BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 26 जुलाई, 2008 को 17:54 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
धमाकों के बाद आरोप-प्रत्यारोप शुरू
अहमदाबाद में धमाके बहुत बहुत भीड़भाड़ वाले इलाक़ों में हुए हैं
अहमदाबाद के बम धमाकों के बाद आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू होती दिख रही है.

ग़ौर करने की बात है कि गुजरात और कर्नाटक, दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकारें हैं. ऐसी स्थिति में केंद्र और राज्य सरकारों ने एक दूसरे पर दोषारोपण शुरू कर दिया है.

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि "यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि केंद्र सरकार ने धमाकों में घायल लोगों की चीत्कार थमने से पहले ही राजनीति शुरू कर दी है".

 मुझे अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है कि आतंकवाद के आकाओं को इस सरकार से यही संदेश मिलता है कि सरकार वोट की राजनीति करने के कारण पूरी सख़्ती से कार्रवाई नहीं कर सकती
रविशंकर प्रसाद, भाजपा नेता

रविशंकर प्रसाद कहते हैं, "सब लोग जानते हैं कि इस तरह के हमलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गिरोह शामिल होते हैं, यह कोई बंगलौर या अहमदाबाद में केंद्रित लोग नहीं हैं. गुजरात की सरकार और राजस्थान की सरकारों ने दो वर्ष पहले केंद्र सरकार के पास मंज़ूरी के लिए आतंकवाद विरोधी विशेष क़ानून के दस्तावेज़ भेजे हैं लेकिन केंद्र सरकार उस पर बैठी हुई है."

वे कहते हैं, "मुझे अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है कि आतंकवाद के आकाओं को इस सरकार से यही संदेश मिलता है कि सरकार वोट की राजनीति करने के कारण पूरी सख़्ती से कार्रवाई नहीं कर सकती."

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री शकील अहमद ने बीबीसी से एक विशेष बातचीत में कहा कि "बंगलौर में हुए धमाकों के बाद हाइ अलर्ट घोषित किया गया था, सभी जानते हैं कि क़ानून-व्यवस्था राज्य सरकारों का मामला है, मुझे लगता है कि राज्य सरकार के अधिकारियों ने इसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया, उन्होंने नहीं सोचा कि ऐसे धमाके उनके राज्य में भी हो सकते हैं."

 सभी जानते हैं कि क़ानून-व्यवस्था राज्य सरकारों का मामला है, मुझे लगता है कि राज्य सरकार के अधिकारियों ने इसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया, उन्होंने नहीं सोचा कि ऐसे धमाके उनके राज्य में भी हो सकते हैं
शकील अहमद, गृह राज्य मंत्री

इसके जवाब में रविशंकर प्रसाद कहते हैं, "यह इस तरह के आरोप लगाने का समय नहीं है, राज्य सरकारों को बहुत सामान्य सी चेतावनी भेजी गई थी, वह कोई स्पष्ट सूचना नहीं थी. यह समय नहीं है इस तरह की बात करने का, आतंकवाद से लड़ने के लिए संकल्प शक्ति की ज़रूरत है, दलगत राजनीति से ऊपर उठने की ज़रूरत है."

गृह राज्य मंत्री शकील अहमद ने कहा, "प्रधानमंत्री ने पहले भी कहा है कि भारत में केंद्रीय पुलिस बल की ज़रूरत है, असल में भारत सरकार किसी राज्य सरकार की मर्ज़ी के बिना केंद्रीय बल का एक जवान भी राज्य में नहीं भेज सकती और कई मुख्यमंत्री केंद्रीय बलों को अपने क्षेत्राधिकार में हस्तक्षेप की तरह देखते हैं."

गृह राज्य मंत्री ने कहा, "हम इस मामले पर कोई राजनीति नहीं चाहते हैं, यह सिर्फ़ गुजरात पर हमला नहीं है पूरे देश पर हमला है और इस मामले में पूरी तरह से राज्य सरकार के साथ हैं."

दिलचस्प है कि दोनों नेता राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की बात कर रहे हैं लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है.

इससे जुड़ी ख़बरें
'आईटी उद्योग को सीआईएसएफ़ सुरक्षा'
26 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस
बंगलौर में कई धमाके, दो की मौत
25 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>