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'आईटी उद्योग को सीआईएसएफ़ सुरक्षा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सूचना प्रोद्योगिकी (आईटी) उद्योग के सबसे बड़े केंद्र बंगलौर में 25 जुलाई को सिलसिलेवार धमाकों के बाद वहाँ के आईटी उद्योग को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ़) की सुरक्षा देने के संकेत हैं. केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि बंगलौर में आईटी उद्योग को सीआईएसएफ़ का सुरक्षा घेरा देने के लिए क़ानून में ज़रूरी संशोधन किया जाएगा. मौजूदा क़ानून के तहत सीआईएसएफ़ के जवानों को सिर्फ़ सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में ही लगाया जा सकता है. हालाँकि बंगलौर पुलिस ने आईटी उद्योग की चिंता यह कहकर कम करने की कोशिश की है कि इसका निशाना आईटी उद्योग नहीं था. राज्य पुलिस का कहना है कि कोई छोटा समूह है जो शहर में ख़ौफ़ पैदा करने की कोशिश कर रहा है. बंगलौर में शुक्रवार की दोपहर हुए एक के बाद एक सात विस्फोटों में दो लोग मारे गए थे और सात अन्य लोग घायल हो गए थे. ये कम शक्तिशाली धमाके थे. कुछ भारतीय समाचार चैनलों पर शनिवार को भी बंगलौर में एक बम मिलने की ख़बर दिखाई गई है. 'राजनीति नहीं, जाँच करें'
केंद्रीय गृहमंत्री पाटिल ने तत्काल इस बात का भरोसा दिलाया है कि आईटी कंपनियों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी और शहर के तमाम प्रमुख प्रतिष्ठानों को सीआईएसएफ़ की सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. उन्होंने कहा, "सीआईएसएफ़ को आईटी पार्क की सुरक्षा करने की इजाज़त देने की माँग उठी है. हम इससे सहमत हैं. लेकिन क़ानून इस सुरक्षा बल को सिर्फ़ सार्वजनिक उपक्रमों की सुरक्षा की अनुमति देता है इसलिए हम क़ानून में संशोधन करने वाले हैं ताकि आईटी कंपनियों को ज़रूरी सुरक्षा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके." वहीं केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने राज्य सरकार से आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर जाँच के काम पर ध्यान देने को कहा है. उन्होंने कहा, "राज्य सरकार को इस समय राजनीति में नहीं उलझना चाहिए. उन्हें ऊँगलियाँ उठाने के बदले अपराधियों को पकड़ने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए." लेकिन ख़ुद उन्होंने ही यह कहा कि भारतीय जनता पार्टी को यह याद रखना चाहिए कि कर्नाटक का शासन कौन चला रहा है और कौन राज्य की विधि-व्यवस्था देख रहा है. हालाँकि जायसवाल ने कहा, "जब तक जाँच पूरी नहीं हो जाती है किसी को इसके लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता." बंगलौर की प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो और इंफोसिस ने अपने कर्मचारियों के पूरी तरह सुरक्षित होने के बारे में जानकारी दी है और कहा है कि उनलोगों ने अपनी इकाइयों की सुरक्षा पहले से बढ़ा दी है. धमाकों की भर्त्सना
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बंगलौर में हुए बम धमाकों की भर्त्सना की है. इनलोगों ने अपने बयान में इन धमाकों को देश के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के लिए की कई क़ायराना हरकत बताया है. राष्ट्रपति पाटिल ने धमाकों में हुई मौतों पर शोक जताया है और कहा कि इसका मक़सद देश में शांति का माहौल ख़राब करना था. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने धमाकों में मारे गए लोगों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए और घायलों को पचास हज़ार रुपए की आर्थिक सहायता देने की स्वीकृति दी है. दूसरी तरफ़ संसद में मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने बंगलौर धमाकों के केंद्र सरकार पर तीख़े हमले किए लेकिन सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की अगुआ कांग्रेस ने उसके आरोपों को ख़ारिज़ कर दिया है. भाजपा ने इन हमलों के लिए केंद्र को जिम्मेवार ठहराया है. उसका कहना है कि आतंकवादियों के जाल को बेनक़ाब करने में केंद्र की विफलता के कारण ऐसा हो रहा है. वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी सरकार पर इस तरह की वारदातों के लिए जवाबदेह लोगों को पकड़ने में नाकामी का आरोप लगाया है. जनता दल सेकुलर के नेता एचडी देवगौड़ा ने केंद्र और राज्य सरकार से राजनीतिक मतभेद भुलाकर आतंकवाद का मुक़ाबला करने की अपील की है. |
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