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बुधवार, 30 जुलाई, 2008 को 01:55 GMT तक के समाचार
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सूरत में बंद, दो ज़िंदा बम मिले
सूरत शहर
सूरत में लगातार बम और विस्फोटकों के मिलने से लोगों में दहशत फैली हुई है
गुजरात के अहमदाबाद में जनजीवन पटरी पर लौट आया है लेकिन सूरत में बमों का मिलना जारी है. बुधवार को सूरत में दो बम बरामद किए गए इसमें नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान मिला एक ज़िंदा बम शामिल है.

सूरत में मंगलवार को एक के बाद एक 18 बम मिलने के बाद शहर की सभी भीड़-भाड़ वाली जगहों को प्रशासन ने बुधवार के लिए बंद करा दिया है.

बुधवार को जब राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी शहर के दौरे पर आए हुए थे और लोगों से मुलाक़ात कर रहे थे तब 19वाँ बम बरामद हुआ है.

वराछा रोड इलाक़े में मोदी के दौरे के बाद यह बम मिला है. इस बम को भी बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया है.

प्रशासन की सलाह पर स्कूल-कॉलेज, शॉपिंग मॉल और कपड़ा से लेकर हीरा तक के बाज़ार को बंद रखा गया है.

अधिकारियों का कहना है कि इन सभी जगहों की ठीक तरह से जाँच करने के बाद ही इसे नागरिकों के लिए खोला जाएगा.

अहमबदाबाद के स्थानीय पत्रकार महेश लाँघा का कहना है कि शहर में शनिवार को 49 लोगों को लील जाने वाले सिलसिलेवार धमाकों के बाद अब वहाँ जनजीवन सामान्य हो रहा है.

नागरिकों की सक्रियता से मिले बम

मंगलवार को सूरत में जो 18 बम मिले थे, उन्हें स्थानीय नागरिकों ने तलाशा था. बम निरोधक दस्ते ने सिर्फ़ उन बमों को निष्क्रिय किया.

राज्य के अंबाजी, वापी, मेहसाणा, मांगरोल, गांधीनगर और बोरसद सहित कई शहरों में डर का माहौल बना रहा और अफ़वाहें उड़ती रहीं.

अहमदाबाद में दिव्य भास्कर के स्थानीय संपादक अजय उमठ का कहना है कि इन शहरों में बम और रासायनिक पदार्थों की अफ़वाहें उड़तीं रहीं जिसके आधार पर पुलिस और फ़ायर ब्रिगेड की गाड़ियों को शहर में इधर से उधर दौड़ना पड़ा.

उनका कहना है कि एसएमएस से भी अफ़रा-तफ़री का माहौल बना रहा.

सूरत बंद

अहमदाबाद में शनिवार को हुए धमाकों में 49 लोग मारे गए थे और 150 से ज़्यादा घायल हुए थे.

इसके बाद सूरत में लगातार चार दिनों से बम और विस्फोटक मिलने का सिलसिला चल रहा है.

पहले तो कारों में विस्फोटक मिले फिर सोमवार को कुछ जीवित बम मिले. बम मिलने का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा.

बम निष्क्रिय करता विशेषज्ञ
सूरत शहर में मिले डेढ़ दर्जन बमों की सूचनाएँ स्थानीय लोगों ने ही पुलिस को दी थी

स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि इन बमों का पता लोगों ने ही लगाया. पुलिस ख़ुद से एक भी बम नहीं तलाश सकी.

इन बमों को निष्क्रिय करने के बाद प्रशासन ने बुधवार को सभी भीड़-भाड़ वाली जगहों को बंद रखने को कहा है.

इसके चलते स्कूल-कॉलेज, कपड़ा और हीरा बाज़ार, सिनेमा घर, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स को बंद करने का निर्णय लिया गया है.

अधिकारियों का कहना है कि क़ानून व्यवस्था की दृष्टि से आश्वस्त होने के बाद इन जगहों को आम लोगों के लिए खोला जाएगा.

सूरत में लोगों की आवाजाही पर भी लगातार बम मिलने का असर दिख रहा है. लोग ज़रूरत पड़ने पर ही घर से निकल रहे हैं.

पत्रकार लांघा का कहना है कि सूरत के पुलिस आयुक्त आरएमएस बराड़ ने मंगलवार को लोगों को भीड़ वाले इलाक़ों में जाने से बचने की सलाह दी थी.

पुलिस ने लोगों से लावारिस सामान को न छूने और कोई भी संदिग्ध चीज़ देखते ही पुलिस को सूचना देने की अपील की थी.

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