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इसराइल के हमले जारी, संयुक्त राष्ट्र चिंतित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने देर रात दक्षिणी लेबनान में हिज़बुल्ला के ठिकानों पर लगातार हवाई हमले किए हैं जबकि संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में मानवीय त्रासदी जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई है. इसराइली सेना का कहना है कि बेरुत में चरमपंथियों के मुख्यालय को एक बार फिर निशाना बनाया गया है और साथ ही पूर्वी शहर बालबेक में हथियारों के गोदाम और रॉकेट से भरे ट्रकों पर भी हमले किए गए हैं. इस बीच हिज़बुल्ला ने उत्तरी इसराइल के कुछ हिस्सों पर रॉकेट दागे हैं. इसराइल ने अपने हमले जारी रखते हुए साफ कर दिया है कि जब तक उसके दोनों सैनिकों को हिज़बुल्ला छोड़ नहीं देता तब तक यह कार्रवाई नहीं रुकेगी. पिछले छह दिनों में इसराइली हमलों में 200 से अधिक लेबनानी मारे जा चुके हैं. हिज़बुल्ला की जवाबी कार्रवाई में अभ तक 24 इसराइली मारे गए हैं. संयुक्त राष्ट्र के आपात राहत मामलों के संयोजक ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो मानवीय त्रासदी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है क्योंकि लेबनान में भारी संख्या में लोग अपने घरों से पलायन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री की घोषणा इससे पहले सोमवार को इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट ने घोषणा की थी कि जब तक उनकी माँगे नहीं मान ली जातीं, लेबनान में सैन्य अभियान जारी रहेगा. कल रात इसराइली हमले में 10 लोगों की मौत उस वक़्त हुई जब ये नागरिक एक पुल को पार कर रहे थे और उनके वाहनों पर मिसाइल से हमला किया गया. इसके अलावा लेबनान की राजधानी बेरुत, उत्तरी शहर त्रिपोली और पूर्वी शहर बालबेक पर भी हमले हुए हैं. इसराइल के हाइफ़ा नगर पर भी रॉकेट से हमला किया गया.ये रॉकेट एक इमारत पर जाकर गिरा. लेबनान के दक्षिणी हिस्से से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं. इधर यूरोपीय संघ ने तत्काल संघर्ष विराम करने को कहा है और आम लोगों के मारे जाने पर चिंता जताई है. अंतरराष्ट्रीय शांतिबल संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा था कि इसराइल पर हो रहे हिज़बुल्ला के हमलों को रोकने के लिए लेबनान में अंतरराष्ट्रीय शांतिबल तैनात किया जाना चाहिए. ये बात दोनों ने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर में कही जहाँ जी-आठ सम्मेलन हो रहा है. कोफ़ी अन्नान ने इसराइल-लेबनान संघर्ष को तुरंत ख़त्म करने का आग्रह किया. साथ ही उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत आम नागरिकों की सुरक्षा के बारे में सोचा जाना चाहिए. सेंट पीटर्सबर्ग में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लेबनान में पहले से ही करीब दो हज़ार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा बल तैनात हैं, ऐसे में कोफ़ी अन्नान के इस प्रस्ताव से कई नए सवाल खड़े हो गए हैं. लेबनान पर हमले उस वक़्त शुरू किए गए जब पिछले हफ़्ते बुधवार को दो इसराइली सैनिकों को हिज़्बुल्ला ने अगवा कर लिया था और एक छापे में आठ अन्य को मार दिया था. |
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