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अमरीकी पत्रकारों को गिरफ़्तार किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया ने दो अमरीकी महिला पत्रकारों हिरासत में लेने की बात स्वीकार करते हुए आरोप लगाया है कि दोनों अवैध रूप से उत्तर कोरियाई सीमा में घुस आई थीं. उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार संस्था सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी ने कहा है कि दोनों महिलाओं को मंगलवार को चीनी सीमा के पास गिरफ़्तार किया गया था. गिरफ़्तार पत्रकारों के नाम लाउरा लिंग और इउना ली बताए जा रहे हैं. लाउरा चीनी मूल की अमरीकी है, जबकि इउना कोरियाई मूल की अमरीकी हैं. दोनों ही अमरीकी ऑनलाइन मीडिया कंपनी करेंट टीवी के लिए काम करती हैं. दोनों पत्रकारों के साथ मौजूद एक चीनी दुभाषिए को भी गिरफ़्तार किया गया है. आरोप-प्रत्यारोप दक्षिण कोरियाई राजधानी सोल के पादरी चुन कीवोन ने पत्रकारों के दौरे का प्रबंध किया था. उनका कहना है कि दोनों पूर्वोत्तर चीन में रह रहे उत्तर कोरियाई शरणार्थियों की दशा पर रिपोर्ट बनाने के लिए उस इलाक़े में गए थे. उत्तर कोरियाई अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए पत्रकारों के मामले की जाँच की जा रही है. हालाँकि दक्षिण कोरिया से मिल रही रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि पत्रकार चीनी ज़मीन पर थे. इससे पहले उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया की सेना के साथ सीमा पार टेलीफ़ोन हॉटलाइन को फिर से बहाल करने की घोषणा की थी. दक्षिण कोरिया और अमरीका के संयुक्त युद्धाभ्यास के विरोध में उत्तर कोरिया ने पिछले दिनों हॉटलाइन सेवा खत्म कर दी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तर-दक्षिण कोरिया में सैन्य संपर्क बहाल21 मार्च, 2009 | पहला पन्ना 'सैटेलाइट को छुआ तो युद्ध तय'09 मार्च, 2009 | पहला पन्ना दक्षिण और उत्तर कोरिया आमने-सामने06 मार्च, 2009 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया 'रॉकेट प्रक्षेपित करेगा'24 फ़रवरी, 2009 | पहला पन्ना उत्तर कोरिया: अमरीका की नई पेशकश14 फ़रवरी, 2009 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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