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'चरमपंथ से निपटने के लिए टास्क फ़ोर्स' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश में आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद की 'चुनौतियों' से निपटने के लिए टास्क फ़ोर्स के गठन का सुझाव दिया है. प्रधानमंत्री रविवार को दिल्ली में पुलिस प्रमुखों के दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे जिसमें देश भर के आला पुलिस अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. उन्होंने ख़ुफ़िया व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जो़र दिया. मनमोहन सिंह का कहना था, "मैं टास्क फ़ोर्स के गठन का सुझाव देता हूँ जो 100 दिनों के भीतर आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद की उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए अपना सुझाव दे." सुझाव प्रधानमंत्री के अनुसार टास्क फ़ोर्स का सुझाव राज्यों और केंद्र पुलिस बलों की एकीकृत क्षमता के विकास पर आधारित होगा. मनमोहन सिंह का कहना था कि आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए टास्क फ़ोर्स विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेगा और इंटरनेट पर सारी जानकारी एकत्रित होगी. केंद्र और रज्य दोनों की ऐजेंसियां इसका लाभ उठा सकती हैं. प्रधानमंत्री के अनुसार टास्क फ़ोर्स की देखरेख राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार करेंगें और इस में राज्यों और केंद्रीय ऐजेंसियों के अधिकारियों का मुनासिब प्रतिनिधित्व भी होगा. उनका कहना था, "100 दिनो की अवधि में टास्क फ़ोर्स एक मसौदा तैयार कर लेगा जो इंटरनेट आधारित जानकारी की समझ को आगे बढ़ा सकेगा और आने वाले महीनों में कैसे काम करना है इसका भी तरीक़ा बताएगा." | इससे जुड़ी ख़बरें 'राज्य विशेष पुलिस बल गठित करें'22 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'आतंकवाद से लड़ने में सरकार नरम नहीं'17 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'आतंक के ख़िलाफ़' युद्ध जैसा माहौल बने'30 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस धमाकों के बाद आरोप-प्रत्यारोप शुरू26 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'आतंकवाद से लड़ना उच्च प्राथमिकता'29 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस गुप्तचर विभाग बेहतर काम करे: आडवाणी23 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस केंद्रीय ख़ुफ़िया तंत्र पर नाकामी का आरोप23 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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