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सूरत में पुलिस ने 18 बम निष्क्रिय किए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अहमदाबाद में शनिवार को हुए बम धमाकों के बाद दहशत अब भी क़ायम है क्योंकि गुजरात में बम मिलने का सिलसिला रुक ही नहीं रहा है. गुजरात पुलिस का कहना है कि उसने मंगलवार को सूरत में कम से कम 18 छोटे बम निष्क्रिय किए हैं जिसके बाद शहर में ख़ासा तनाव है. स्थानीय पत्रकार महेश लांघा ने बीबीसी को बताया कि सूरत पुलिस आयुक्त आरएमएस बरार ने जानकारी दी है कि बम निरोधी दस्ते की मदद से 18 ज़िंदा बम बरामद किए गए हैं. पुलिस आयुक्त ने बताया कि सभी बम निष्क्रिय कर दिए गए हैं. उन्होंने लोगों को सर्तक रहने और भीड़-भाड़ वाले इलाक़ों से दूर रहने की सलाह दी है. ये बम भीड़-भाड़ वाले इलाक़ों में रखे गए थे. विस्फोटकों का एक पैकेट तो एक पुलिस स्टेशन की खिड़की पर लटकता हुआ पाया गया. लेकिन किसी भी बम के साथ टाइमर नहीं लगा हुआ था. लांघा का कहना है कि ऐसा लगता है कि इस सबका मकसद धमाका करना नहीं बल्कि शहर में तनाव बढ़ाना है. अहमदाबाद और बंगलौर में हुए धमाकों के बाद भारत के अन्य शहरों में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. रविवार को सूरत में दो कारें मिली थीं जिनमें विस्फोटक भरे हुए थे. पुलिस ने सूरत में कार में बम रखने वाले संदिग्ध व्यक्ति का स्केच या रेखाचित्र जारी किया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सूरत में मिले कारों और दूसरी सामग्री से अनुमान लगाया जा रहा है कि विस्फोटों की तैयारी वड़ोदरा में की गई थी. शनिवार शाम अहमदाबाद में हुए कई धमाकों में 49 लोग मारे गए थे और 150 से ज़्यादा घायल हुए थे. पुलिस के मुताबिक अहमदाबाद के धमाकों के सिलसिले में प्रतिबंधित संगठन सिमी के कार्यकर्ता अब्दुल हलीम से पूछताछ की जा रही है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रतिपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अहमदाबाद का दौरा किया है. वड़ोदरा में बनी योजना
पुलिस का कहना है कि दो रिहायशी इलाक़ों में दो जीवित बम मिले हैं. एक बम लाडकेश्वर इलाक़े में और दूसरा संतोषी नगर इलाक़े में. इन दोनों बमों को बम निरोधक दस्तों को निष्क्रिय कर दिया है. इससे पहले सूरत के वराछा रिहायशी इलाक़े में सोमवार को एक जीवित बम मिला था जिसे विशेषज्ञों ने निष्क्रिय कर दिया था. स्थानीय पत्रकार अजय उमठ ने पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि इससे पहले जिन कारों में विस्फोट मिले थे उनकी जाँच से पता चला कि उसमें अमोनियम नाइट्रेट था. अधिकारियों का कहना है कि जितना विस्फोटक कार में रखा हुआ था उससे कम से कम 17 बम बनाए जा सकते थे. पुलिस का कहना है कि हालांकि कार चोरी की थी लेकिन उसमें वड़ोदरा की नंबर प्लेटें लगाई गईं थीं और कार के भीतर से वड़ोदरा के जून महीने के अख़बार भी मिले हैं जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि विस्फोट की तैयारी वड़ोदरा से की जा रही थी. इस बीच पुलिस ने विस्फोटक वाली कार रखने वाले संदिग्ध व्यक्ति का स्केच जारी किया है. पुलिस का कहना है कि एक गार्ड के बयान के आधार पर यह स्केच तैयार करवाया गया है. |
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