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लेबनान के भीतर भीषण लड़ाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली सैनिकों और दक्षिणी लेबनान में हिज़बुल्ला के लड़ाकों के बीच गुरूवार को दिन में भारी लड़ाई होने की ख़बरें हैं और यह लड़ाई लेबनान के भीतर हो रही है. इससे पहले रात में इसराइली विमानों ने बमबारी जारी रखी. इसराइली विमानों ने रात में और तड़के विभिन्न ठिकानों पर 80 हमले किए. इसराइल का कहना है इन हमलों में एक का निशाना बेरूत के दक्षिणी इलाक़े में स्थित एक बंकर था जिसका हिज़बुल्ला नेता करते हैं, लेकिन हिज़बुल्ला ने कहा है कि बम एक ख़ाली मस्जिद पर आकर गिरे. लेबनान में संयुक्त राष्ट्र की सेना के साथ मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि लेबनान में इसराइली सीमा के निकटवर्ती इलाक़ों में भीषण लड़ाई हो रही है. लेबनान में फँसे भारतीय: तस्वीरों में इसराइली सेना ने कहा है कि उसके कम से कम दो सैनिक घायल हुए हैं. हिज़बुल्ला ने कहा है कि उसके लड़ाकों ने इसराइल के दो टैंक ध्वस्त कर दिए हैं, हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हूई है. मानवीय संकट लेबनान में राहत कार्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत संयोजक जान इगेलैंड ने कहा है कि वहाँ हर घंटे मानवीय स्थितियाँ बद से बदतर होती जा रही हैं. यान इगेलैंड ने बीबीसी को बताया कि इस लड़ाई का आम लोगों पर इसलिए बुरा असर पड़ रहा है क्योंकि हिज़बुल्ला के लड़ाके इस लड़ाई को रिहायशी इलाक़ों में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं.
यान इगेलैंड ने यह भी कहा है कि न तो हिज़बुल्ला और न ही इसराइल इस लड़ाई में आम लोगों की मुश्किलों की परवाह कर रहे हैं. इगेलैंड का कहना है कि इस लड़ा में जो लोग हताहत हुए हैं उनमें से लगभग एक तिहाई बच्चे हैं और घायलों की इसलिए मदद नहीं की जा सकती है क्योंकि इसराइल के हवाई हमलों में बहुत सी सड़कें और पुल नष्ट हरो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहत कोष बनाने के लिए इस सप्ताह के अंत तक एक अंतरराष्ट्रीय अपील जारी करने की तैयारी कर रहा है. शांति की अपील उधर लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा ने इस संघर्ष को ख़त्म कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा है कि उनका देश तबाह हो रहा है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए मानवीय सहायता तुरंत मुहैया कराने की अपील भी की है. हालांकि इसराइल की कार्रवाई से लगता नहीं कि उन्होंने इस अपील पर कोई ध्यान दिया है. बुधवार की देर रात इसराइली विमानों ने दक्षिणी बेरुत में 23 टन बम गिराए हैं. इसराइल का कहना है कि ये बम हिज़बुल्ला के बंकर पर गिराए गए. लेबनानी प्रधानमंत्री ने टीवी पर एक अपील में कहा कि पिछले आठ दिनों से जारी हमले में 300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और पाँच लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं. राहत संस्थाओं ने लेबनान की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए आनेवाले दिनों में स्थिति बिगड़ने की चेतावनी दी है और कहा है कि विस्थापित लोगों के लिए पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद ज़रुरी है. इस बीच विभिन्न देशों ने अपने नागरिकों को लेबनान से निकालने की कोशिशें शुरू कर दी हैं. लेबनान में बसे भारतीयों को निकालने के लिए एक भारतीय जहाज़ राजधानी बेरूत पहुँच चुका है. एक भारतीय नौसैनिक अधिकारी ने बताया कि इस जहाज़ पर लगभग 700 लोगों के स्वदेश लौटने की संभावना है. हज़ारों लोग साईप्रस की तरफ़ भी जा रहे हैं जहाँ सरकार ने कहा है कि भारी भीड़ को देखते हुए वह शायद इस संकट का सामना नहीं कर सके. |
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