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चरमपंथियों के ख़िलाफ़ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई में ताज और ऑबराय होटल में छिपे चरमपंथियों के ख़िलाफ़ निर्णायक कमांडो कार्रवाई की तैयारी चल रही है. नरीमन हाउस में कमांडो घुसने की तैयारी कर रहे हैं. बुधवार रात शुरु हुए चरमपंथी हमले में अब तक 101 लोग मारे गए हैं और 287 घायल हुए हैं. मृतकों में 14 पुलिसकर्मी, नौ विदेशी नागरिक और पाँच चरमपंथी हैं. अधिकारियों का कहना है कि नौ संदिग्ध हमलावर गिरफ़्तार कर लिए गए हैं. महाराष्ट्र के पुलिस प्रमुख एएन रॉय ने बताया है कि ऑबराय और ताज होटल में अभी भी सैंकड़ों लोग फँसे हुए हैं. हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ताज होटल में चरमपंथियों के क़ब्ज़े में कोई नहीं है बल्कि जो भी अतिथि ठहरे हुए हैं वो अपने-अपने कमरों में हैं. इस बीच ऑबराय होटल से गुरुवार शाम तक लगभग तीस लोगों को सुरक्षित निकाला गया है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्र के नाम संबोधन में इन हमलों के पीछे विदेशी हाथ होने का अंदेशा जताया है और लोगों से शांति और सदभाव कायम रखने की अपील की है. इससे पहले गुरुवार सुबह केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा हुई. फिर दोपहर बाद लगभग तीन बजे नेशनल सेक्युरिटी गार्ड और सेना के तीनो अंगों के प्रमुखों की दोबारा बैठक हुई. भारतीय विदेश मंत्रालय ने मुंबई के हालात पर लगातार नज़र रखने के लिए कंट्रोल रूम गठित किया है. सतर्क कार्रवाई गुरुवार शाम महारष्ट्र रेंज के सेना के कमांडिग ऑफ़िसर ताज होटल के पास पहुँच गए हैं. सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं और निर्णायक कार्रवाई के तौर तरीकों पर चर्चा हो रही है. ताज होटल में घुसे कमांडो एक-एक कमरे की जाँच-पड़ताल कर रहे हैं. इस दौरान कई बार गोलियाँ चलने और धमाके की आवाज़ आ रही है. ऑबराय होटल में फँसे हुए लोग अपने कमरों की खिड़कियों से बाहर झाँकते देखे गए. निर्णायक कार्रवाई में एनएसजी, नौसेना के प्रशिक्षित कमांडो, सेना, मुंबई पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की मदद ली जा रही है. महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने कहा है कि तीन जगह जहाँ कार्रवाई चल रही है वहाँ 10-12 चरमपंथी हो सकते हैं. डेकन मुजाहिदीन नाम के एक संगठन ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली है. इस बीच समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन लश्करे तैयबा ने इन हमलों में अपना हाथ होने से इनकार किया है. ऑबराय, ताज होटलों में धमाके चरमपंथी हमले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "इन हमलों के तार विदेशों से जुड़े हो सकते हैं लेकिन दोषियों के ख़िलाफ़ कड़े कदम उठाए जाएँगे. पड़ोसियों को आगाह किया जाएगा कि उनकी भूमि का आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आतंकवादी घटनाओं की जाँच के लिए केंद्रीय जाँच एजेंसी होनी चाहिए." पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलों के दौरान हमलावरों ने हथगोलों और एके-47 जैसी स्वचलित बंदूकों का इस्तेमाल किया है. ग़ौरतलब है कि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है ताज होटल में चरमपंथियों ने बंदी बनाए लोगों से विदेशी पासपोर्ट वाले -विशेष तौर पर ब्रितानी और अमरीकी नागरिकों के बारे में पूछा और उन्हें अन्य लोगों से अलग किया है.
गुरुवार सुबह से जिन इमारतों को सुरक्षाबलों ने घेर रखा है, वे हैं - ताज होटल, ट्राइडेंट-ऑबराय होटल और नरीमन हाउस. इसी के साथ भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल जेएस बेदी ने बताया है कि भारतीय नौसेना के होलिकॉप्टर और तटरक्षक दो ऐसे समुद्री जहाज़ों का पीछे कर रहे हैं जिनसे चरमपंथियों के भारत में दाख़िल होने का शक़ है. ताज होटल में बुधवार रात से लेकर गुरुवार दोपहर तक धमाके हो रहे हैं और उसकी सबसे ऊपर की इमारत में आग लग गई थी. कई दमकल कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने होटल में मौजूद लोगों को बाहर निकाला है. पूरे इलाक़ा सील बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद के अनुसार, "ट्राइडेंट-ऑबराय होटल को सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों ने पूरी तरह से सील कर दिया गया है. हालाँकि ये स्पष्ट नहीं है कि लोगों को चरमपंथियों ने बंदी बना रखा है या नहीं है." ऑबराय होटल के आसपास रुक-रुक कर फ़ायरिंग की आवाज़े भी सुनाई दे रही हैं. महाराष्ट्र के पुलिस प्रमुख एएन रॉय ने कहा है, "ऑबराय होटल में कार्रवाई बहुत धीमी चल रही है क्योंकि वहाँ कुछ बंदी लोगों के होने की संभावना है." एनएसजी के एक प्रमुख अधिकारी ने भी ताज में ऑपरेशन धीमा चलने की बात की है. उन्होंने ये भी कहा है कि चरमपंथियों की संख्सा तीन, चार या पाँच हो सकती है. ताज होटल ने अपने बयान में कहा है कि मुंबई में ताज में जंग जारी है और कई लोग घायल हुए हैं. लेकिन होटल ग्रुप का ये भी कहना है कि वह झुकागा नहीं और इमारत को हुई हर क्षति को पूरा किया जायगा. उधर नरीमन हाउस को भी पूरी तरह से घेरा गया है. ये एक ऑफ़िस ब्लॉक है जिसके आसपास ख़ासे सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं. 'समुद्र के रास्ते आए चरमपंथी' बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल मुंबई पहुँच चुके हैं. पहले ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री आरआर पाटिल एक घटनास्थल पर मौजूद हैं.
एक प्रत्यक्षदर्शी परेरा लेसली ने बीबीसी से हुई बातचीत में बताया कि भारतीय समयानुसार रात नौ बजकर पचास मिनट पर दो युवकों ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के भीतर दो बम विस्फोट किए. उनका कहना है कि इसके बाद वहाँ धुँआ फैल गया और फिर वे ऑटोमेटिक बंदूक से गोलियाँ चलाने लगे. मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख राज्य के बाहर थे लेकिन वे बुधवार देर रात मुंबई लौट आए हैं. सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि चरमपंथी संभवत: समुद्री रास्ते से आए और उनके पास ग्रेनेड और विस्फोटकों के कई बस्ते थे इसीलिए दक्षिणी मुंबई में इमारतों को निशाना बनाया गया है. दो गाड़ियों में भी विस्फोट हुए थे और ख़बरें हैं कि दो चरमपंथी दो पुलिस वाहन लेकर भाग निकले. मुंबई में जिन इलाक़ो में मुठभेड़ चल रही है वहाँ दफ़्तर, स्कूल-कॉलेज और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं. |
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