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उत्तर कोरिया: अमरीका की नई पेशकश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की विदेश मंत्री बनने के बाद एशिया के दौरे से पहले हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि उत्तर कोरिया यदि अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम छोड़ दे तो अमरीका उसके साथ संबंध सामान्य करने के लिए तैयार है. न्यूयॉर्क स्थित एशिया सोसाइटी में भाषण देते हुए हिलेरी क्लिंटन ने उत्तर कोरिया को उकसाने वाली कार्रवाई से बचने की चेतावनी दी. हिलेरी क्लिंटन एक हफ़्ते के लिए चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया का दौरा करेंगी. बीबबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा 60 साल में पहली बार हो रहा है कि किसी अमरीकी विदेश मंत्री ने अपने पहले दौरे के लिए एशिया को चुना है. स्थायी शांति समझौता हिलेरी क्लिंटन ने साथ ही कहा कि उत्तर कोरिया यदि अपनी नीति में परिवर्तन लाता है तो इसके बदले अमरीका उसके साथ एक स्थायी शांति समझौता और उसकी ऊर्जा तथा आर्थिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए मदद करना चाहेगा. उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को क्लिंटन ने "पूर्वोत्तर एशिया के लिए सबसे जटिल चुनौती बताया." उन्होंने कहा कि इस मामले पर छह पक्षों की वार्ता में शामिल देशों को आगे बढ़ने के लिए मिलकर काम करने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया किस विकल्प को चुनता है, इस पर बहुत कुछ निर्भर करता है. उनका ये भी कहना था कि पूर्वी एशिया के साथ सहयोग और साझेदारी मज़बूत बनाने के लिए अमरीका प्रतिबद्ध है. हिलेरी का पूर्वी एशिया का दौरा ऐसे समय हो रहा है जब क्षेत्रीय मीडिया में अटकलें लगाई जा रही हैं कि उत्तर कोरिया लंबी दूरी की एक मिसाइल का परीक्षण करने की योजना बना रहा है. पूर्वी एशिया का दौरा एशियाई दौरे से पहले क्लिंटन ने बीबीसी से कहा कि उत्तर कोरिया की परमाणु योजनाएँ, आर्थिक संकट और जलवायु परिवर्तन उनके एजेंडे में शीर्ष पर होंगे. अमरीकी विदेश मामलों के वाशिंगटन स्थित संवाददाता किम घट्टास का कहना है कि क्लिंटन की यात्रा के पड़ावों से उस क्षेत्र में अमरीकी रिश्तों की विविधताओं का पता चलता है. हिलेरी ने बीबीसी से कहा, "एशिया जाना इस बात का संकेत है कि अमरीका महज़ अटलांटिक पार की ताक़त नहीं है, बल्कि प्रशांत महासागर पार भी अमरीका का प्रभाव है." उन्होंने कहा, "सहयोग के लिए हम ऐसे साझेदार और अवसर पैदा करने की संभावनाएँ तलाश रहे हैं, जो हमारे राष्ट्रीय हितों और मूल्यों में भरोसा रखते हैं." अमरीका और चीन हिलेरी क्लिंटन ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि अमरीका, चीन के साथ और अधिक सहयोग के लिए उत्सुक है. कुछ लोगों के चीन विरोधी नज़रिए के बावज़ूद क्लिंटन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा जैसे मामलों में चीन के साथ अच्छे संबंध विकसित करने की संभावनाएँ है. हिलेरी ने कहा, "ओबामा प्रशासन और दुनियाभर में उसके साझेदारों की हार्दिक इच्छा है कि ढेर सारी साझा समस्याओं के समाधान के लिए हम मिलकर काम करें." हिलेरी ने कहा, "जलवायु परिवर्तन, सार्वभौमिक बचाव, परमाणु अप्रसार ये सभी वह ख़तरे और चुनौतियाँ हैं जिनका हम सामना कर रहे हैं. हम बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अतीत में दोनों देशों के बीच समझौते अर्थव्यवस्था पर केंद्रित रहे हैं, लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि हिलेरी क्लिंटन और अमरीकी विदेश मंत्रालय इन संबंधों को व्यवस्थित करने के लिए आगे बढ रहा है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि साठ वर्षों में ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि पदभार ग्रहण करने के बाद कोई अमरीकी विदेशमंत्री अपनी पहली यात्रा पर एशिया जा रहा है. |
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