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केंद्र ने कमांडो और सेना के जवान भेजे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने 200 एनएसजी कमांडो, सेना के 50 कमांडो और सेना की पाँच टुकड़ियाँ भेजी हैं. केंद्रीय शिवराज पाटिल ने देर रात दिल्ली में पत्रकारों से हुई चर्चा में बताया कि सेना और नौसेना को तैयार रहने को कहा गया है. उनका कहना था कि अगर महाराष्ट्र सरकार को आवश्यकता महसूस हुई तो केंद्र सरकार और सहायता वहाँ भेजने की तैयारी में है. केंद्रीय गृहमंत्री का कहना था कि महाराष्ट्र पुलिस महानिदेशक से लेकर मुंबई के पुलिस कमिश्नर तक सभी छोटे बड़े अधिकारी घटनास्थल पर हैं और कार्रवाई का दिशा निर्देशन कर रहे हैं. उनका कहना था कि पुलिस कमिश्नर से मिली जानकारी के अनुसार कई जगह चरमपंथी घुसे हुए हैं और उनके पास अत्याधुनिक हथियार हैं. पुलिस कमिश्नर से हुई बातचीत का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि ताज होटल, ऑबराय होटल, रेलवे स्टेशन और एक और बिल्डिंग के ऊपर चार-पाँच चरमपंथी हैं और उन्होंने लोगों को बंधक बनाकर रखा है. शिवराज पाटिल के अनुसार चरमपंथियों ने कई जगह अंधाधुंध गोलियाँ चलाई हैं और बहुत से लोगों को घायल किया है लेकिन अभी उनकी संख्या का पता नहीं चल सका है. केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि अभी यह अनुमान लगाना ठीक नहीं होगा कि इन घटनाओं के पीछे कौन है. उन्होंने गुरुवार की सुबह घटना के विस्तृत विवरण देने की बात कही है. |
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