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'आतंक के ख़िलाफ़' युद्ध जैसा माहौल बने' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 'आतंक एक छद्म युद्ध है' और इससे निपटने के लिए पूरे देश को एक सुर में बोलना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अगर देश में 'आतंक के ख़िलाफ़' युद्ध जैसा माहौल नहीं बनाया गया तो 'आतंकवादी इसका फ़ायदा उठाते रहेंगे'. सूरत का दौरा करने के बाद नरेंद्र मोदी ने वहाँ के नागरिकों और पुलिसकर्मियों की तारीफ़ की और कहा कि सूरत के लोगों ने उदाहरण पेश किया है कि यदि नागरिक जागरुक हो जाएँ तो इस समस्या से कैसे निपटा जा सकता है. 51 लाख का ईनाम नरेंद्र मोदी ने सूरत में बमों की सूचना देने वालों को 21-21 हज़ार रुपए देने की घोषणा की और कहा कि अहमदाबाद में विस्फोट करने वालों और सूरत में विस्फोटक रखने वालों के बारे में जो भी व्यक्ति सूचना देगा उसे 51 लाख रुपए का ईनाम दिया जाएगा.
उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी. मंगलवार को सूरत में 18 जीवित बम मिले थे और इससे पहले दो दिनों में भी वहाँ भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया था. इससे पहले शनिवार को अहमदाबाद में एक के बाद एक हुए विस्फोटों में 49 लोग मारे गए थे और कोई डेढ़ सौ लोग घायल हो गए थे. निशाना नरेंद्र मोदी ने मीडिया से कहा कि 'पिछले दो सालों में आतंक की जो 12 घटनाएँ घटी हैं उन सबमें काम करने का ढंग एक जैसा ही रहा है'. उनका कहना था, "अहमदाबाद और सूरत की घटनाएँ उसी की एक कड़ी है और ये देश की दूसरी आतंकवादी घटनाओं से अलग नहीं हैं." उन्होंने कहा कि इन हमलों में देश के आर्थिक उन्नति के केंद्रों को निशाना बनाया गया है और जहाँ से आर्थिक गतिविधियाँ चलती हैं उसको नुक़सान पहुँचाने की कोशिश की गई, चाहे वो मुंबई हो, बंगलौर हो, जयपुर हो या फिर अहमदाबाद-सूरत. उन्होंने कहा, "आतंकवाद एक प्रकार का छद्म युद्ध है और अगर हम देश में युद्ध जैसा माहौल खड़ा नहीं करेंगे तो आतंकवादी इसका फ़ायदा उठाते रहेंगे." अपने इस बयान को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि जब देश में युद्ध होता है तो मीडिया, राजनीतिक दल और बुद्धिजीवी एक जैसी भाषा बोलते हैं और इस मामले में भी सबको एक जैसी भाषा बोलनी होगी. उन्होंने सूरत के लोगों की तारीफ़ करते हुए कहा मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ, "अफ़वाहों और डर की कोई जगह नहीं है." उनका कहना था कि देश भर के लोगों को सूरत के लोगों की तरह जागरुकता दिखानी होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें सूरत में बंद, एक और ज़िंदा बम मिला30 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस सूरत में पुलिस ने 18 बम निष्क्रिय किए29 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस धमाकों पर भाजपा और कांग्रेस में ठनी28 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस धमाकों के सिलसिले में मुंबई में छापे27 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस संघीय जाँच एजेंसी बनाने पर विचार27 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस बंगलौर में कड़ी सुरक्षा, बम निष्क्रिय26 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस बंगलौर के बाद दहला अहमदाबाद, 38 मरे26 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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