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'खून ही खून फैला हुआ था' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई के मझगांव के पास एक टैक्सी में धमाका हुआ है और उस समय सलाम काज़ी वहीं मौजूद थे. मझगांव बाड़ीबंदर इलाक़े में हुई घटना का ब्यौरा देते हुए प्रत्यक्षदर्शी काज़ी ने बताया कि धमाका ज़बर्दस्त था और टैक्सी के परखचे उड़ गए. उनका कहना था कि टैक्सी में बैठे तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और आसपास कई लोग घायल भी हुए हैं. जहां टैक्सी में धमाका हुआ काज़ी उससे अधिक दूर नहीं थे और वो धमाके के स्थान पर पहुंच गए. काज़ी का कहना है कि मुंबई के अन्य इलाक़ों में लोग जल्दी जल्दी अपने घरों की ओर लौट रहे हैं. उन्होंने बताया कि जल्दी ही पुलिस आ गई थी और उसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी पहुंच गई. वीटी स्टेशन के प्रत्यक्षदर्शी मुंबई के वीटी स्टेशन पर भी हमला हुआ है. इस घटना के दौरान एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी दीपक शर्मा ने फोन पर बताया कि जब वो वीटी स्टेशन पर पहुंचे तो उन्हें गोलियों की आवाज़ें सुनाई दीं और उस समय क़रीब दस बजे थे. उनका कहना था कि प्लेटफॉर्म पर खून ही खून मौजूद था. दीपक सीआरपीएफ में कांस्टेबल हैं और अपनी ड्यूटी ख़त्म कर के वीटी स्टेशन पर अपनी ट्रेन पकड़ने जा रहे थे. उनका कहना था, '' मुझे घर जाना था तो वीटी स्टेशन की ट्रेन पकड़ने गया. जब मैं पहुंचा तो गोलियों की आवाज़ चल रही थी और लोग भाग रहे थे. पूरी भगदड़ मची हुई थी. कुछ पता नहीं चल रहा था कि कौन कहां जा रहा था.'' रोहित ने बताया कि गोलियां चलाने वाले आम लोगों के साथ ही थे और उन्होंने संभवत अचानक गोलियां चलानी शुरु की. इस प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार वीटी स्टेशन पर कुछ लोग भी मारे गए हैं लेकिन वो ये नहीं बता पाए कि स्टेशन के ये हमलावर बच निकले हैं या मारे गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें दक्षिण मुंबई में कई जगह चरमपंथी हमले, 40 मारे गए26 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस आला पुलिस अधिकारियों की मौत26 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'मैंने गोलियों की आवाजें सुनीं'26 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस केंद्र ने कमांडो और सेना के जवान भेजे26 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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