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उ.कोरिया ने सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी है कि वो इस सप्ताह संभावित रॉकेट परीक्षण को रोकने की कोशिश न करे. अपनी चेतावनी में उत्तर कोरिया ने कहा है कि इसी सप्ताह के अंत में उनकी ओर से एक लंबी दूरी तक जाने वाले रॉकेट का परीक्षण किया जाना है और इस परीक्षण को रोकने की कोशिश उत्तर कोरिया को नागवार है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपना तर्क रखते हुए उत्तर कोरिया के उप राजदूत, पाक टोक हूं ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उत्तर कोरिया अपनी चेतावनी में क्या क़दम उठा सकता है. उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि उत्तर कोरिया की ओर से जो भी क़दम उठाए जाएंगे वे ज़रूरी और कठोर होंगे. उन्होंने एकबार फिर दोहराया कि उत्तर कोरिया की ओर से किया जा रहा रॉकेट परीक्षण दरअसल, एक उपग्रह को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित करने की कोशिश के लिए है, न कि किसी सामरिक कारण से. दरअसल, उत्तर कोरिया के रॉकेट परीक्षणों के बारे में अमरीका और दक्षिण कोरिया ने कहा है कि ये मिसाइल परीक्षण को ढंकने का प्रयास है. पर उत्तर कोरिया का कहना है कि उसके एक रॉकेट ने उपग्रह को कक्षा में पहुँचाया है. उत्तर कोरिया की ओर से सुरक्षा परिषद को ताज़ा चेतावनी अमरीकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया के इस भड़काऊ क़दम के ख़िलाफ़ सुरक्षा परिषद को अपने स्तर पर कठोर क़दम उठाने चाहिए. सुरक्षा परिषद में उत्तर कोरिया के मसले पर बातचीत का सिलसिला अभी भी जारी है. हालांकि इससे पहले बातचीत की कोशिश नाकाम रही थी क्योंकि रूस और चीन बाकी सदस्यों के तर्क से पूरी तरह से सहमत नहीं थे. सहमति नहीं अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया सुरक्षा परिषद के अक्टूबर, 2006 के प्रस्ताव का हवाला दे रहे हैं जिसमें उत्तर कोरिया की बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियों पर पाबंदी लगाई गई है.
अमरीका और यूरोपीय संघ ने कहा है कि रॉकेट परीक्षण पर सुरक्षा परिषद की ओर से कड़ा जवाब आना चाहिए लेकिन चीन और रूस ने संयम बरतने की बात कही है. अमरीका, यूरोपीय संघ, जापान और दक्षिण कोरिया ने परीक्षण की कड़ी आलोचना की है. अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उत्तर कोरिया से ‘ऐसे और भड़काऊ कामों से बचने को कहा है.’ राष्ट्रपति ओबामा ने कहा,'' उत्तर कोरिया ने रॉकेट प्रक्षेपित करके सभी नियम तोड़े हैं और इनका इस्तेमाल लंबी दूरी की मिसाइल में किया जा सकता है. ऐसा करके उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क़ानून तोड़ा है." अमरीकी और दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का कहना है कि उत्तर कोरिया अपने उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजने में भी सफल नहीं रहा है. उनका कहना था कि रॉकेट परीक्षण असफल रहा है और इसके कुछ हिस्से प्रशांत महासागर में गिरे हैं. उत्तर कोरिया ने रविवार सुबह कहा था कि उसने एक रॉकेट के माध्यम से उपग्रह सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया है और और उसे आँकड़े भी मिल रहे हैं. उत्तर कोरिया ने कुछ दिन पहले अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरणों को सूचित किया था कि वो शनिवार से बुधवार के बीच अंतरिक्ष में उपग्रह को कक्षा में ले जाने के लिए रॉकेट का प्रक्षेपण करेगा. इससे पहले उत्तर कोरिया ने 2006 में मिसाइल का परीक्षण किया था जो कुछ सैंकंड तक हवा में रहने के बाद गिर गई थी. माना जा रहा है कि ऐसे किसी परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया के पास ऐसी मिसाइलें हो जाएंगी जो अमरीका के अलास्का क्षेत्र तक मार कर सकेंगी. |
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