मैंने उन्हें कहा था, "अब आपको वह ग़लती लग रही होगी."
ताज्जुब यह कि वे सहमत नहीं हुए और जब मैंने कहा कि वह 24 साल की उम्र में रिटायर हो सकते थे तो उन्होंने कहा, "मैं करूंगा क्या?"

इमेज स्रोत, EPA
तब जींस और स्नीकर्स जूतों में यह किताबी कीड़ा युवा किसी खिलाड़ी व्यावसायिक रणनीतिकार या अगले 10 साल तक दुर्जेय रहने वाली कंपनी के नेता की तरह नहीं दिखता था. मगर उन्होंने ख़ुद को सही साबित किया.
उस इंटरव्यू का उनका आख़िरी जवाब, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी प्रेरणा पैसे नहीं बल्कि वह दुनिया बदलना चाहते हैं, ज़करबर्ग और चान की परोपकारी घोषणा के बाद, सही लगता है.
ध्यान रहे, अगर आप उनकी बेटी को लिखे उनके पत्र को ठीक से पढ़ें, तो साफ़ हो जाता है कि उनके परोपकारी लक्ष्य फ़ेसबुक की व्यावसायिक रणनीति के साथ मिलकर चलने वाले हैं.

इमेज स्रोत, AFP
यह 'दुनिया को जोड़ने' के लक्ष्य की बात करता है- जिसका अर्थ ज़रूर यह होगा कि ज़्यादा लोग फ़ेसबुक इस्तेमाल करें. यक़ीनन 'बहसों को आकार देने के लिए नीति और समर्थन' में भागीदारी का कूट अर्थ अवश्य ही फ़ेसबुक की भविष्य की कल्पना में राजनेताओं को शामिल करने के लिए लामबंदी करना होगा.
अगर उन्होंने मेरी सलाह मानी होती तो मार्क ज़करबर्ग अब तक कुछ अरब डॉलर के साथ रिटायर हो गए होते और फ़ेसबुक माइक्रोसॉफ़्ट के मालिकाना हक़ वाली याम्मेर में मिल गया होता.
इससे पता चलता है कि वे दूरदृष्टि वाली प्रतिभा हैं... और मैं नहीं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> आप यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












