पच्चीस साल में छह साल बढ़ी औसत आयु

औसत आयु

इमेज स्रोत, Thinkstock

शोधकर्ताओं के मुताबिक, पिछले पच्चीस साल में पूरी दुनिया में इंसानों की औसत आयु छह साल बढ़ी है.

विकसित देशों में कैंसर और ग़रीब देशों में डायरिया, टीबी व मलेरिया के कारण होने वाली मौतों में कमी को इसका कारण बताया गया है.

मेडिकल जर्नल 'लांसेट' में प्रकाशित इस अध्ययन में कहा गया है कि सब-सहारा अफ़्रीकी देशों में औसत आयु में कमी आई है और इसकी वजह है एचआईवी और एड्स के कारण होने वाली मौतों में इजाफ़ा.

इसके चलते इन देशों में औसत आयु में पांच वर्ष की कमी आई है.

मृत्यु दर में कमी

औसत आयु

अध्ययन के अनुसार, पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु में महत्वपूर्ण कमी आई है, लेकिन मलेरिया, डायरिया और सांस की बीमारी से अब भी हर साल औसतन 20 लाख बच्चे मरते हैं.

अध्ययन में लीवर कैंसर और नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़ी बीमारियों और आत्महत्याओं के मामलों में बढ़ोतरी को लेकर चेताया गया है.

इसमें कहा गया है कि पूरी दुनिया में आत्महत्या से होने वाली कुल मौतों की आधी सिर्फ़ भारत और चीन में होती हैं.

औसत आयु

इमेज स्रोत, PA

इमेज कैप्शन, नेपाल और ईरान जैसे ग़रीब मुल्कों में औसत आयु में 12 वर्ष की वृद्धि हुई है.

अध्ययन के मुताबिक़ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से कुछ अपवादों को छोड़, दुनिया में हर कहीं औसत आयु में वृद्धि हो रही है.

अध्ययन का नेतृत्व करने वाले वॉशिंगटन विश्वविद्यालय से जुड़े प्रोफ़ेसर क्रिस्टोफ़र मुरे कहते हैं, "अनेक बीमारियों से लड़ने में अच्छी प्रगति है, लेकिन हम इससे भी बेहतर कर सकते हैं और करना चाहिए."

असाधारण सुधार

यह अध्ययन ग्लोबल बर्डेन ऑफ़ डिसीज़ (जीडीबी) 2013 के आकलन पर आधारित है.

जीडीबी रिपोर्ट में 1990 से 2013 के दौरान 23 साल में 23 देशों में 240 कारणों से होने वाली मौतों के आंकड़े इकट्ठा किए गए.

औसत आयु

इमेज स्रोत, Thinkstock

अध्ययन में पाया गया कि इस अवधि में कुछ ग़रीब देशों में औसत आयु में असाधारण सुधार हुआ.

नेपाल, रवांडा, इथोपिया, नाइज़ीरिया, मालदीव, पूर्वी तिमोर और ईरान में इस दौरान औसत आयु में 12 वर्ष की वृद्धि हुई.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindin" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>